होमधर्म-आस्थालखनऊ नगर निगम में BJP के बीच सियासी घमासान, दिल्ली तक पहुंचा मामला
धर्म-आस्था

लखनऊ नगर निगम में BJP के बीच सियासी घमासान, दिल्ली तक पहुंचा मामला

लखनऊ नगर निगम में BJP के बीच सियासी घमासान, दिल्ली तक पहुंचा मामला Lucknow News In Hindi: लखनऊ नगर निगम में बजट विवाद में मेयर सुषमा खर्कवाल के समर्थन में 60 से ज्यादा बीजेपी पार्षद उतरे. पार्टी की छवि खराब करने वाले पार…

ABP News के अनुसार9 अगस्त 2026 को 07:18 am बजे
लखनऊ नगर निगम में BJP के बीच सियासी घमासान, दिल्ली तक पहुंचा मामला

सौजन्य से:- ABP News

लखनऊ नगर निगम में BJP के बीच सियासी घमासान, दिल्ली तक पहुंचा मामला

Lucknow News In Hindi: लखनऊ नगर निगम में बजट विवाद में मेयर सुषमा खर्कवाल के समर्थन में 60 से ज्यादा बीजेपी पार्षद उतरे. पार्टी की छवि खराब करने वाले पार्षदों पर सख्त कार्रवाई की मांग.

उत्तर प्रदेश की राजधानी स्थित लखनऊ नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अंदर सियासी घमासान तेज हो गया है. बजट आवंटन को लेकर शुरू हुए विवाद के बीच अब मेयर सुषमा खर्कवाल ने अपना शक्ति प्रदर्शन किया है. उनके समर्थन में 60 से ज्यादा पार्षद लामबंद होकर सामने आ गए हैं.

गुरुवार (6 अगस्त) को कार्यकारिणी उपाध्यक्ष सुशील तिवारी पम्मी ने बीजेपी महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी को 60 से ज्यादा पार्षदों के हस्ताक्षर वाला एक समर्थन पत्र सौंपा. मेयर की ओर से यह पत्र केवल महानगर अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना, नगर विकास मंत्री एके शर्मा और संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह को भी भेजा गया है.

सपा के समर्थन में खुलकर आई AIMIM, ओम प्रकाश राजभर को सुनाई खरी-खरी

बागी पार्षदों पर गंभीर आरोप, कार्रवाई की मांग

सौंपे गए समर्थन पत्र में आरोप लगाया गया है कि बीजेपी के ही कुछ पार्षद पार्टी और नगर निगम की छवि खराब करने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं. पत्र में ऐसे पार्षदों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है.

इस शिकायत में बीजेपी पार्षद दल के उपनेता देव शर्मा, मुन्ना मिश्रा, मुख्य सचेतक मुकेश सिंह मोंटी, सचेतक अमित चौधरी, रंजना अवस्थी, मालती यादव, कौशलेंद्र द्विवेदी, प्रतिमा तिवारी, शैलेंद्र वर्मा, राजेश सिंह गब्बर और नामित पार्षद अखिलेश गिरी समेत अन्य पार्षदों के नाम शामिल हैं.

कहां से शुरू हुआ विवाद?

दरअसल, यह पूरा विवाद नगर निगम में सदन के उपनेता समेत दूसरे पदों पर संगठन के चेहरों की नियुक्ति के बाद से गहराया था. कुछ बीजेपी पार्षदों ने मेयर सुषमा खर्कवाल पर 'अवस्थापना निधि' के बजट आवंटन में भेदभाव का आरोप लगाया था.

बागी पार्षदों का आरोप था कि मोहनलालगंज लोकसभा क्षेत्र के वार्डों में विकास कार्यों के लिए ज्यादा बजट दिया गया, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के लखनऊ लोकसभा क्षेत्र में आने वाले वार्डों को अपेक्षाकृत कम बजट मिला. इसी मुद्दे को लेकर 10 से ज्यादा पार्षदों ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री को शिकायत भेजी थी.

दिल्ली दरबार तक पहुंचा मामला

पार्षदों की शिकायत के बाद मेयर कैंप कार्यालय पर 60 से ज्यादा पार्षद एकजुट हुए और आरोपों को खारिज करते हुए मेयर के समर्थन में हस्ताक्षर किए. बताया जा रहा है कि मेयर सुषमा खर्कवाल हाल ही में नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर लखनऊ लौटी हैं. सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात के दौरान उन्होंने पार्षदों के समर्थन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया था. दिल्ली से लौटने के बाद ही संगठन और मंत्रियों को यह समर्थन पत्र भेजा गया है.

मेयर का स्पष्ट कहना है कि सभी वार्डों में विकास कार्यों के लिए एक समान बजट आवंटित किया गया है और कुछ पार्षद जानबूझकर गलत आरोप लगा रहे हैं. वहीं, इस पूरे विवाद पर बीजेपी महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.

यूपी में बदलने वाला है मौसम का मिजाज, 63 जिलों में बारिश का अलर्ट

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें