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वाराणसी में जलभराव पर योगी सरकार का एक्शन, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सस्पेंड

वाराणसी में जलभराव पर योगी सरकार का एक्शन, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सस्पेंड प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया कि चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन पर नदी के बैकफ्लो को रोकने के लिए आवश्यक गेट/बैरियर लगाने संबंधी आकलन और कार्ययोजन…

ABP News के अनुसार14 सितंबर 2026 को 07:04 pm बजे
वाराणसी में जलभराव पर योगी सरकार का एक्शन, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सस्पेंड

सौजन्य से:- ABP News

वाराणसी में जलभराव पर योगी सरकार का एक्शन, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सस्पेंड

प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया कि चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन पर नदी के बैकफ्लो को रोकने के लिए आवश्यक गेट/बैरियर लगाने संबंधी आकलन और कार्ययोजना तैयार नहीं की गई.

उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ सरकार ने जनसमस्याओं के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाया है. वाराणसी में जलभराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के निर्माण खंड में तैनात एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पवन कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है. उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के नियम-7 के अंतर्गत अनुशासनिक जांच भी बैठाई गई है.

नगर निकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्य अभियंता (क्रय), उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), लखनऊ को इस प्रकरण में पदेन जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है. सरकार ने इस कार्रवाई के जरिये स्पष्ट किया है कि जनसुविधाओं से जुड़े मामलों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी और जिम्मेदार अधिकारियों को जवाब देना होगा.

जांच में क्या आया सामने?

प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया कि चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन पर नदी के बैकफ्लो को रोकने के लिए आवश्यक गेट/बैरियर लगाने संबंधी आकलन और कार्ययोजना तैयार नहीं की गई. इसके अलावा उच्चाधिकारियों के निर्देशों के अनुपालन में भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई. जांच में यह भी सामने आया कि 3 और 4 सितंबर को चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन और गोईठहां एसटीपी पर स्थित पम्प बंद रखे गए.

मंत्री ने जताई थी नाराजगी

भारी बारिश के दौरान समय से पम्पों का संचालन नहीं होने से सीवर लाइनों पर अत्यधिक लोड पड़ा और शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई. इससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और विभाग की छवि भी प्रभावित हुई. नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने 12 और 13 सितंबर को वाराणसी दौरे के दौरान जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया था. उन्होंने अधिकारियों को जल निकासी की व्यवस्था युद्धस्तर पर सुनिश्चित करने और आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए थे.

लापरवाही करने वाले अधिकारियों को दी थी वॉर्निंग

निरीक्षण के दौरान उन्होंने जलभराव की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए लापरवाही करने वाले अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी. फिलहाल शासन ने अधिशासी अभियंता पवन कुमार गुप्ता को निलंबन अवधि में मुख्य अभियंता (कानपुर क्षेत्र), उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), कानपुर कार्यालय से संबद्ध किया है. उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा.

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