होमधर्म-आस्थाबरेली में तूफानी बारिश, पेड़-पोल उखड़े, 3 की मौत: संभल में सड़कें तालाब बनीं, लखीमपुर में मंदिरों में घुसा पानी; कल 39 जिलों में अलर्ट - Uttar Pradesh News
धर्म-आस्था

बरेली में तूफानी बारिश, पेड़-पोल उखड़े, 3 की मौत: संभल में सड़कें तालाब बनीं, लखीमपुर में मंदिरों में घुसा पानी; कल 39 जिलों में अलर्ट - Uttar Pradesh News

- Hindi News - Local - Uttar pradesh - UP Monsoon Withdrawal Alert: Rain Expected In 35 Districts | Weather Update बरेली में तूफानी बारिश, पेड़-पोल उखड़े, 3 की मौत:संभल में सड़कें तालाब बनीं, लखीमपुर में मंदिरों में घुसा…

Dainik Bhaskar के अनुसार17 सितंबर 2026 को 06:04 pm बजे
बरेली में तूफानी बारिश, पेड़-पोल उखड़े, 3 की मौत:  संभल में सड़कें तालाब बनीं, लखीमपुर में मंदिरों में घुसा पानी; कल 39 जिलों में अलर्ट - Uttar Pradesh News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

- Hindi News

- Local

- Uttar pradesh

- UP Monsoon Withdrawal Alert: Rain Expected In 35 Districts | Weather Update

बरेली में तूफानी बारिश, पेड़-पोल उखड़े, 3 की मौत:संभल में सड़कें तालाब बनीं, लखीमपुर में मंदिरों में घुसा पानी; कल 39 जिलों में अलर्ट

- कॉपी लिंक

यूपी में मानसूनी बारिश का सिलसिला जारी है। गुरुवार सुबह बरेली, मेरठ, संभल, मुरादाबाद और कानपुर समेत 10 शहरों में रुक-रुक कर तेज बारिश हुई। दोपहर एक बजे लखनऊ में अचानक मौसम बदल गया। तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई।

बरेली में तूफानी बारिश हुई। किला पुल पर विशाल पेड़ टूटकर गिर गया। सड़क पर लंबा जाम लग गया। हाईटेंशन लाइन टूट गई। पूरे शहर की बिजली गुल हो गई। कच्ची दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई। दूसरी घटना में दीवार गिरने से दादी-पोती की मौत हो गई।

कानपुर में भी 40 किमी की रफ्तार से हवा चली। फिर तेज बारिश शुरू हो गई। संभल में इतनी बारिश हुई कि सड़कें तालाब बन गईं। पानी लोगों के घरों में घुस गया। मौसम विभाग शुक्रवार को 39 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है।

इधर, पहाड़ों पर हो रही बारिश से नदियां उफान पर हैं। 26 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। 4 लाख की आबादी प्रभावित है। लखीमपुर खीरी में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। सैकड़ों एकड़ गन्ने की फसल जलमग्न हो गई।

बारिश-बाढ़ की तस्वीरें देखिए…

लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया-

अगले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना है। खासकर पूर्वी यूपी में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पश्चिमी यूपी में 20 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। 22 सितंबर से पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क हो जाएगा।

कल किन-किन जिलों में बारिश का अलर्ट, देखिए-

यूपी में बारिश-बाढ़ के अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए-

अपडेट्स

- कॉपी लिंक

आगरा में गुरुवार शाम अचानक तेज आंधी चली और आसमान में अंधेरा छा गया। तेज हवाओं से घरों के खिड़की-दरवाजे टकराने लगे। एत्माद्दौला में हाईवे पर टीनशेड उड़कर गिर गया। करीब आधे घंटे बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। बारिश रुकने के बाद भी काफी देर तक तेज हवाएं चलती रहीं।

- कॉपी लिंक

- कॉपी लिंक

- कॉपी लिंक

बरेली में गुरुवार सुबह तेज आंधी-तूफान के चलते किला पुल पर पेड़ टूटकर गिर गया। पेड़ हाईटेंशन लाइन पर गिरा, जिससे बिजली के तार टूटकर सड़क पर गिर गए। तार सड़क पर गिरने से अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि आंधी के अलर्ट के चलते जिले में पहले से बिजली सप्लाई बंद थी। इससे बड़ा हादसा टल गया। पेड़ एक कार पर भी गिरा। कुछ लोगों को हल्की चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के बाद वे अपने घर चले गए। इसके अलावा एक पेड़ मंदिर पर भी गिरा, जिससे मंदिर की दीवार टूट गई। शहर में कई अन्य जगहों पर भी पेड़ गिरने की सूचना है।

- कॉपी लिंक

- कॉपी लिंक

- कॉपी लिंक

- कॉपी लिंक

बरेली के बल्लाकोठा गांव में गुरुवार सुबह तेज आंधी और बारिश के दौरान एक घर की दीवार गिरने से उसके नीचे दबकर महिला की मौत हो गई। गांव निवासी कृष्णपाल मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी गणेशी (25) पशुओं को चारा डालने के लिए गई थीं। इसी दौरान तेज आंधी और बारिश के कारण घर की दीवार अचानक गिर गई, जिसके नीचे दबकर गणेशी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

- कॉपी लिंक

- मानसून की विदाई की आहट के बीच वाराणसी में मौसम लगातार बदलाव के दौर से गुजर रहा है। गुरुवार सुबह शहर का तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार करीब छह किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि वातावरण में नमी 74 प्रतिशत दर्ज की गई। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 62 रहा।

- मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के अनुसार, अब मानसून की विदाई का समय नजदीक आ गया है। इसके चलते मौसम में रुक-रुककर बदलाव देखने को मिल सकता है। उन्होंने बताया कि गुरुवार शाम तक वाराणसी में हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 19 सितंबर के बाद उत्तर प्रदेश से मानसून की विदाई शुरू हो सकती है।

- कॉपी लिंक

- कॉपी लिंक

- कॉपी लिंक

आगरा में गुरुवार सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। 6 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चल रही है। ऐसे में लोगों को उमसभरी गर्मी से राहत मिली है। दिन में तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी या बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटे ऐसा ही मौसम रहेगा। बादल छाए रहने के साथ-साथ बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी।

- कॉपी लिंक

अलीगढ़ में मौसम का मिजाज इन दिनों दिन और रात में अलग-अलग नजर आ रहा है। दिन में तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही है, जबकि रात में चल रही ठंडी हवाओं से गर्मी से कुछ राहत मिल रही है। गुरुवार सुबह से ही तेज धूप खिली रही, जिससे लोगों को गर्मी का एहसास हुआ।

मौसम में उमस बढ़ने के बावजूद लोगों को बारिश का इंतजार है। हालांकि, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक फिलहाल बारिश की संभावना कम बताई जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी दिन के समय गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है।

- कॉपी लिंक

- कॉपी लिंक

- कॉपी लिंक

मुरादाबाद में गुरुवार सुबह से आसमान में बादल छाए थे। इसके बाद अचानक तेज हवाएं चलने लगीं और कुछ ही देर में तेज बारिश शुरू हो गई। आसमान में काले बादल छाए रहने से दिन में ही अंधेरा सा नजर आने लगा। बारिश के कारण मौसम सुहावना हो गया।

- कॉपी लिंक

संभल में गुरुवार दिन निकलते ही तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। 26 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच पिछले आधे घंटे में 8 मिलीमीटर से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। दो दिन से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को सुबह हुई तेज बारिश से राहत मिली। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने संभल में पूरे दिन आंधी के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार दिनभर मौसम में बदलाव बना रह सकता है और तेज हवाओं के साथ बारिश के दौर आने की संभावना है।

- कॉपी लिंक

कानपुर में गुरुवार सुबह अचानक मौसम बदल गया। तेज हवाओं के साथ रुक-रुककर बारिश शुरू हुई। करीब आधे घंटे तक 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं से कई पेड़ टूटकर सड़कों पर गिर गए। पेड़ गिरने से तेजपुर-तिलसड़ा संपर्क मार्ग बाधित हो गया।

- कॉपी लिंक

- कॉपी लिंक

- अल-नीनो का सबसे बड़ा असर रबी की फसलों पर पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञ के मुताबिक, सबसे पहले गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलों की बुआई पर असर पड़ सकता है। अगर सितंबर के आखिर में पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो खेतों में नमी कम रह जाएगी। इससे खासकर बुंदेलखंड में रबी की समय पर बुआई मुश्किल हो सकती है।

- इसके बाद फसल के बढ़ने के समय अगर पर्याप्त ठंड नहीं पड़ी और फरवरी-मार्च में गर्मी जल्दी बढ़ गई, तो फसल को दोहरा नुकसान हो सकता है। गेहूं में दाना भरने के समय तापमान ज्यादा बढ़ने से उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका रहेगी।

- अल-नीनो के देर से मजबूत होने का फायदा नहीं, बल्कि नुकसान की आशंका ज्यादा है। मानसून अगर थोड़ा जल्दी लौटता है, सितंबर के आखिरी दिनों में बारिश कम रहती है, सर्दियों में न्यूनतम तापमान बढ़ा रहता है और मार्च में गर्मी जल्दी बढ़ती है, तो इसका असर फसलों की बुआई पर पड़ना तय है।

- कॉपी लिंक

अल-नीनो के असर से यूपी में सामान्य से ज्यादा तापमान रह सकता है। इससे सर्दियों पर 2 तरह से असर दिख सकता है।

पहला- शीतलहर वाले दिनों में कमी आ सकती है। सर्दियों में सामान्य शीतलहर 8 से 10 दिन की होती है। जो 2 से 3 दिन के अलग-अलग चरणों में आती है। इस बार ये 4 से 6 दिन तक सीमित रह सकती है।

दूसरा- तापमान में गिरावट पिछले साल के बराबर नहीं होगी। उदाहरण के लिए 2025 की सर्दियों में मेरठ, कानपुर, आगरा, अयोध्या, बरेली का तापमान अलग-अलग तारीखों पर 2 से 3 डिग्री तक पहुंच गया था। इस बार तापमान इतना नीचे आने की उम्मीद कम जताई जा रही है। हालांकि इसका कोहरे से कोई संबंध नहीं होगा। क्योंकि कोहरा स्थानीय वायुमंडल में नमी और हवा की स्पीड से बनता है।

- कॉपी लिंक

- उत्तर प्रदेश में अभी तक जितनी जरूरत थी, उससे 4% कम बारिश हुई है। मौसम वैज्ञानिक अल-नीनो को इसकी वजह बता रहे हैं। 28 जून को यूपी में मानसून की एंट्री के बाद से ही अल-नीनो का असर बना हुआ है। इससे यूपी कई जिलों में जरूरत से ज्यादा बारिश हुई, जबकि कई में अनुमान से कम बारिश रिकॉर्ड हुई। एक बार फिर अल-नीनो धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। इस कारण यूपी में मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ने के आसार हैं।

- आशंका है कि मानसून यूपी से 10 दिन पहले विदा ले सकता है। यूपी में मानसून कैसे विदा होता है, ये मौसम विशेषज्ञ डॉ. दिनेश शाह बताते हैं - मानसून सबसे पहले पश्चिमी जिलों से विदाई लेना शुरू करता है। यहां आमतौर पर 15 सितंबर से 25 सितंबर के बीच मानसून का असर कम होने लगता है। पूर्वी जिलों से मानसून थोड़ा देर से, लगभग 5 अक्टूबर से 15 अक्टूबर के बीच पूरी तरह खत्म होता है।

- वह बताते हैं- अल-नीनो के एक्टिव होने से पश्चिम और पूर्वांचल के जिलों में करीब 8 से 10% तक कम बारिश हो सकती है। 2025 में 20 अगस्त तक कोटे से 25% कम बारिश हुई थी। लेकिन अगस्त के आखिरी 10 दिन और सितंबर महीने में मानसून ने भरपाई कर दी थी। इस बार ऐसा होने की गुंजाइश कम है।

- बात खरी हैमंत्री ने नहीं दी संजय निषाद को दवाई: चच्चू पर अखिलेश को भरोसा नहीं, मिनिस्टर की SDM बहन पर चुनावी सुरूर

- यूपी एक्सप्लेनरक्या चुनाव से पहले यूपी में लागू होगा UCC: भाजपा को फायदा या नुकसान; इससे क्या बदलेगा, क्या लिव-इन को भी कानूनी दर्जा मिलेगा

- यूपी में चुनाव से पहले मंत्री निषाद का दोस्ताना अंदाज: पहले सपा नेता माता प्रसाद से मिले, फिर साथी मंत्री से; VIDEO में देखिए पूरी कहानी

- मम्मी-पापा ढूंढना मत... लिखकर लड़की प्रेमी संग भागी: कहा- आप बॉयफ्रेंड से शादी नहीं कराएंगे; गोरखपुर में एक दिन में 5 लड़कियां लापता

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें