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वाराणसी में बढ़ा गंगा का जलस्तर; नाव संचालन पर रोक, जल पुलिस की 24 घंटे पेट्रोलिंग

वाराणसी में बढ़ा गंगा का जलस्तर; नाव संचालन पर रोक, जल पुलिस की 24 घंटे पेट्रोलिंग घाट पर जल पुलिस, वाराणसी जिला प्रशासन की टीम और महिला पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है. By ETV Bharat Uttar Pradesh Team Published :…

ETV Bharat के अनुसार16 अगस्त 2026 को 08:55 am बजे
वाराणसी में बढ़ा गंगा का जलस्तर; नाव संचालन पर रोक, जल पुलिस की 24 घंटे पेट्रोलिंग

सौजन्य से:- ETV Bharat

वाराणसी में बढ़ा गंगा का जलस्तर; नाव संचालन पर रोक, जल पुलिस की 24 घंटे पेट्रोलिंग

घाट पर जल पुलिस, वाराणसी जिला प्रशासन की टीम और महिला पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 16, 2026 at 2:10 PM IST

वाराणसी: गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है. इस समय गंगा 6 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही हैं. वर्तमान में जलस्तर 64.70 मीटर दर्ज किया गया है. वहीं, गंगा के जल में लगातार हो रही वृद्धि को लेकर के वाराणसी जल पुलिस द्वारा अग्रिम आदेश तक नौका संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है.

जल पुलिस पेट्रोलिंग और अनाउंसमेंट के जरिए लोगों को जागरूक कर रही है, ताकि कोई गंगा नदी में गहरे पानी में न जाए. इसके साथ ही बढ़ते जलस्तर से सुरक्षित रहे. बीते दिनों गंगा का जलस्तर तेजी से घट रहा था, लेकिन इस बीच रविवार को उनके जलस्तर बढ़ने की रफ्तार में वृद्धि देखी गई है.

पहले 3.6 सेंटीमीटर और उसके बाद 6 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है. इसी के तहत सुरक्षा के बाबत नावों के संचालन पर पूरी तरह से अगले आदेश तक रोक लगा दिया गया है. यही नहीं पूरे चौरासी घाटों का संपर्क आपस में टूट चुका है. ऐसे मे श्रद्धालुओं की सुविधा सुरक्षा के लिए जल पुलिस अलर्ट मोड पर है.

24 घंटे पेट्रोलिंग के लिए स्पेशल टीम तैनात की गई है. पहाड़ी क्षेत्र की बारिश और बांधों को खेलने से गंगा मैदानी क्षेत्र की ओर रूख कर चुकी हैं, जिसका असर धर्म नगरी काशी में भी नजर आ रहा है. काशी में मां गंगा घाटों के किनारे को छोड़कर सीढ़ियों की ओर बढ़ने लगी हैं, जिसका असर है कि सभी घाटों के संपर्क आपस में टूट गए हैं.

गंगा किनारे मौजूद सभी मंदिर जलमग्न हो गए हैं. यही नहीं मणिकर्णिका घाट पर मौजूद रत्नेश्वर महादेव मंदिर का गर्भ गृह डूब चुका है. इससे सबसे ज्यादा धार्मिक कार्य और नाविकों का जीवन प्रभावित हो रहा है. वर्तमान समय में लगभग 64.70 मीटर गंगा का जलस्तर है, जो कि चेतावनी बिंदु से लगभग 6 मीटर नीचे है.

एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि अचानक जलस्तर में हो वृद्धि को देखते हुए नाव के संचालक पर सुरक्षा के बाबत रोक लगा दी गई है. इसके साथ ही जो श्रद्धालु गंगा में स्नान कर रहे हैं, उनकी सुरक्षा को लेकर के गंगा किनारे बेरीकेडिंग कर दी गई है, जिसके अंदर ही श्रद्धालुओं को स्नान करना है. उनकी सुरक्षा के लिए जल पुलिस की स्पेशल टीम तैनात की गई है.

उन्होंने बताया कि, आज वीकेंड है और कल सोमवार का दिन है. ऐसे में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष कावड़िया, श्रद्धालु, पर्यटक काशी में मौजूद हैं. सभी लोग मां गंगा में स्नान करके बाबा का जलाभिषेक कर रहे हैं.

ऐसे में इस समय घाट पर जल पुलिस, वाराणसी जिला प्रशासन की टीम और महिला पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है, ताकि उनकी सुरक्षा का ध्यान रखा जा सके. उन्होंने बताया कि लगातार अनाउंसमेंट के जरिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है. कंट्रोल रूम से पूरे स्थिति की मॉनिटरिंग की जा रही है.

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