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प्रयागराज में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख की ठगी, नियुक्ति पत्र मांगा तो जान से मारने की दी धमकी - prayagraj youth duped of rs 10 lakh in govt job scam and threatened

प्रयागराज में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख की ठगी, नियुक्ति पत्र मांगा तो जान से मारने की दी धमकी प्रयागराज में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से 10 लाख रुपये की ठगी की गई। नियुक्ति पत्र मांगने पर जान स…

Jagran के अनुसार2 अगस्त 2026 को 10:18 am बजे
प्रयागराज में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख की ठगी, नियुक्ति पत्र मांगा तो जान से मारने की दी धमकी - prayagraj youth duped of rs 10 lakh in govt job scam and threatened

सौजन्य से:- Jagran

प्रयागराज में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख की ठगी, नियुक्ति पत्र मांगा तो जान से मारने की दी धमकी

प्रयागराज में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से 10 लाख रुपये की ठगी की गई। नियुक्ति पत्र मांगने पर जान से मारने की धमकी मिली, जिसके बाद धूमन ...और पढ़ें

HighLights

- आरोपित के खिलाफ धूमनगंज थाने में केस दर्ज

- बलिया का मूल निवासी भुक्तभोगी झूंसी में रहता है

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। बलिया से आकर झूंसी में रह रहे अवधेश कुमार से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख की ठगी करने और धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने धूमनगंज थाने में आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

कई लोगों का फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाकर फंसाया

बलिया जनपद में बांसडीह क्षेत्र के छितौनी गांव निवासी अवधेश कुमार यादव झूंसी में रहता है। अवधेश कुमार का कहना है कि अप्रैल 2025 में मीरापट्टी ट्रांसपोर्ट नगर, धूमनगंज निवासी ईश्वरी प्रसाद से उसकी पहचान हुई थी। उसने सरकारी नौकरी दिलाये जाने के नाम पर अपनी बातों में फंसा लिया। उसने कई लोगों के नियुक्ति पत्र दिखाए कि उन सभी की सरकारी नौकरी लगवाई है।

आरोपित व सहयोगी के खाते में ट्रांसफर किए रुपये

अवधेश कुमार यादव का आरोप है कि कुछ दिन बाद ईश्वरी प्रसाद ने उसे नियुक्ति पत्र दिखाया कि उसकी नौकरी लग गई है। विश्वास करके ईश्वरी प्रसाद के सुलेमसराय स्थित एसबीआई बैंक खाता में पांच लाख 90 हजार और उसके सहभागी वंदना रानी यादव के खाते में चार लाख 10 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया।

पुलिस मामले की जांच कर रही

इसके बाद जब अवधेश ने ईश्वरी प्रसाद से अपना नियुक्ति पत्र मांगा तो उसने नहीं दिया। दिए गए रुपये वापस मांगा तो गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। तब पता चला कि ईश्वरी प्रसाद व उसकी साथी वंदना रानी यादव ने उसके साथ धोखाधड़ी, ठगी की है। आरोप लगाया कि जो नियुक्ति पत्र ईश्वरी प्रसाद ने उसे दिखाया था, वह फर्जी व कूटरचित था। भुक्तभोगी ने धूमनगंज थाने में आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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