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पहाड़ों से उतरे पानी से डरी यूपी-एमपी की सीमा, 23 साल का रिकॉर्ड तोड़ बह रही मंदाकिनी; 10 घंटे ठप रहा ट्रेनों का पहिया - chitrakootsatna floods mandakini breaks 23 year record

पहाड़ों से उतरे पानी से डरी यूपी-एमपी की सीमा, 23 साल का रिकॉर्ड तोड़ बह रही मंदाकिनी; 10 घंटे ठप रहा ट्रेनों का पहिया लगातार बारिश और पहाड़ों से उतरे पानी के कारण सतना और चित्रकूट में भीषण बाढ़ आ गई, जिससे मंदाकिनी नदी…

Jagran के अनुसार29 अगस्त 2026 को 11:30 pm बजे
पहाड़ों से उतरे पानी से डरी यूपी-एमपी की सीमा, 23 साल का रिकॉर्ड तोड़ बह रही मंदाकिनी; 10 घंटे ठप रहा ट्रेनों का पहिया
 - chitrakootsatna floods mandakini breaks 23 year record

सौजन्य से:- Jagran

पहाड़ों से उतरे पानी से डरी यूपी-एमपी की सीमा, 23 साल का रिकॉर्ड तोड़ बह रही मंदाकिनी; 10 घंटे ठप रहा ट्रेनों का पहिया

लगातार बारिश और पहाड़ों से उतरे पानी के कारण सतना और चित्रकूट में भीषण बाढ़ आ गई, जिससे मंदाकिनी नदी ...और पढ़ें

HighLights

- मंदाकिनी नदी ने 23 साल का जलस्तर रिकॉर्ड तोड़ा।

- चित्रकूट और सतना में भीषण बाढ़ से जनजीवन प्रभावित।

- वायुसेना और बचाव दलों ने सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला।

जागरण संवाददाता, कानपुर। मध्य प्रदेश के सीमावर्ती सतना और उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में लगातार बारिश और पहाड़ों से उतर रहे पानी ने शनिवार को भारी तबाही मचा दी। मंदाकिनी, शरभंग, बरदहा और वाल्मीकि नदियों में आई भीषण बाढ़ से प्रभु श्रीराम की तपोभूमि जलमग्न हो गई। मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग सतना-मानिकपुर रेलखंड पर कई किलोमीटर तक जलभराव से पांच घंटे तक प्रभावित रहा। 18 यात्री ट्रेनों व 20 मालगाड़ियों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा, जबकि बाद में काशन देकर 10 किलोमीटर की गति से ट्रेनें रात तक गुजारी गईं।

वहीं, झांसी-मीरजापुर हाईवे, चित्रकूट-सतना मार्ग पर आवागमन रोका गया। रामघाट डूब गया। सतना के चित्रकूट क्षेत्र में रजौला से देवांगना घाटी को जोड़ने वाली सड़क पर मंदाकिनी पर बना मोहकमगढ़ पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। तेज बहाव में नयागांव-हनुमानधारा पुल भी बह गया। मानिकपुर-सतना मार्ग रपटा बहने से आवागमन ठप हो गया।

तरौंहा में पुल का एप्रोच मार्ग धंस गया व निर्माणाधीन चार पहिया पार्किंग के सामने मकान की बाउंड्री भरभराकर गिर गई। मठ-मंदिर, होटल-घर डूबने से तीर्थ क्षेत्र में 10 घंटे तक पांच हजार लोग फंसे रहे। मंदाकिनी का जलस्तर 23 साल पुराना रिकार्ड तोड़ समुद्र तल से 135.200 मीटर पर पहुंच गया, जो वर्ष 2003 में 134.500 मीटर रहा था व इस साल 15 सेमी अधिक है। नदी में रामघाट पर खतरे के निशान 126.500 मीटर से 8.70 मीटर ऊपर पानी रहा।

शाम सात बजे वायुसेना उतरी और दो हेलीकाप्टर से 18 लोगों और नदी में फंसे दो ट्रक चालकों को भी रस्सी की मदद से सुरक्षित निकाला। चित्रकूट प्रशासन ने नावों-स्टीमर से छतों पर फंसे 500 से अधिक लोगों को बचाया। चित्रकूट में मंदाकिनी में बाढ़ से दीनदयाल शोध संस्थान परिसर, आरोग्यधाम, नानाजी देशमुख का आवास रहा सियाराम कुटीर, जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य का तुलसीपीठ कांच मंदिर व पंजाबी भगवान का जानकीकुंड आश्रम भी घिर गया।

होटलों व लाज में ठहरे श्रद्धालुओं व पर्यटकों को प्रशासन ने जालौन से एसडीआरएफ व प्रयागराज से एनडीआरएफ को बुलाकर सुरक्षित निकाला। सुबह पौने सात बजे रामघाट पर जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ था। घरों की दूसरी मंजिल तक पहुंच गया। परिवार छत पर पहुंचे तो घरों का सामान नष्ट हो गया। मध्य प्रदेश सीमा में लोग नाव से घरों से सामान निकालते रहे।

सतना जिले में चितहरा-मझगवां के बीच रेलवे ट्रैक पर सुबह आठ बजे पानी भरने से पवन, काशी, अमृत भारत, सारनाथ, दानापुर, गोदान एक्सप्रेस, रीवा-आनंद विहार, जनता, दुर्ग-नौतनवा व इटारसी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों को रोकना पड़ा। करीब डेढ़ फीट पानी में डूबे ट्रैक पर स्थिति देखने के बाद रेलवे ने एक बजे से काशन के साथ परिचालन शुरू कराया। मझगवां रेलवे अंडरब्रिज के पास पवरिया बाबा की ओर रेल लाइन के नीचे की मिट्टी धंस गई।

पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल के जनसंपर्क अधिकारी रशीद खान ने बताया कि ट्रैक पर पानी भरने से करीब पांच घंटे यातायात प्रभावित हुआ। डोंडा बांध लबालब भरने के बाद गेट के पास छेद होने से पानी बहने लगा। बांध टूटने की आशंका है। सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता एसके प्रसाद ने बताया कि रामघाट में जलस्तर घट रहा पर कर्वी में बढ़ रहा है।

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