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उत्तर प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों को सस्ते किराए के मकान: नई रेंटल हाउसिंग नीति और संपत्ति से बेदखली का अधिकार

यूपी सरकार शहरी क्षेत्रों में वरिष्ठ नागरिकों को सस्ते किराए पर मकान देने के लिये नई रेंटल हाउसिंग नीति तैयार कर रही है। इस नीति के साथ ही ‘भरण‑पोषण तथा कल्याण नियमावली‑2014’ में संशोधन कर वरिष्ठ नागरिकों को देखभाल‑न करने वाली संतानों को अपनी संपत्ति से बेदखल करने का अधिकार दिया गया है। नीति का मसौदा तैयार करने के लिये सचिव आवास की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय समिति गठित की गई है।

Hindustan के अनुसार9 सितंबर 2026 को 10:04 pm बजे
उत्तर प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों को सस्ते किराए के मकान: नई रेंटल हाउसिंग नीति और संपत्ति से बेदखली का अधिकार

सौजन्य से:- Hindustan

योगी सरकार शहरों में बुजुर्गों को देगी किराए पर मकान, ला रही है नई रेंटल हाउसिंग नीति

योगी आदित्यनाथ यूपी के शहरों में बुजुर्गों को किराए पर मकान देगी। सरकार जल्द ही नई रेंटल हाउसिंग नीति लेकर आने वाली है। इसके लिए सचिव आवास की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय समिति बना दी गई है। विशेष सचिव आवास ने शासनादेश जारी कर दिया है। निदेशक आवास बंधु को सदस्य संयोजक बनाया गया है।

योगी आदित्यनाथ सरकार यूपी के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों के लिए जल्द ही नई रेंटल हाउसिंग नीति लेकर आने जा रही है। इसमें प्रदेश के सीनियर सिटीजन को सस्ते दरों पर मकान देने की सुविधा होगी। नीति तय करने के लिए सचिव आवास की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय समिति बना दी गई है। विशेष सचिव आवास राजेश कुमार राय ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। इसमें लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, वाराणसी और मेरठ विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष को रखा गया है। अपर आवास आयुक्त आवास विकास परिषद और मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक नगर और ग्राम नियोजन विभाग भी सदस्य होंगे।

निदेशक आवास बंधु को सदस्य संयोजक बनाया गया है। समिति नीति के संबंध में प्रस्ताव तैयार करते हुए अपने संस्तुति देगी।राज्य सरकार चाहती है कि प्रदेश के बुजुर्गों को बुढ़ापे में इधर-उधर न भटकना पड़े। खराब स्थिति या फिर जरूरत पड़ने पर उन्हें सस्ते दरों पर किराए पर मकान उपलब्ध कराया जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए नीति बनाने के लिए समिति बनाई गई है। बताया जा रहा है कि प्रदेश के सभी शहरों में इस तरह के मकान बनाए जाएंगे और इसे केवल बुजुर्गों को दिया जाए।

देखभाल न करने वाली संतानों के खिलाफ मिला था ये हक

योगी सरकार लगातार बुजुर्गों को सशक्त बनाने के लिए प्रावधान कर रही है। नई रेंटल हाउसिंग नीति में बुजुर्गों के लिए खास प्रावधान से पहले सरकार ने पिछले महीने बुजुर्गों को यह कानूनी हक दिया था कि वे देखभाल न करने वाली संतानों को अपनी संपत्ति से बेदखल कर सकते हैं। योगी कैबिनेट ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के सम्मानजनक जीवन और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कैबिनेट बैठक के बाद बताया था कि मंत्रिमंडल ने ‘उत्तर प्रदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली-2014’ में संशोधन करते हुए नियम 22 में 22क, 22ख और 22ग जोड़ने का निर्णय लिया है।

बुजुर्गों के साथ दुर्व्यहार और अत्याचार पर योगी सरकार सख्त

नए प्रावधानों के तहत मां-बाप अपने बच्चों को संपत्ति से बेदखल कर सकेंगे। इसके लिए बेदखली की प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है। यदि किसी भी वरिष्ठ नागरिक की संतान या उनके अन्य आश्रित रिश्तेदार उनका भरण-पोषण नहीं नहीं करते हैं या फिर उनके साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार कर रहे हैं तो पीड़ित बुजुर्ग उन्हें अपनी संपत्ति से बेदखल कर सकेंगे। सरकार द्वारा किए गए इस बदलाव का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक जीवन देने के साथ उनके अधिकारों की रक्षा करना और उनके साथ होने वाले अत्याचार और दुर्व्यवहार में कमी लाना है।

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