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पत्नियों को गुजारा भत्ता न देने वालों पर एक्शन; लखनऊ पुलिस के फोन करते ही 153 महिलाओं को मिली धनराशि

पत्नियों को गुजारा भत्ता न देने वालों पर एक्शन; लखनऊ पुलिस के फोन करते ही 153 महिलाओं को मिली धनराशि पुलिस कमिश्नरेट की महिला एवं अपराध शाखा ने संबंधित थानों और पारिवारिक न्यायालय के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करके…

ETV Bharat के अनुसार1 अगस्त 2026 को 06:18 am बजे
पत्नियों को गुजारा भत्ता न देने वालों पर एक्शन; लखनऊ पुलिस के फोन करते ही 153 महिलाओं को मिली धनराशि

सौजन्य से:- ETV Bharat

पत्नियों को गुजारा भत्ता न देने वालों पर एक्शन; लखनऊ पुलिस के फोन करते ही 153 महिलाओं को मिली धनराशि

पुलिस कमिश्नरेट की महिला एवं अपराध शाखा ने संबंधित थानों और पारिवारिक न्यायालय के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करके दिलाई रकम.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 1, 2026 at 10:37 AM IST

लखनऊ : पारिवारिक न्यायालय से गुजारा भत्ता दिए जाने का आदेश के बावजूद पतियों से अलग हो चुकीं महिलाओं को धनराशि नहीं मिल रही थी. ऐसे मामलों में पुलिस कमिश्नरेट की महिला एवं अपराध शाखा ने संबंधित थानों और पारिवारिक न्यायालय के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करके 153 महिलाओं के खातों में धनराशि जमा कराई. आंकड़ों के मुताबिक 153 महिलाओं को 18 लाख 95 हजार 100 रुपये का गुजारा भत्ता दिलाया गया.

बताया गया कि पुलिस कमिश्नरेट की महिला एवं अपराध शाखा ने वर्ष 2012 से लंबित मामलों के साथ-साथ अप्रैल 2026 से अब तक के लंबित प्रकरणों की समीक्षा कराई. जिन मामलों में कोर्ट के आदेश के बाद भी गुजारा भत्ता जमा नहीं किया गया था. ऐसे मामलों में पतियों से बात की गई. कई लोगों को अदालत के आदेश का पालन करने के लिए काउंंसिलिंग की गई. एक बार में जो लोग नहीं माने उनसे कई बार बात की गई. जिसके बाद लखनऊ पुलिस ने 153 मामलों में गुजारा भत्ते की रकम अदालत में जमा कराई है.

बताया गया कि लखनऊ पुलिस ने बीते जून महीने में 19 महिलाओं को 1.69 लाख रुपये और जुलाई में 43 महिलाओं को 5.43 लाख रुपये का गुजारा भत्ता दिलाया. अप्रैल से अब तक कुल 18.95 लाख रुपये की राशि पीड़ित महिलाओं तक पहुंचाई गई है. सबसे अधिक 1.70 लाख रुपये का गुजारा भत्ता गाजीपुर थाना क्षेत्र के मामले में जमा कराया गया है.

पुलिस उपायुक्त महिला एवं अपराध ममता रानी ने बताया कि कई महिलाओं को अदालत का आदेश मिलने के बाद भी समय पर गुजारा भत्ता नहीं मिल रहा था. ऐसे मामलों में पुलिस केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहती है, बल्कि संबंधित पक्षों से लगातार संपर्क कर आदेश का पालन भी कराती है. हमारी कोशिश है कि अदालत के आदेश का वास्तविक लाभ पीड़ित महिलाओं तक पहुचाएं. आगे भी ऐसे मामलों में प्रभावी पैरवी और समन्वय की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.

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