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यूपी में पशुओं का होगा बीमा, केवल 15% प्रीमियम पर मिलेगी पॉलिसी, 85% खर्च उठाएगी सरकार

यूपी में पशुओं का होगा बीमा, केवल 15% प्रीमियम पर मिलेगी पॉलिसी, 85% खर्च उठाएगी सरकार पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बीमा कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की. By ETV Bharat Uttar Pradesh Team Published :…

etvbharat.com के अनुसार7 सितंबर 2026 को 05:31 pm बजे
यूपी में पशुओं का होगा बीमा, केवल 15% प्रीमियम पर मिलेगी पॉलिसी, 85% खर्च उठाएगी सरकार

सौजन्य से:- etvbharat.com

यूपी में पशुओं का होगा बीमा, केवल 15% प्रीमियम पर मिलेगी पॉलिसी, 85% खर्च उठाएगी सरकार

पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बीमा कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : September 7, 2026 at 9:22 PM IST

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में पशुओं का बीमा होगा. ‘मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना’ को वित्तीय वर्ष 2026-27 में लागू करने के लिए सोमवार को पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता में बीमा कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई. मंत्री ने सुझाव दिया कि बीमा प्रीमियम कम रखा जाए, जिससे पशुपालकों पर न्यूनतम आर्थिक बोझ पड़े और अधिक से अधिक पशुओं को बीमा सुरक्षा मिल सके.

बीमा कराने से लेकर क्लेम प्राप्त करने तक की पूरी प्रक्रिया सरल, सुविधाजनक और पारदर्शी होनी चाहिए. अनावश्यक तकनीकी औपचारिकताओं के कारण वास्तविक दावों को अस्वीकार न किया जाए. क्लेम का भुगतान समय से और निष्पक्ष तरीके से किया जाए. जनपद स्तर पर पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने और पॉलिसी संबंधी जानकारी पशुपालकों को तत्काल उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए.

पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि योजना में राज्य सरकार की 85 प्रतिशत और लाभार्थी की सिर्फ 15 प्रतिशत सहभागिता होगी. उन्होंने बीमा कंपनियों को एक, दो और तीन वर्ष की अवधि के विकल्प उपलब्ध कराने और राज्य सरकार की योजनाओं व डेयरी उन्मुख योजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए. विशेष रूप से नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना और नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों के क्रमशः दो, 10 और 25 स्वदेशी गायों के बीमा को प्राथमिकता देने को कहा.

योजना के तहत बड़े पशुओं में स्वदेशी/संकर दुधारू एवं भारवाहक पशु और छोटे पशुओं में सूकर, बकरी और भेड़ शामिल होंगे. एक परिवार के लिए 25 बड़े पशु इकाई तक बीमा कवरेज का प्रावधान है. एक बड़े पशु इकाई को 10 छोटे पशु इकाई के बराबर माना गया है. बैठक में पशुओं के अधिकतम मूल्य के संबंध में वर्गीकृत नस्ल की भैंस के लिए 75 हजार रुपये, गाय के लिए 65 हजार रुपये और छोटे पशुओं के लिए 6,500 रुपये तक के अधिकतम मूल्य पर भी चर्चा हुई.

मंत्री ने कहा कि योजना की सफलता के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ गांव स्तर तक पहुंच सुनिश्चित की जाए, जिससे कोई भी पात्र पशुपालक जानकारी के अभाव में योजना से वंचित न रहे. मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट की एंबुलेंस पर योजना से संबंधित प्रमुख बिंदुओं के स्टिकर लगाने के निर्देश दिए गए. योजना शुरू होने के बाद इसकी प्रगति की मासिक समीक्षा शासन स्तर पर की जाएगी.

अपर मुख्य सचिव, पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ पशुओं का बीमा कराना नहीं, बल्कि संकट के समय पशुपालक को वास्तविक आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है. उन्होंने बीमा कंपनियों से कम प्रीमियम में बीमा उपलब्ध कराने और बिना अनावश्यक परेशानी के समय पर क्लेम भुगतान सुनिश्चित करने की अपेक्षा की.

लम्पी रोग नियंत्रण के लिए कल से चलेगा अभियान : पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कुछ जिलों में पशुओं के लम्पी रोग से प्रभावित होने पर रोग के प्रभावी नियंत्रण एवं बचाव हेतु प्रदेश के 18 मण्डलों में नोडल अधिकारी नामित कर दिए हैं. आठ से 23 सितम्बर तक के 15 दिन के इस अभियान में लम्पी रोग से प्रभावित क्षेत्रों में वैक्सीनेशन प्लान बनाकर वैक्सीन लगाई जायेगी.

लखीमपुर खीरी से लेकर आगरा तक बेल्ट वैक्सीनेशन कराये जाने और पशुओं की आवाजाही पर रोक लगाये जाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि 15 दिनों की निर्धारित अवधि में लम्पी प्रभावित क्षेत्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएं, नहीं तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने वैक्सीनेशन कार्य, गोआश्रय स्थलों, गोसंरक्षण केन्द्रों के सैनीटाइजेशन और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए.

ये अधिकारी बनाए गए नोडल : पशुधन मंत्री की अध्यक्षता में गठित टीम में आगरा और लखनऊ मंडल के लिए अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम, मुरादाबाद मंडल के लिए एमडी पीसीडीएफ प्रकाश बिंदु, मेरठ मंडल में दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के., गोरखपुर मंडल के लिए विशेष सचिव दुग्ध राम सहाय यादव, प्रयागराज मंडल के लिए विशेष सचिव पशुधन विवेक श्रीवास्तव, सहारनपुर मंडल के लिए डॉ. संगीता निदेशक रोग नियंत्रण प्रक्षेत्र, बरेली मंडल के लिए अपर निदेशक मेघ श्याम, अलीगढ़ के लिए अपर निदेशक डॉ. प्रमोद, कानपुर मंडल में डॉ. विवेकानंद, बस्ती मंडल में डॉ. अनिल कुमार, चित्रकूट में डॉ. श्याम नगीना राम, मिर्जापुर में संयुक्त निदेशक डॉ. सुधीर, अयोध्या में डॉ. पीयूष त्रिपाठी, आजमगढ़ में प्रदीप कुमार संयुक्त निदेशक और वाराणसी में डॉ. केशव कुमार नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं.

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