यूपी में 16.18 लाख रहस्यमयी वोटर्स का दावा, चुनाव आयोग ने कहा- नियमों और पूरी पारदर्शिता के साथ जोड़े गए नाम
यूपी में 16.18 लाख रहस्यमयी वोटर्स का दावा, चुनाव आयोग ने कहा- नियमों और पूरी पारदर्शिता के साथ जोड़े गए नाम उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में 16.18 लाख 'रहस्यमयी वोटर्स' होने मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने पूरी तरह…

सौजन्य से:- ETV Bharat
यूपी में 16.18 लाख रहस्यमयी वोटर्स का दावा, चुनाव आयोग ने कहा- नियमों और पूरी पारदर्शिता के साथ जोड़े गए नाम
उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में 16.18 लाख 'रहस्यमयी वोटर्स' होने मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने पूरी तरह खारिज कर दिया है.
By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : October 6, 2026 at 10:06 PM IST
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सोशल मीडिया पर दिखायी जा रही सूचना का खंडन किया है, जिसमें दावा किया जा रहा था कि वोटर लिस्ट में '16.18 लाख रहस्यमयी वोटर्स' जोड़े गए हैं. उन्होंने कहा कि राज्य में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR)-2026 का काम पूरी तरह से कानूनी नियमों के तहत और पारदर्शी तरीके से किया गया है. लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद, तथ्यहीन और गलत धारणाओं पर टिके हुए हैं. आयोग ने इन सभी भ्रामक दावों को सिरे से खारिज कर दिया है.
घर-घर जाकर एकत्रित किए गए थे फॉर्म-6: उन्होंने बताया कि 6 जनवरी 2026 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के प्रकाशन से पहले बीएलओ ने घर-घर जाकर गणना की थी. 27 अक्टूबर 2025 से 6 जनवरी 2026 के बीच इस अभियान के तहत 16.18 लाख फॉर्म-6 एकत्र किए गए थे. ये आवेदन उन पात्र नागरिकों से लिए गए थे, जिनके नाम पुरानी मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए थे. भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के आधार पर ही इन सभी पात्र लोगों को वोटर लिस्ट में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी.
पारदर्शिता और नियमों के साथ हुआ सारा काम: नाम छिपाने या सार्वजनिक न करने के आरोपों पर उन्होंने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी. नियम के मुताबिक 6 जनवरी 2026 के बाद दावा और आपत्ति अवधि के दौरान मिले फॉर्म-6 की सूची ही वेबसाइट पर अपलोड की जाती है. हर साल होने वाले पुनरीक्षण के दौरान ड्राफ्ट सूची छपने से पहले ईआरओ नेट को फ्रीज कर दिया जाता है, जिससे कुछ फॉर्म पेंडिंग रह जाते हैं. इसके बाद दावे और आपत्तियों के निस्तारण के समय ही अंतिम सूची में इन नामों को शामिल किया जाता है.
सभी राजनीतिक दलों की सहमति से पूरा हुआ काम: फॉर्म-6 को स्वीकार करने के प्रतिशत पर सवाल उठाने वाली खबरों को उन्होंने मनगढ़ंत और बिना किसी तार्किक आधार की कल्पना बताया है. उन्होंने कहा कि फॉर्म स्वीकार करने का कोई तय प्रतिशत या फार्मूला नहीं होता, बल्कि नियमानुसार जांच के बाद ही फैसला लिया जाता है. उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण का काम सभी राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी के साथ हुआ है. अभी तक किसी भी राजनीतिक दल या व्यक्ति ने इस प्रक्रिया पर कोई सवाल या औपचारिक आरोप नहीं लगाया है.
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