होम›राजनीति›लखनऊ में 265 करोड़ की लागत से बनेगा मॉडर्न इंटीग्रेटेड बस टर्मिनल, यात्रियों को मिलेगी एयरपोर्ट सुविधा - lucknow to get modern integrated bus terminal airport like facilities
राजनीति

लखनऊ में 265 करोड़ की लागत से बनेगा मॉडर्न इंटीग्रेटेड बस टर्मिनल, यात्रियों को मिलेगी एयरपोर्ट सुविधा - lucknow to get modern integrated bus terminal airport like facilities

लखनऊ में 265 करोड़ की लागत से बनेगा मॉडर्न इंटीग्रेटेड बस टर्मिनल, यात्रियों को मिलेगी एयरपोर्ट सुविधा लखनऊ में रायबरेली रोड स्थित वृंदावन कॉलोनी में 265 करोड़ की लागत से एक आधुनिक एकीकृत सिटी बस टर्मिनल और वाणिज्यिक क्ष…

Jagran के अनुसार9 अक्टूबर 2026 को 08:04 pm बजे
लखनऊ में 265 करोड़ की लागत से बनेगा मॉडर्न इंटीग्रेटेड बस टर्मिनल, यात्रियों को मिलेगी एयरपोर्ट सुविधा
 - lucknow to get modern integrated bus terminal airport like facilities

सौजन्य से:- Jagran

लखनऊ में 265 करोड़ की लागत से बनेगा मॉडर्न इंटीग्रेटेड बस टर्मिनल, यात्रियों को मिलेगी एयरपोर्ट सुविधा

लखनऊ में रायबरेली रोड स्थित वृंदावन कॉलोनी में 265 करोड़ की लागत से एक आधुनिक एकीकृत सिटी बस टर्मिनल और वाणिज्यिक क्षेत्र बनेगा।

HighLights

- वृंदावन कॉलोनी में 265 करोड़ का एकीकृत बस टर्मिनल बनेगा।

- पीपीपी मॉडल पर विकसित, यात्रियों को मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं।

- इलेक्ट्रिक बसों के लिए अतिरिक्त टर्मिनल की आवश्यकता पूरी होगी।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। बस यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही रायबरेली रोड स्थित वृंदावन कालोनी में एकीकृत सिटी बस टर्मिनल और वाणिज्यिक क्षेत्र सुविधाओं से युक्त बस टर्मिनल बनेगा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बैठक में हरी झंडी दे दी है। वृन्दावन योजना स्थित पी-फोर पार्किंग में 'सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड पर विकास कराए जाने का निर्णय लिया गया है।

इस पूरे प्रोजेक्ट पर 265 करोड़ खर्च होंगे। इस नई सुविधा से शहर में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए अतिरिक्त टर्मिनल जहां मिलेगा, वहीं यात्रियों को एयरपोर्ट जैसा अनुभव हो, उस हिसाब से इसे बनाया जाएगा।

वृंदावन योजना में पी फोन पार्किंग को 7.06 एकड़ में बनाया जाएगा। नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा के मुताबिक वर्तमान में लखनऊ में 116 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन दुबग्गा डिपो से किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 300 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की प्रक्रिया भी चल रही है।

प्रस्तावित बसों के संचालन के लिए अतिरिक्त समर्पित टर्मिनल की आवश्यकता को देखते हुए यह निर्णय किया गया है। परियोजना का क्रियान्वयन नगरीय परिवहन निदेशालय द्वारा किया जाएगा।

परियोजना को डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और हस्तांतरण (डीबीएफओटी) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसकी अनुमानित लागत में 60 करोड़ रुपये बस टर्मिनल और 205 करोड़ रुपये वाणिज्यिक सुविधाओं के विकास पर खर्च होंगे। इसमें भूमि की लागत शामिल नहीं है।

बस टर्मिनल में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

टर्मिनल में बस-वे, बस पार्किंग, इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, मरम्मत सुविधाएं, कर्मचारियों के विश्राम कक्ष, प्रशासनिक कार्यालय और सुरक्षा कक्ष बनाए जाएंगे। यात्रियों के लिए टिकट काउंटर, पूछताछ केंद्र, प्रतीक्षालय और सामान रखने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

इसके अलावा परिसर में रेस्तरां, काफी शॉप, फास्ट फूड आउटलेट, व्यावसायिक दुकानें, मेडिकल स्टोर, बैंक, एटीएम, सार्वजनिक शौचालय, वाटर एटीएम, टैक्सी स्टैंड और सार्वजनिक पार्किंग जैसी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। अग्निशमन व्यवस्था भी परियोजना का हिस्सा होगी।

निर्माण के बाद निदेशालय को फ्री हस्तांतरण

विकासकर्ता को डिजाइन, ड्राइंग और स्पेसिफिकेशन की अंतिम मंजूरी नगरीय परिवहन निदेशालय द्वारा दी जाएगी। विकासकर्ता बस टर्मिनल का निर्माण करने के बाद उसे नगरीय परिवहन निदेशालय को निश्शुल्क हस्तांतरित करेगा। बस टर्मिनल का रख-रखाव 35 वर्ष और वाणिज्यिक सुविधाओं से संबंधित अवस्थापना का रख-रखाव 90 वर्ष तक करना होगा।

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें