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जानिए 300 साल पुराने कानपुर के इस जागेश्वर मंदिर की कहानी, जहां दिन में 3 बार रंग बदलता शिवलिंग

जानिए 300 साल पुराने कानपुर के इस जागेश्वर मंदिर की कहानी, जहां दिन में 3 बार रंग बदलता शिवलिंग सोमवार के दिन 25 से 30 हजार भक्त करते भगवान भोलेनाथ के दर्शन, सावन मास में भक्तों को मिलती रुद्राभिषेक कराने की सुविधा. By E…

ETV Bharat के अनुसार3 अगस्त 2026 को 07:18 am बजे
जानिए 300 साल पुराने कानपुर के इस जागेश्वर मंदिर की कहानी, जहां दिन में 3 बार रंग बदलता शिवलिंग

सौजन्य से:- ETV Bharat

जानिए 300 साल पुराने कानपुर के इस जागेश्वर मंदिर की कहानी, जहां दिन में 3 बार रंग बदलता शिवलिंग

सोमवार के दिन 25 से 30 हजार भक्त करते भगवान भोलेनाथ के दर्शन, सावन मास में भक्तों को मिलती रुद्राभिषेक कराने की सुविधा.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 3, 2026 at 10:49 AM IST

कानपुर: सावन की शुरूआत हो गई है और आज इसका पहला सोमवार है. शिव भक्त आज के दिन उपवास रखते हैं और मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं. ऐसे में कानपुर में शिवालयों में भीड़ लगी हुई है. बता दें यहां पर जागेश्वर महादेव मंदिर आस्था का एक ऐसा अनोखा स्थान है, जहां की मान्यताएं काफी अचंभित कर देने वाली हैं, आइए जानते हैं.

शहर के नवाबगंज थाना क्षेत्र स्थित जागेश्वर मंदिर की कहानी बेहद अनूठी है. लगभग 300 साल पुराने इस मंदिर को लेकर जागेश्वर महादेव मंदिर समिति के संयोजक जितेंद्र पांडेय बताते हैं, सैकड़ों सालों पहले जिस स्थान पर मंदिर है, वहां चारों ओर गंगा नदी का प्रवाह था. यह एक टीलेनुमा स्थान था, जिसके आसपास निषाद परिवार के ज्यादातर सदस्य रहते थे और टीले पर गायें चारा या घास-पत्तियां आदि खाने आती थीं.

ऐसे बनवाया गया मंदिर: उन दिनों जागे नाम के एक निषाद थे और उनकी गाय टीले के एक स्थान पर रोजाना दूध देती थी. तभी उन्होंने उस स्थान पर (जहां अभी शिवलिंग स्थापित) है, खोदाई कराई, जिसमें शिवलिंग मिला. बस तब से यहां पर जागेश्वर मंदिर बनवा दिया गया.

जितेंद्र पांडेय ने बताया, सावन में यहां दूर-दूर से भक्तों का सैलाब उमड़ता है. सोमवार के दिन 25 से 30 हजार भक्त दर्शन करने आते हैं. सोमवार से पहले रविवार देर रात से ही भक्तों की यहां लाइन लग जाती है. उनकी सुरक्षा व्यवस्था के लिए जहां सिविल डिफेंस के पदाधिकारी लगे रहते हैं, वहीं मंदिर परिसर में कुल 32 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं.

दिन में 3 बार रंग बदलता शिवलिंग: मंदिर समिति के संयोजक जितेंद्र पांडेय बताते हैं, इस मंदिर की ऐसी मान्यता है कि शिवलिंग दिन में 3 बार रंग बदलता है. यहां आने वाले शिवभक्त भी इस बात का ठोस दावा करते हैं. सुबह मंगला आरती के समय शिवलिंग जहां स्लेटी रंग का होता है, वहीं भोग के समय इसका रंग भूरा हो जाता है. जबकि रात 11:30 बजे से 12:00 के बीच शिवलिंग का रंग गहरे काले रंग का हो जाता है.

सावन में मिलता अभिषेक का मौका: उन्होंने ये भी बताया कि सावन में भक्तों को समिति की ओर से रुद्राभिषेक कराने का मौका भी दिया जाता है, भंडारे के रूप में प्रसाद का वितरण होता है. पुरुष और महिला भक्त अलग-अलग लाइन लगाकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन करते हैं. सावन में रुद्राभिषेक सोमवार को छोड़कर बाकी सारे दिन होते हैं. इसका समय 1 से 4 बजे तक का है, जो भी भक्त कराना चाहते हैं वो मंदिर कमिटी कार्यालय में आकर संपर्क कर सकते है.

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