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आगरा पुलिस का घिनौना खेल ! ट्रांस यमुना पुलिस पर लगा 14 लाख के जेवरात हज़म करने का आरोप

आगरा पुलिस का घिनौना खेल ! ट्रांस यमुना पुलिस पर लगा 14 लाख के जेवरात हज़म करने का आरोप आरोप है कि पुलिस ने उसकी शिकायत से दो ठगों से ठगा हुआ सोना बरामद कर लिया. बाद में पुलिस ने उन्हें माल नहीं दिया. By ETV Bharat Uttar…

ETV Bharat के अनुसार26 सितंबर 2026 को 06:04 am बजे
आगरा पुलिस का घिनौना खेल ! ट्रांस यमुना पुलिस पर लगा 14 लाख के जेवरात हज़म करने का आरोप

सौजन्य से:- ETV Bharat

आगरा पुलिस का घिनौना खेल ! ट्रांस यमुना पुलिस पर लगा 14 लाख के जेवरात हज़म करने का आरोप

आरोप है कि पुलिस ने उसकी शिकायत से दो ठगों से ठगा हुआ सोना बरामद कर लिया. बाद में पुलिस ने उन्हें माल नहीं दिया.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : September 26, 2026 at 10:51 AM IST

आगरा: आगरा की ट्रांस यमुना पुलिस का बड़ा खेल सामने आया है. पीड़ित सराफा व्यापारी ने डीसीपी सिटी से शिकायत करते हुए कहा कि मददगार बनकर पुलिस ने उसे ठगा है.

पुलिस ने उसकी शिकायत से दो ठगों से ठगा हुआ सोना बरामद कर लिया. माल बरामद करने के बाद पुलिस ने उन्हें माल नहीं दिया और कहा कि जीएसटी का लफड़े में मत पड़ो. इसके बाद बरामद माल ही बदल दिया.

आरोप लगाया कि मददगार बनकर ट्रांस थाना पुलिस उसके करीब 14 लाख रुपये का सोना डकार गई.

डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि पीड़ित सराफा व्यापारी की शिकायत पर मामले की जांच कराई जा रही है. इसमें जो भी आरोपी होगा. उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

ताजगंज थाना के नगला प्यारेलाल निवासी सुनील कुमार ने डीसीपी सिटी से शिकायत की. इसमें बताया कि मेरी बीएसआर ज्वैलर्स के नाम से सराफा की दुकान है. राजामंडी निवासी संजय वर्मा मेरे परिचित है. संजय के परिचित को दो चूड़ियों के सेट (आठ चूड़ियां) और एक ब्रेसलेट चाहिए थी.

सुनील कुमार ने बताया कि "इन जेवरात का वज़न करीब 114 ग्राम था. जिस पर मैं जेवरात लेकर संजय वर्मा से 19 अगस्त को शाहदरा में ननुआ उर्फ लियाकत की दुकान पर पहुंचा. वहां लियाकत और इमरान मिले. जेवरात के लिए कैश दिखाया और जेवरात की जांच के बहाने दोनों चले गए. जिसका वीडियो भी दिया. जब दो घंटे तक नहीं लौटे, तो मुझे चिंता हुई. मगर, तभी संजय वर्मा भी धीरे से वहां से खिसक गए. जिस पर मैंने पुलिस को सूचना दी."

ट्रांस यमुना थाना पुलिस ने संजय वर्मा और इमरान को पकड़ा और दोनों की निशानदेही पर उसी रात करीब 12 बजे सादाबाद में दबिश देकर लियाकत उर्फ ननुआ पकड़ लिया. तीनों से ठगी का पूरा माल बरामद हो गया. सुनील कहते हैं कि इसके बाद तो पुलिस की ठगी का असली खेल शुरू हुआ.

'जीएसटी का डर दिखाया, खेल कर दिया'

पीड़ित सराफा व्यापारी सुनील कुमार ने डीसीपी सिटी को बताया कि "ट्रांस यमुना थाना में मौजूद एक दारोगा ने उससे तहरीर लिखवाई. उन्होंने कहा कि पूरा माल वापस मिल जाएगा. मैंने तहरीर में एक जोड़ी चूड़ी सेट लिखे. जिस पर दारोगा ने कहा कि ज्यादा माल दिखाएगा, तो जीएसटी वाले आएंगे. जीएसटी वालों के आने की वज़ह से मैं डर गया. जिस पर मैंने जैसा दारोगा ने कहा, वैसा ही लिखकर दिया. पुलिस ने बरामद माल उस समय नहीं दिखाया और घर भेज दिया. दो दिन बाद पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया. इसके बाद थाने बुलाकर मुझे जो माल दिखाया, तो मेरे होश उड़ गए. पुलिस ने माल बदल दिया. 114 ग्राम सोने की जगह नकली माल सील किया था. सोने के जेवरात की कीमत करीब 14 लाख रुपये है. जिसे पुलिस ने खुर्द-बुर्द कर दिया."

जेल से छूटे आरोपित ने बताई हकीकत

पीड़ित सुनील कुमार ने बताया कि "आरोपित जेल से रिहा हो चुके हैं. मेरे पास आरोपी लियाकत और उसके परिवारीजनों का वीडियो है. जिसमें लिकायत कह रहा है कि पुलिस ने घर घेर लिया था. जेवरात उसने अलमारी में रखे थे. पुलिस ने पूरा माल बरामद किया था. अलमारी में रखे पांच हजार रुपये भी ले गए. जब लियाकत किसी को माल बेच नहीं पाया था, तो गहने नकली कैसे हो गए. मैंने भी पुलिस को जेवरात के फोटो लिए थे. तब बरामदगी में पुलिस ने पूरा माल बरामद होने की कही थी. इसके बाद पूरा खेल किया है."

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