गंगा-यमुना के जलस्तर में गिरावट से राहत, प्रयागराज के 24 गांव अब भी बाढ़ की चपेट में - prayagraj floods gangayamuna water levels drop 24 villages still affected
गंगा-यमुना के जलस्तर में गिरावट से राहत, प्रयागराज के 24 गांव अब भी बाढ़ की चपेट में प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में कमी आई है, लेकिन बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति में खास सुधार नहीं हुआ है। HighLights - गंगा-…

सौजन्य से:- Jagran
गंगा-यमुना के जलस्तर में गिरावट से राहत, प्रयागराज के 24 गांव अब भी बाढ़ की चपेट में
प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में कमी आई है, लेकिन बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति में खास सुधार नहीं हुआ है।
HighLights
- गंगा-यमुना के जलस्तर में 15-22 सेंटीमीटर की गिरावट।
- प्रयागराज के 2 मोहल्ले और 24 गांव अब भी प्रभावित।
- 52 परिवार विस्थापित, प्रशासन राहत कार्य में जुटा।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर में कुछ कमी आई है। बीते 24 घंटे के अंदर यमुना में करीब 22 सेंटीमीटर तो गंगा में 15 सेंटीमीटर पानी घट गया है। फिर भी बाढ़ प्रभावित इलाकों के हालातों में कोई खास असर नहीं पड़ा। शहर के दो मोहल्लों सहित 24 गांव अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। 52 परिवार अब भी अपने घर जाने की स्थिति में नहीं हैं।
जिले में गंगा और यमुना का खतरे का निशान 84.73 मीटर है। गुरुवार की रात फाफामऊ में यमुना का जलस्तर 82.86 मीटर और छतनाग में 82.03 मीटर पर था। शुक्रवार की रात फाफामऊ में 82.92 और छतनाग में 81.88 मीटर दर्ज किया गया। वहीं 24 घंटे पहले यमुना 82.47 मीटर पर बह रहीं थीं। शुक्रवार की रात इसमें 22 सेंटीमीटर की गिरावट आई, जिससे जलस्तर 82.25 पर पहुंच गया।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगाई गईं बोट
टोंस और बेलन में भी जलस्तर गिरा है, जिसका असर गंगा और यमुना के जलस्तर पर माना जा रहा है। नदियों में पानी भले ही कम हो गया हो, लेकिन स्थितियां अब भी बहुत बेहतर नहीं हुईं हैं। शहर के राजापुर इलाके के 25 परिवार ऐसे हैं, जो बाढ़ राहत शिविर में आश्रय लिए हुए हैं।
इसी तरह करछना के खपटिया और मेजा के कोना में 27 परिवार अपने घर जाने को तरस रहे हैं। शहर के द्रौपदी घाट इलाके में कई मकान बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं, लेकिन घरों के लोग वहां से निकलने के लिए तैयार नहीं।
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करीब 80 लोग बाढ़ के बीच अपने ही घरों में रह रहे हैं। प्रशासन नाव के सहारे उन्हें खाद्य सामग्री आदि पहुंचा रहा है। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित अलग-अलग इलाकों में 23 नाव और पांच बोट लगाई गईं हैं।
गंगा और यमुना में जलस्तर घटा है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी हो रही है। पीड़ितों को आवश्यकतानुसार मदद उपलब्ध कराई जा रही है। सभी बाढ़ राहत शिविरों में स्वास्थ्य टीमें होनी चाहिए। अगर, स्वास्थ्य टीमें नहीं पहुंच रहीं हैं तो इसे दिखवाया जाएगा।
विनीता सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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