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कानपुर में पुराना गंगा पुल मरम्मत के लिए 90 दिनों के लिए होगा बंद, NHAI ने प्रशासन से मांगी अनुमति - kanpur ganga bridge closure nhai seeks 90day repair permit

कानपुर में पुराना गंगा पुल मरम्मत के लिए 90 दिनों के लिए होगा बंद, NHAI ने प्रशासन से मांगी अनुमति कानपुर में पुराने गंगा पुल की मरम्मत के लिए एनएचएआई ने 90 दिन के लिए इसे बंद करने की अनुमति मांगी है, जिसमें 28 बेयरिंग ब…

Jagran के अनुसार31 जुलाई 2026 को 01:27 am बजे
कानपुर में पुराना गंगा पुल मरम्मत के लिए 90 दिनों के लिए होगा बंद, NHAI ने प्रशासन से मांगी अनुमति
 - kanpur ganga bridge closure nhai seeks 90day repair permit

सौजन्य से:- Jagran

कानपुर में पुराना गंगा पुल मरम्मत के लिए 90 दिनों के लिए होगा बंद, NHAI ने प्रशासन से मांगी अनुमति

कानपुर में पुराने गंगा पुल की मरम्मत के लिए एनएचएआई ने 90 दिन के लिए इसे बंद करने की अनुमति मांगी है, जिसमें 28 बेयरिंग बदले जाएंगे। ...और पढ़ें

HighLights

- पुराने गंगा पुल की 90 दिन मरम्मत होगी।

- पुल की 28 बेयरिंग बदली जाएंगी।

- ट्रैफिक डायवर्जन प्लान पर अभी सहमति नहीं।

जागरण संवाददाता, कानपुर। पुराने गंगा पुल की मरम्मत के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने जिला प्रशासन से 90 दिन इसे बंद रखने की अनुमति मांगी है। इस दौरान पुल के ऊपरी हिस्से की मरम्मत व 28 बेयरिंग बदलने का काम होगा। इसे लेकर डायवर्जन प्लान लागू करने को कहा है।

हालांकि, ट्रैफिक डायवर्जन की अंतिम योजना पर कानपुर, उन्नाव, फतेहपुर के जिला प्रशासन तथा पुलिस की अभी तक सहमति नहीं बन पा रही है। इससे मरम्मत शुरू होने की तारीख तय नहीं हो पा रही है। इसी माह तारीख तय होने की उम्मीद है। एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि छह करोड़ रुपये से एलीवेटेड रोड व पुराने गंगा पुल की मरम्मत कराई जा रही है, ताकि पुल की आयु बढ़ाई जा सके।

केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) की तकनीकी जांच रिपोर्ट में बेयरिंग बदलने व व्यापक मरम्मत की सिफारिश की गई थी। पहले चरण में पुल के निचले हिस्से के संरक्षण में ग्राउटिंग, कोटिंग व एंटी-कोरोजन पेंट का कार्य पूरा हो चुका है। अब 700 मीटर लंबे पुल के प्रत्येक गर्डर को हाइड्रोलिक जैक की मदद से उठाकर पुरानी बेयरिंग निकालकर नई बेयरिंग लगाई जाएगी।

इसके बाद माइक्रो कंक्रीट व विशेष निर्माण सामग्री से मरम्मत होगी। कार्य पूरा होने के बाद लगभग 28 दिन तक क्योरिंग (तराई) भी करनी होगी। इस दौरान पुल पर किसी भी प्रकार का यातायात संभव नहीं होगा। जाजमऊ स्थित गंगा पुल से प्रतिदिन दो लाख से अधिक छोटे-बड़े वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं।

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पुल बंद होने पर लखनऊ से कानपुर आने वाले भारी वाहनों को उन्नाव से फतेहपुर के रास्ते डायवर्ट करने का प्रस्ताव है। सरैया क्रॉसिंग का रेलवे ओवरब्रिज अभी अधूरा है और वहां रेलवे फाटक हर आधे घंटे में 10 से 15 मिनट तक बंद रहता है। इससे भारी वाहनों का दबाव बढ़ने पर लंबा जाम लगने की आशंका है।

इसी तरह, उन्नाव के बक्सर गंगा पुल व रायबरेली के लालगंज स्थित गेगासो गंगा पुल पर पहले से ही भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है। इससे प्रशासन के सामने वैकल्पिक मार्ग तय करना मुश्किल हो रहा है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज यादव ने बताया कि पुल के ऊपरी हिस्से की मरम्मत के लिए ट्रैफिक डायवर्जन अनिवार्य है।

बेयरिंग पुल के गर्डर और पिलर के बीच लगी वह अहम संरचना है, जो वाहनों के भार, कंपन व तापमान के कारण होने वाले फैलाव-सिकुड़ाव को संतुलित करती है। बेयरिंग घिसने या क्षतिग्रस्त होने पर पुल में कंपन बढ़ने लगता है और भार का समान वितरण प्रभावित होता है। इससे गर्डर, पिलर और डेक पर अतिरिक्त दबाव से दरारें आने, संरचनात्मक क्षति बढ़ने और पुल की उम्र कम होने का खतरा रहता है।

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