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प्राइवेट स्कूलों की 3.50 लाख शिक्षकों को मिलेगी जॉब सिक्यूरिटी! योगी सरकार बनाएगी नियमावली, बदलेगी व्यवस्था

Yogi Government Private School Teachers: प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को लेकर अब योगी आदित्यनाथ सरकार बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही है। स्कूल अब शिक्षकों को बिना उचित कारण बताए नहीं हटा सकेंगे। हाइलाइट्स प…

Navbharat Times के अनुसार2 अगस्त 2026 को 07:18 pm बजे
प्राइवेट स्कूलों की 3.50 लाख शिक्षकों को मिलेगी जॉब सिक्यूरिटी! योगी सरकार बनाएगी नियमावली, बदलेगी व्यवस्था

सौजन्य से:- Navbharat Times

Yogi Government Private School Teachers: प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को लेकर अब योगी आदित्यनाथ सरकार बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही है। स्कूल अब शिक्षकों को बिना उचित कारण बताए नहीं हटा सकेंगे।

हाइलाइट्स

प्राइवेट स्कूलों में लागू होगी शिक्षक सेवा नियमावली

प्राइवेट स्कूल शिक्षक सेवा नियमावली कमिटी गठित

अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षमा में 7 सदस्यीय कमिटी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के प्राइवेट स्कूलों में शिक्षण कार्य करने वाले शिक्षकों को बड़ी राहत देने की तैयारी है। प्रबंधन से जरा सी तकरार पर नौकरी खोने वाले शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने वाली है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इन शिक्षकों के लिए जॉब सिक्यूरिटी की दिशा में एक बड़े कदम उठाने का संकेत दिया है। इसमें साफ है कि सरकार बिना कारण बताए प्राइवेट स्कूल के शिक्षकों को नहीं हटा सकेगी। योगी सरकार की ओर से इसको लेकर नियमावली तैयार कराए जाने की बात सामने आई है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 25 हजार प्राइवेट सेकेंडरी स्कूलों के 3.50 लाख शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित हो जाएगी। इसके लिए सेवा नियमावली बनाए जाने की तैयारी की गई है।

बनाई गई सात सदस्यीय कमिटी

प्राइवेट सेकेंडरी स्कूल शिक्षकों के लिए सरकार की ओर से सेवा नियमावली तैयार किए जाने की दिशा में पहल हुई है। इसको लेकर अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमिटी बनाई गई है। कमिटी की देखरेख में सेवा नियमावली बनाई जाएगी। इसके बाद बिना वाजिब कारण किसी भी प्राइवेट स्कूल शिक्षक को नौकरी से नहीं हटाया जा सकेगा। नियमावली के तैयार होकर प्रदेश में लागू होने के बाद प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी।

मैनेजमेंट की मनमानी पर लगेगी रोक

सरकार की ओर से प्राइवेट स्कूल शिक्षकों के लिए नियमावली तैयार किए जाने के बाद स्कूल मैनेजमेंट की मनमानी पर रोक लगेगी। साथ ही, प्राइवेट स्कूलों में योग्य शिक्षकों की तैनाती भी हो सकेगी। क्वालिफायड और योग्य शिक्षक की प्राइवेट स्कूलों में शिक्षण कार्य कर सकेंगे। नियमावली लागू होने के बाद शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देना होगा। साथ ही, आधार लिंक बैंक खाते में वेतन देना होगा। नियमावली में छुट्टियों से लेकर उनकी सेवा को सुरक्षित रखने का भी प्रावधान होगा।

प्राइवेट माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों की सेवा नियमावली बनाए जाने को लेकर सात सदस्यीय कमिटी बनाने का आदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग के उप सचिव चंद्र प्रकाश मिश्र की ओर से जारी किया गया है। कमिटी में सदस्य सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव बनाए गए हैं। माध्यमिक शिक्षक संघ की ओर से सरकार के फैसले का स्वागत किया गया है।

क्वालिटी एजुकेशन पर जोर

योगी सरकार ने क्वालिटी एजुकेशन पर भी जोर दिया है। सरकार के समक्ष कई ऐसे मामले आए हैं, जहां प्राइवेट स्कूलों में अभिभावकों से फीस तो मोटी वसूली जाती है, लेकिन शिक्षकों की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जाता है। स्कूल मैनेजमेंट की ओर से वे क्वालिफायड और योग्य शिक्षकों की जगह मानमाने तरीके से कम गुणवत्ता वाले शिक्षकों की नियुक्ति कर ली जाती है। मैनेजमेंट पैसे बचाने के लिए शिक्षकों को कई प्रकार की सुविधाओं से वंचित रखता है। सेवा नियमावली लागू होने के बाद रजिस्टर्ड प्राइवेट माध्यमिक स्कूलों में यह संभव नहीं हो सकेगा।

लेखक के बारे मेंराहुल पराशरराहुल पराशर नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर (Senior Digital Content Producer) हैं। वे नवभारत टाइम्स की यूपी-उत्तराखंड टीम में काम करते हैं। प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका 22 साल लंबा का अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। राहुल पराशर ने अक्टूबर 2021 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। उन्होंने पिछले 4 वर्षों में यूपी विधानसभा चुनाव, यूपी निकाय चुनाव, उत्तराखंड विधानसभा चुनाव, यूपी में एसआईआर प्रक्रिया जैसे बड़े घटनाक्रम का विस्तृत कवरेज किया है। राजनीति गतिविधियों से लेकर प्रशासनिक हलचल और क्राइम की घटनाओं पर उनका फोकस रहता है।

विशेषज्ञता- राजनीतिक खबरों का विश्लेषण, क्राइम की घटनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट, प्रशासनिक हलचल को लेकर इनसाइड स्टोरी, सरकार के फैसलों का आम लोगों पर असर का विश्लेषण।

पत्रकारिता अनुभव: अखबार और डिजिटल मीडिया में 22 साल से कार्यरत

राहुल पराशर ने साल 2004 में प्रभात खबर, पटना से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में जूनियर रिपोर्टर से लेकर प्रधान संवाददाता के पद पर काम किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा, राजद, जदयू और लोजपा जैसे दलों को कवर किया। उन्होंने शिक्षा विभाग की लंबे समय तक रिपोर्टिंग की। नवभारत टाइम्स वेबसाइट में काम करते हुए शानदार कवरेज के लिए कई बार संस्थान की ओर से सम्मानित किया गया है।

शिक्षा:

राहुल पराशर ने वर्ष 2004 में भारतीय विद्या भवन के पीके इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से जर्नलिज्म का कोर्स किया है। मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर से आने वाले राहुल पराशर ने नेतरहाट, झारखंड से स्कूली शिक्षा ग्रहण की। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर से वर्ष 2002 में स्नातक की डिग्री हासिल की है।... और पढ़ें

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