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मुलायम सिंह यादव से सीएम योगी तक, इस जिले पर फिर छिड़ी सियासत

मुलायम सिंह यादव से सीएम योगी तक, इस जिले पर फिर छिड़ी सियासत Bhadohi News In Hindi: मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. एक तरफ जहां विपक्षी दलों ने इस पर…

abplive.com के अनुसार30 जुलाई 2026 को 01:26 pm बजे
मुलायम सिंह यादव से सीएम योगी तक, इस जिले पर फिर छिड़ी सियासत

सौजन्य से:- abplive.com

मुलायम सिंह यादव से सीएम योगी तक, इस जिले पर फिर छिड़ी सियासत

Bhadohi News In Hindi: मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. एक तरफ जहां विपक्षी दलों ने इस पर तीखा हमला बोला है.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किए गए बड़े ऐलान के बाद प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है. वाराणसी में आयोजित 'समरसता संकल्प अभियान' के मंच से सीएम योगी ने घोषणा की कि राज्य सरकार जल्द ही भदोही जिले का नाम बदलकर फिर से संत रविदास नगर करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी. सीएम ने कहा कि अब से भदोही संत रविदास के नाम से जाना जायेगा.

मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. एक तरफ जहां विपक्षी दलों ने इस पर तीखा हमला बोला है, वहीं सत्तापक्ष के सहयोगी दलों ने फैसले का स्वागत किया है.

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अखिलेश यादव का तीखा हमला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस ऐलान पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रिय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने करारा हमला बोला है. सपा प्रमुख ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि 10 साल से सिर्फ नाम बदला जा रहा है. जो लोग भगवान् का नाम बदल रहे हैं, भगवान विष्णु का नाम बदल दें, उनसे क्या उम्मीद कर सकते है. अखिलेश यादव ने कहा कि यह नाम बदलने वाला खेल अब ख़त्म होने वाला है क्योंकि जनता 2027 में सरकार बदलने के लिए पूरी तरह तैयार है.

LJP (रामविलास पासवान) ने किया स्वागत

वहीं दूसरी ओर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस फैसले का पुरजोर समर्थन किया है. एलजेपी के उत्तर प्रदेश महासचिव एवं प्रदेश प्रवक्ता कमल तिवारी ने इस निर्णय पर खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री को बधाई और शुभकामनाएं दीं. कमल तिवारी ने कहा कि योगी सरकार का यह फैसला बेहद स्वागत योग्य है, क्योंकि संत रविदास जी किसी एक वर्ग या समाज के न होकर पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत थे और उनके नाम पर जिले का पुनर्गठन एक सराहनीय कदम है.

लोजपा प्रवक्ता ने कहा कि समाजवादी पार्टी तो केवल राजनीति करती है और संत महात्मा जैसे महापुरुषों के नाम मिटाने में लगी है. योगी जी के इस फैसले से आज का युवा वर्ग जो वंचित था वो भी संत रविदास जी के महिमा को समझने के लिये उन्हें पढ़ेगा और जानेगा

गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती पर सीएम योगी का बड़ा ऐलान

इससे पहले वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास जी की जन्मस्थली में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित समरसता संकल्प अभियान के शुभारंभ पर जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज के 650वें जयंती वर्ष के अवसर पर यह घोषणा की. अपने भाषण के दौरान सीएम योगी ने सपा की पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि सपा कार्यकाल में दलित महापुरुषों और संतों के सम्मान से जुड़ी पहचान को बदलने का प्रयास किया गया था.

उन्होंने कन्नौज के बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर मेडिकल कॉलेज का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता में आते ही महापुरुषों के नाम बहाल किये हैं और अब भदोही को भी संत रविदास जी का नाम वापस दिया जायेगा.

भदोही और संत रविदास नगर का नामकरण इतिहास

भदोही जिले का नाम बदलने का राजनीतिक घटनाक्रम काफी लंबा रहा है जहां 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री, सपा संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव ने वाराणसी जिले से अलग करके भदोही को नये जिले के रूप में गठित किया गया था. ठीक बाद 1997 में बसपा सरकार में मुख्यमंत्री मायावती ने जिले का नाम पहली बार बदलकर संत रविदास नगर किया गया.

तो वहीं 2014 में सपा सरकार में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कैबिनेट बैठक के जरिए इसका नाम दोबारा बदलकर भदोही कर दिया. तो अब दो बार के लगातार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया कि जिला अब फिर से संत रविदास नगर के नाम से जाना जायेगा.

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