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प्रयागराज में गंगा-यमुना उफान पर, तस्वीरों में देखें बाढ़ से घिरने लगे 100 से ज्यादा गांव; शहर के मोहल्लों में भी घुसने लगा पानी - prayagraj floods alart ganga yamuna overflow 100 above villages and some city areas at risk too

प्रयागराज में गंगा-यमुना उफान पर, तस्वीरों में देखें बाढ़ से घिरने लगे 100 से ज्यादा गांव; शहर के मोहल्लों में भी घुसने लगा पानी प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियां उफान पर होने से 100 से अधिक गांव बाढ़ से घिर गए हैं और श…

Jagran के अनुसार20 अगस्त 2026 को 05:55 pm बजे
प्रयागराज में गंगा-यमुना उफान पर, तस्वीरों में देखें
बाढ़ से घिरने लगे 100 से ज्यादा गांव; शहर के मोहल्लों में भी घुसने लगा पानी - prayagraj floods alart ganga yamuna overflow 100 above villages and some city areas at risk too

सौजन्य से:- Jagran

प्रयागराज में गंगा-यमुना उफान पर, तस्वीरों में देखें बाढ़ से घिरने लगे 100 से ज्यादा गांव; शहर के मोहल्लों में भी घुसने लगा पानी

प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियां उफान पर होने से 100 से अधिक गांव बाढ़ से घिर गए हैं और शहरी मोहल्लों में पानी घुसने लगा है। बांधों से पानी छोड़े जाने और पहाड़ों पर भारी वर्षा के कारण जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।

HighLights

- बांधों व बैराजों से आ रहा पानी बढ़ाएगा परेशानी, पहाड़ों पर हो रही वर्षा से बाढ़ की आशंका

- कानपुर, नरौरा, हरिद्वार, माताटीला से छोड़ा जा रहा गंगा व यमुना में 12 लाख क्यूसेक पानी

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ने से हालत गंभीर होने लगे हैं। दोनों नदियां उफान पर हैं। इससे शहर तथा आसपास के क्षेत्र बाढ़ के मुहाने पर पहुंच गए हैं। नालों से बाढ़ का पानी मोहल्लों तथा गांवों में घुसने लगा है। बाढ़ के खतरे को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं।

36 घंटे में गंगा-यमुना का कितना बढ़ा जलस्तर?

18 अगस्त की सुबह से 19 अगस्त की शाम तक 36 घंटे में गंगा का जलस्तर 44 सेमी तो यमुना का 73 सेमी बढ़ा है। वहीं दोनों नदियों का मिलाकर छतनाग में 71 सेमी जलस्तर बढ़ गया। 19 अगस्त की रात गंगा का जलस्तर 80.43 मीटर तो यमुना का 79.94 मीटर पहुंच गया। दोनों नदियों में अभी और पानी बढ़ने की संभावना है।

गंगा-यमुना का और बढ़ेगा जलस्तर

कानपुर व हरिद्वार बैराज तथा नरौरा एवं माताटीला बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं केन, बेतवा, चंबल, टोंस नदियों का पानी भी गंगा व यमुना में आ रहा है, जिससे जनपद में जलस्तर अभी बढ़ेगा। मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश व बुंदेलखंड क्षेत्र में हो रही भारी वर्षा का असर गंगा तथा यमुना में पड़ रहा है। दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बाढ़ की आशंका बढ़ गई है।

गंगा-यमुना का जलस्तर

- गंगा का जलस्तर- 80.43 मीटर

- यमुना का जलस्तर- 79.94 मीटर

- छतनाग में दोनों का जलस्तर- 79.53 मीटर

- प्रयागराज में खतरे का निशान- 84.73 मीटर।

भी दो मीटर तक बढ़ सकता है

सिंचाई विभाग बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता डीएन शुक्ला का कहना है कि गंगा व यमुना का जलस्तर अभी दो मीटर तक बढ़ सकता है। इससे संगम के पास बंधवा वाले बड़े हनुमानजी का महास्नान गुरुवार तक हो जाएगा। इस मंदिर में गंगा का जल स्तर 81.55 मीटर होने पर पानी प्रवेश कर जाता है। एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह ने बताया कि गंगा व यमुना में बाढ़ की संभावना पर सारे प्रबंध कराए जा रहे हैं।

टोंस, लपरी, टुड़ियारी, सिवटी, गोरमा का जलस्तर बढ़ रहा

करछना, मेजा, बारा, सोरांव, फूलपुर व हंडिया तहसील के सौ से ज्यादा बाढ़ के पानी से घिरने लगे हैं। यमुनापार में बेलन नदी का पानी कम हो गया है मगर मीरजापुर के बांधों में ज्यादा पानी होने से वर्षा होने पर गेट खोले जा सकते हैं, जिससे फिर बेलन के बढ़ने की संभावना है। वहीं टोंस, लपरी, टुड़ियारी, सिवटी, गोरमा का जलस्तर अभी बढ़ रहा है।

मेजा-कोरांव में रपटा पर आवागमन पर रोक

पहाड़ी नदियों के उफान पर होने से मेजा, कोरांव व बारा क्षेत्र में रपटा पर आवागमन न करने का प्रशासन ने आह्वान किया है। एसडीएम कोरांव टी. प्रसाद ने बताया कि पहाड़ों पर बरसात होने से टुडियार, भोगन से जाने वाली नदी एवं टोंस नदी में जलस्तर बढ़ गया है। पानी छोड़ने की सूचना मिलने पर लेखपाल, प्रधान, ग्राम स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तत्काल सूचित करने और जनमानस को एहतियात बरतने को सतर्क किया जाता है। नदियों पर बने रपटा के ऊपर पानी आ जाने के बावजूद ग्रामीणों द्वारा आवागमन जारी रखा जाता है। यह स्थिति अत्यंत गंभीर है। रपटा पर आवागमन न करें। बच्चों को भी न जाने दें।

जलस्तर बढ़ने की रफ्तार कुछ धीमी

गंगा और यमुना का जलस्तर गुरुवार को भी बढ़ा है। अलबत्ता रफ्तार कुछ धीमी हो गई है। कानपुर बैराज से तीन दिन तक तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जो बुधवार रात से ढाई लाख क्यूसेक कर दिया गया है। इसी तरह केन और बेतवा नदियों का भी पानी कम होने लगा है। चंबल नदी का पानी आ रहा है, जिससे यमुना नदी का जलस्तर अभी और बढ़ सकता है।

बड़े हनुमानजी कॉरीडोर में पहुंचा बाढ़ का पानी, महास्नान अभी नहीं

गुरुवार शाम गंगा का जलस्तर 80.61 मीटर तो यमुना का जल स्तर 79.93 मीटर पर पहुंच गया है। चार घंटे में दोनों नदियों का पानी दो-दो सेमी बढ़ा है। माना जा रहा है कि दोनों नदियों का 45 से 50 सेमी जलस्तर बढ़ेगा तो बड़े हनुमानजी का महास्नान हो सकेगा। हालांकि परिसर तक पानी पहुंच चुका है। वहीं इन नदियों के जलस्तर बढ़ने से दर्जनों गांवों तथा एक दर्जन मोहल्लों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से सतर्कता बरतने के निर्देश दे दिए गए हैं।

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