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116.86 करोड़ की ठगी का खुलासा; वाराणसी में चार आरोपी गिरफ्तार, दर्ज थीं 143 शिकायतें

116.86 करोड़ की ठगी का खुलासा; वाराणसी में चार आरोपी गिरफ्तार, दर्ज थीं 143 शिकायतें ACP विनय कुमार त्रिवेदी ने रविवार को प्रेसवार्ता के दौरान दी जानकारी. By ETV Bharat Uttar Pradesh Team Published : August 23, 2026 at 7…

ETV Bharat के अनुसार23 अगस्त 2026 को 02:55 pm बजे
116.86 करोड़ की ठगी का खुलासा; वाराणसी में चार आरोपी गिरफ्तार, दर्ज थीं 143 शिकायतें

सौजन्य से:- ETV Bharat

116.86 करोड़ की ठगी का खुलासा; वाराणसी में चार आरोपी गिरफ्तार, दर्ज थीं 143 शिकायतें

ACP विनय कुमार त्रिवेदी ने रविवार को प्रेसवार्ता के दौरान दी जानकारी.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 23, 2026 at 7:25 PM IST

वाराणसी : पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने गिरोह से जुड़े 41 बैंक खातों में करीब 116.86 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन मिलने का दावा किया है. इन पर देश के अलग-अलग हिस्सों में 143 शिकायतें दर्ज मिली हैं. पुलिस के मुताबिक, दो आरोपी फरार चल रहे हैं, जिनको पकड़ने के लिए विशेष टीम तैनात की गई हैं.

ACP विनय कुमार त्रिवेदी ने रविवार को प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि गिरोह के सदस्य पहले लोगों को मुनाफा और कमीशन का झांसा देते थे. इसके बाद उनके नाम पर बैंक खाता खुलवाते थे. इसके बाद इन खातों में इन्वेस्टमेंट फ्रॉड और ऑनलाइन साइबर अपराधों से जुटाई गई रकम मंगाई जाती थी. इस घटना में 41 बैंक खातों की 143 शिकायतें सामने आईं हैं.

एसीपी ने बताया कि इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पहले ये रोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को झांसे में लेते थे, फिर उनके द्वारा फर्जी फर्म के नाम पर बैंक में खाते खुलवाते थे. एसीपी ने बताया कि उसके बाद आरोपी पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी और मोबाइल नंबर कब्जे में ले लेते थे. उन्होंने बताया कि इसके बाद आरोपी ठगी की घटना को अंजाम देते थे.

उन्होंने बताया कि यह गिरोह पहले पीड़ितों के मोबाइल में एक एपीके फाइल इंस्टॉल करता था, जो सिम फॉरवर्डिंग की कार्य को सक्रिय कर देता था, जिससे बैंक का ओटीपी सीधा आरोपियों के मोबाइल पर पहुंच जाता था और आरोपी कहीं पर भी बैठ करके खाते की रकम को इस तरीके के मूल खातों में ट्रांसफर करवा देता था.

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से आधा दर्जन से ज्यादा मोबाइल, लैपटॉप, चेकबुक, डेबिट व क्रेडिट कार्ड, पास बुक और कई वाहन भी बरामद किए गए हैं. सभी डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच की जा रही है और इनसे जुड़े हुए अन्य ठिकानों और लोगों का भी पता लगाया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि साथ ही जो ठगी की रकम है उसके बारे में भी जानकारी हासिल की जा रही है. उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान नीतीश कुमार पांडेय के रूप में हुई है, जो गैंग का सरगना है. इसके अलावा आरोपी दुष्यंत सिंह, हिमांशु झा और मोहम्मद रेहान को गिरफ्तार किया गया है. दो आरोपी अभी फरार हैं, जिनको पकड़ने के लिए टीमें गठित की गई हैं.

यह भी पढ़ें : 250 करोड़ की साइबर ठगी में बैंक रिलेशन मैनेजर गिरफ्तार, लेनदेन की व्यवस्था कराने में लेता था मोटा कमीशन

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