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'हंगामे की भेंट न चढ़ जाए यूपी का विधानसभा सत्र', BSP प्रमुख मायावती ने किया सावधान

बहुजन समाज (बीएसपी) प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश के अल्पकालीन विधानसभा सत्र की उपादेयता को लेकर आशंकाएं जाहिर की हैं। उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों को सावधान करते हुए सलाह दी है। लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बी…

Navbharat Times के अनुसार3 अगस्त 2026 को 05:18 am बजे
'हंगामे की भेंट न चढ़ जाए यूपी का विधानसभा सत्र', BSP प्रमुख मायावती ने किया सावधान

सौजन्य से:- Navbharat Times

बहुजन समाज (बीएसपी) प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश के अल्पकालीन विधानसभा सत्र की उपादेयता को लेकर आशंकाएं जाहिर की हैं। उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों को सावधान करते हुए सलाह दी है।

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की प्रमुख मायावती ने आज से शुरू हो रहे उत्तर प्रदेश के विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर कई आशंकाए जाहिर की हैं और सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस अति अल्पकालीन सत्र को लेकर कहा है कि यह हंगामे की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए। विधानसभा सत्र जनकल्याण और देश हित के लिए समर्पित होना चाहिए।

बीएसपी प्रमुख मायावती ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा है कि, 'उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र आज दिनांक 3 अगस्त से शुरू हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक कुल मिलाकर चार कार्य दिवस वाले इस सत्र में अगले दिन 4 अगस्त को सरकारी खर्चे सम्बंधी अनुपूरक बजट राज्य सरकार विधानसभा में पेश करेगी।'

संसद के सत्र से की तुलना

बसपा प्रमुख ने लिखा है कि,' हालांकि यह सत्र अति-अल्पकालीन है, फिर भी लोगों की यही अपेक्षा है कि यूपी विधानमंडल का यह सत्र, संसद के वर्तमान सत्र की तरह ही, देश व जनहित, जनकल्याण एवं ज्वलंत जन समस्याओं के प्रति समर्पित होने के बजाय, संकीर्ण दलगत राजनीति, खींचतान, आरोप-प्रत्यारोप व हंगामा आदि की पूरी तरह से भेंट ना चढ़ जाए।'

विधायिका का संवैधानिक प्रभाव कम न हो

मायावती ने लिखा है, 'वैसे इस अल्पकालीन सत्र को लेकर लोगों की यह चिंता भी स्वाभाविक ही है कि अफसरशाही (ब्यूरोक्रेसी) को संविधान की शपथ के प्रति जवाबदेह एवं जनहित, जनकल्याण को लेकर उत्तरदायी बनाए रखने के लिए जरूरी है कि विधायिका का संवैधानिक प्रभाव किसी भी प्रकार से कम ना होने पाए। इसके लिए यूपी के विधानमंडल का लगातार घटते सत्र के साथ-साथ विधानसभा का इतना संक्षिप्त सत्र क्या अपना वास्तविक उद्देश्य हासिल कर पाएगा या फिर केवल औपचारिकता ही रह जाएगी?'

उन्होंने कहा है कि, 'देश के संविधान व यहां लोकतंत्र की मजबूती तथा अफसरशाही पर लगाम के लिए विधायिका की मजबूती अति-महत्वपूर्ण है और इसके लिए सरकार व विपक्ष दोनों का गंभीर संसदीय आचरण जरूरी।'

अयोध्या और रामपुर के मुद्दों पर विपक्ष का तेज धार

उत्तर प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू होगा। इस चार दिन के संक्षिप्त सत्र में यूपी सरकार अपनी उपलब्धियों और विकास के बारे में विस्तार से जानकारी देना चाहती है। दूसरी तरफ विपक्षी दलों ने सरकार के सामने कई सवालों खड़े करके उसे घेरने की तैयारी कर ली है। इसमें अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के अलावा रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की फिराक में है। माना जा रहा है कि सदन में अनुपूरक अनुदान बजट पेश किए जाने के साथ ही सियासी घमासान शुरू हो जाएगा।

चार दिन चलने वाले मानसून सत्र का अंतिम दिन गुरुवार होगा। सत्र में पहले दिन दिवंगत नेताओं और विशिष्ट व्यक्तियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। दूसरे दिन मंगलवार को दोपहर 12:20 बजे सरकार अनुपूरक बजट सदन में पेश करेगी। इसके बाद विभिन्न अध्यादेशों और विधेयकों को सदन में रखा जाएगा। बुधवार को विधायी कार्य होंगे। गुरुवार को अनुपूरक अनुदानों पर चर्चा, मांगों पर विचार और मतदान के साथ संबंधित विनियोग विधेयक पास कराए जाएंगे।

लेखक के बारे मेंसूर्यकांत पाठकसूर्यकांत पाठक, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में कंसल्टेंट हैं। वे जून 2025 से टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े हैं। सूर्यकांत पाठक एनबीटी डिजिटल में बिहार डेस्क पर सेवाएं दे रहे हैं। सूर्यकांत समाचार विश्लेषण, संपादकीय लेखन, कला समीक्षा, नाट्य और संगीत समीक्षा, पर्यावरण से जुड़े मुद्दों, सामाजिक मुद्दों और राजनीतिक मुद्दों पर धारदार कलम चलाते हैं। वे 31 साल से पत्रकारिता कर रहें हैं। इस लंबी अवधि में उन्होंने कई वर्षों तक अलग-अलग माध्यमों के लिए रिपोर्टिंग की है। कई लोकसभा चुनावों के अलावा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनावों को कवर किया है। कई बड़े सांस्कृतिक, साहित्यिक आयोजनों को भी कवर किया है। उन्होंने कई दिग्गज कलाकारों, राजनीतिज्ञों, साहित्यकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साक्षात्कार किए हैं।

सूर्यकांत पाठक ने ग्राउंड रिपोर्टिंग के अलावा कई वर्षों तक डेस्क पर संपादन की जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने सभी समाचार माध्यमों प्रिंट मीडिया, रेडियो, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दी हैं। वे इस दौरान रिपोर्टिंग के अलावा विभिन्न डेस्कों पर अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते रहे हैं। वे समय-समय पर स्थानीय समाचार डेस्क के अलावा, देश-प्रदेश, अंतरराष्ट्रीय समाचार, फीचर डेस्क और चुनाव डेस्क के लिए भी काम करते रहे हैं।

सूर्यकांत पाठक विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग और समाचार लेखन करते रहे हैं। वे हमेशा अपनी रपट में खबर से पीछे और खबर से आगे के तथ्यों को भी शामिल करते हैं। इससे उनकी खबरों में समग्रता होती है। वे एक अच्छे 'स्टोरी टेलर' हैं और उनके लेखन में दृश्यात्मकता है, जिससे उनकी रपट अधिक प्रभावी बन जाती है।

पत्रकारिता अनुभव

सूर्यकांत पाठक ने पत्रकारिता के करियर की शुरुआत ऑल इंडिया रेडियो- सागर में कैजुअल एनाउंसर/कंपेयर के रूप में सन 1993 में की थी। सन 1995 में दैनिक समाचार पत्र दैनिक भास्कर के सागर ब्यूरो में रिपोर्टर नियुक्त हुए। बाद में भोपाल में भी इसी पद पर काम किया। सन 1997 में प्रतिष्ठित हिंदी दैनिक नईदुनिया के इंदौर संस्करण में रिपोर्टर/सब एडिटर का दायित्व संभाला। इसके बाद सन 2003 में अमर उजाला- जम्मू में सीनियर रिपोर्टर नियुक्त हुए। सन 2005 में उन्होंने ईटीवी ज्वाइन किया और उन्हें जबलपुर में पूर्वी मध्य प्रदेश के ब्यूरो चीफ का जिम्मा दिया गया।

सन 2006 में दैनिक भास्कर-भोपाल में न्यूज एडिटर के रूप में फिर से प्रिंट मीडिया में काम शुरू किया। सन 2009 में पीपुल्स समाचार - भोपाल में न्यूज एडिटर के रूप में ज्वाइन किया। इसके बाद उन्होंने सन 2010 में लोकमत समाचार-औरंगाबाद (महाराष्ट्र) में न्यूज एडिटर का जिम्मा संभाला। उन्होंने जुलाई 2015 में एनडीटीवी इंडिया (डिजिटल)-नई दिल्ली में न्यूज एडिटर के रूप में ज्वाइन किया और 2017 में डिप्टी एडिटर बने। जनवरी 2025 में वे एनडीटीवी में सेवानिवृत्त हुए।

सूर्यकांत पाठक ने डॉ हरिसिंह गौर सेंट्रल यूनिवर्सिटी, सागर से बीए, एमए -परफॉर्मिंग आर्ट (थिएटर), बीसीजे और एसजेसी की डिग्रियां ली हैं। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ (छत्तीसगढ़) से हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन में डिप्लोमा किया है। उन्होंने भारत भवन- भोपाल पर रिसर्च की है। उन्होंने'बच्चों पर केबिल टेलिविजन का असर' विषय पर लघु शोध किया है। इंदौर की गंदी बस्तियों में लोगों के जीवन स्तर पर एक वृहत सर्वे किया है।

अवॉर्ड/अचीवमेंट्स

बेस्ट रिपोर्टर (प्रेस क्लब -सागर), बेस्ट सिटी एडिटर (लोकमत समाचार, महाराष्ट्र), ज्वाला प्रसाद ज्योतिषी पत्रकारिता अलंकरण (सागर), नारद मुनि सम्मान (इंदौर), भुवन भूषण देवलिया पत्रकारिता पुरस्कार (भोपाल) सहित सूर्यकांत पाठक को कई पुरस्कार मिले हैं।... और पढ़ें

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