इंटरनेशनल सिंडिकेट पर लखनऊ पुलिस का शिकंजा, बुजुर्ग दंपती से ठगे गए 13.83 लाख रुपये फ्रीज
इंटरनेशनल सिंडिकेट पर लखनऊ पुलिस का शिकंजा, बुजुर्ग दंपती से ठगे गए 13.83 लाख रुपये फ्रीज साइबर फ्रॉड के तार भारत के कई राज्यों के अलावा चीन, कंबोडिया और यूएई से जुड़े. By ETV Bharat Uttar Pradesh Team Published : August…

सौजन्य से:- ETV Bharat
इंटरनेशनल सिंडिकेट पर लखनऊ पुलिस का शिकंजा, बुजुर्ग दंपती से ठगे गए 13.83 लाख रुपये फ्रीज
साइबर फ्रॉड के तार भारत के कई राज्यों के अलावा चीन, कंबोडिया और यूएई से जुड़े.
By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 20, 2026 at 1:56 PM IST
लखनऊ: यूपी के लखनऊ में बुजुर्ग को 18 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 42.09 लाख ऐंठने वाले गिरोह के खिलाफ साइबर क्राइम कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा और संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध अपर्णा कुमार के निर्देश पर गठित साइबर टीम ने कार्रवाई करते हुए ठगी गई. रकम में से 13,83,735 की धनराशि बैंक खातों में फ्रीज/होल्ड करवा दी है. तकनीकी जांच में सामने आया है कि इस साइबर फ्रॉड के तार भारत के कई राज्यों के अलावा चीन, कंबोडिया और संयुक्त अरब अमीरात से जुड़े हुए हैं.
6 बैंक खातों में भेजी गई थी रकम; साइबर क्राइम थाने में वादी मुकदमा जमील अब्बास जमाली की तहरीर पर पंजीकृत किया गया था. डीसीपी अपराध अनिल कुमार यादव और एडीसीपी अपराध किरन यादव के निर्देशन में जांच कर रही है.
पुलिस टीम ने अपने जांच में पाया गया है कि पीड़ितों से ठगी गई कुल 42,09,869 की रकम 6 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई थी. साइबर टीम ने बैंकों से तत्काल संपर्क साधकर 2 खातों में मौजूद 13,83,735 की रकम को फ्रीज करवा दिया. शेष खातों की रकम को भी ब्लॉक कराने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है.
असम-गुजरात के नंबर और कंबोडिया-चीन के मिले IP एड्रेस विवेचना के दौरान पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए 6 प्रमुख मोबाइल नंबरों का तकनीकी डेटा जुटाया. ये नंबर असम, गुजरात और कर्नाटक जैसे राज्यों से जारी पाए गए हैं.
इसके अलावा, व्हाट्सएप चैट्स और कॉलिंग के आईपी एड्रेस के विश्लेषण से खुलासा हुआ कि ठगों का नेटवर्क कंबोडिया, यूएई और चीन जैसे देशों से संचालित हो रहा था. पुलिस अब इन विदेशी आईपी, मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के बीच की कड़ियां जोड़कर सिंडिकेट में शामिल आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है.
डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी व्यवस्था नहीं: एडीसीपी क्राइम किरन यादव ने आमजन को सतर्क करते हुए स्पष्ट किया कि कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई व्यवस्था नहीं है. कोई भी पुलिस अधिकारी, सीबीआई या जांच एजेंसी वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार करने या वेरिफिकेशन के नाम पर रकम ट्रांसफर करने के लिए नहीं कहती. किसी भी अनजान वीडियो कॉल, मनी लॉन्ड्रिंग या आतंकी गतिविधियों के नाम पर आने वाली फर्जी धमकियों से कतई न डरें.
कोई भी संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं. लखनऊ में 42.09 लाख की डिजिटल अरेस्ट ठगी के मामले में साइबर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 13.83 लाख रुपये फ्रीज करा दिए हैं. जांच में असम, गुजरात व कर्नाटक के नंबर और चीन, कंबोडिया व यूएई के आईपी एड्रेस का इस्तेमाल सामने आया है. पुलिस पूरे गिरोह की धरपकड़ में जुटी है.
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