होमक्राइमपूरा विश्व देखेगा झांसी के ‘मिनी जामताड़ा’ की कहानी, उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई की बन रही डॉक्यूमेंट्री - world will witness the story of jhansis mini jamtara bprd is preparing documentary on the uttar pradesh police crackdown
क्राइम

पूरा विश्व देखेगा झांसी के ‘मिनी जामताड़ा’ की कहानी, उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई की बन रही डॉक्यूमेंट्री - world will witness the story of jhansis mini jamtara bprd is preparing documentary on the uttar pradesh police crackdown

पूरा विश्व देखेगा झांसी के ‘मिनी जामताड़ा’ की कहानी, उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई की बन रही डॉक्यूमेंट्री Jhansi Crime: बीपीआरडी कटेरा थाना क्षेत्र के मौरयाना, खैरयाना और काडोर गांव में पुलिस और पीएसी की संयुक्त कार्रव…

Jagran के अनुसार17 अगस्त 2026 को 02:55 pm बजे
पूरा विश्व देखेगा झांसी के ‘मिनी जामताड़ा’ की कहानी, उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई की बन रही डॉक्यूमेंट्री - world will witness the story of jhansis mini jamtara bprd is preparing documentary on the uttar pradesh police crackdown

सौजन्य से:- Jagran

पूरा विश्व देखेगा झांसी के ‘मिनी जामताड़ा’ की कहानी, उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई की बन रही डॉक्यूमेंट्री

Jhansi Crime: बीपीआरडी कटेरा थाना क्षेत्र के मौरयाना, खैरयाना और काडोर गांव में पुलिस और पीएसी की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए साइबर ठगों के गैंग पर डॉक्यूमेंट्री तैयार कर रहा है।

HighLights

- साइबर ठगी में लिप्त थे झांसी के तीन गांव के दर्जनों लोग

- 270 पुलिसकर्मियों ने पीएसी के साथ मारा था छापा

- रेकी से लेकर गैंग के साइबर अपराधियों के पकड़े जाने तक की बनाई कहानी

- ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवेलपमेंट ने मांगे रेकी के वीडियो फुटेज

- जामताड़ा के खुलासे की कार्रवाई के दौरान ड्रोन की मदद से जुटाई जानकारी

जागरण संवाददाता, झांसी। वीरांगना की धरती झांसी के कटेरा थाना क्षेत्र के तीन गांवों से संचालित साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क को अब विश्व में विख्यात होगा। पुलिस अब इस पूरे ऑपरेशन की डॉक्यूमेंट्री बनाने की तैयारी में है।

इसके लिए बीपीआरडी (ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवेलपमेंट) से सम्पर्क साधा गया है। बीपीआरडी ने तीनों गांव में रेकी से लेकर छापामार कार्रवाई तक के वीडियो व ड्रोन से लिए गए फुटेज मांगे हैं। यह डॉक्यूमेंट्री जब जारी होगी तो हर व्यक्ति मिनी जामताड़ा में चल रहे खेल और नेटवर्क तोड़ने में पुलिस का गुडवर्क जान सकेगा।

कटेरा थाना क्षेत्र के मौरयाना, खैरयाना और काडोर गांव में पुलिस और पीएसी की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए साइबर ठगों के गैंग पर बीपीआरडी डॉक्यूमेंट्री तैयार कर रहा है। इसके लिए जिले की पुलिस से रिपोर्ट और घटनाक्रम की जानकारी मांगी गई है। डॉक्यूमेंट्री में साइबर ठगों के नेटवर्क का पता लगाने से लेकर पुलिस की रेकी, छापेमारी और गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी तक की पूरी कहानी सिलसिलेवार दिखाई जाएगी।

‘मिनी जामताड़ा’ के नाम से विख्यात हुआ इलाका

तीन गांवों में सक्रिय साइबर ठगी के नेटवर्क को स्थानीय स्तर पर ‘मिनी जामताड़ा’ के रूप में देखा गया। पुलिस को जब साइबर ठगी के इस संगठित नेटवर्क की जानकारी मिली तो आरोपियों तक पहुंचने के लिए गोपनीय तरीके से पड़ताल शुरू की गई। पुलिस की कार्रवाई केवल दबिश तक सीमित नहीं रही। आरोपियों की गतिविधियों, उनके ठिकानों और गांव में उनकी मौजूदगी के बारे में भी जानकारी जुटाई गई।

270 पुलिसवालों की सुरक्षा का भी रखा गया था ध्यान

इस एक्शन को आईपीएस अधिकारी अरीबा नोमान ने लीड किया। कानपुर का बिकरु कांड को ध्यान में रखते हुए 270 पुलिसवालों को एक साथ पेशेवर साइबर ठगों के तीन गांवों में दबिश के लिए भेजना बड़ी चुनौती से कम नहीं था। छापेमारी से पहले पुलिस टीम ने भेष बदलकर रेकी की और गांव में हथियारों की जानकारी जुटाई।

पुलिसकर्मी किसान के रूप में गांव में पहुंचे थे और हर गतिविधियों की जानकारी जुटाई। किस घर में संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं, कौन लोग नेटवर्क से जुड़े हैं और किन स्थानों पर ठगी का काम किया जा रहा है। जानकारी जुटाने के बाद इसकी रणनीति तैयार की गई। डॉक्यूमेंट्री में पुलिस की इस गोपनीय रेकी को भी प्रमुखता से शामिल किए जाएगा।

क्या है बीपीआरडी

बीपीआरडी (ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवेलपमेंट) केंद्रीय गृह मंत्रालय से जुड़ा संगठन है। इसका काम किसी थाने की तरह सीधे रोजमर्रा के अपराधों की जांच करना नहीं, बल्कि देश में पुलिसिंग को बेहतर बनाने के लिए शोध, नीति, प्रशिक्षण, तकनीक, आधुनिकीकरण और क्षमता निर्माण पर काम करना है। किसी नये तरह के अपराध से निपटने के लिए पुलिस को किस तरह प्रशिक्षित किया जाए। जांच में कौन सी तकनीक उपयोगी होगी, पुलिस के लिए किस तरह के उपकरण और मानक होने चाहिए तथा अलग-अलग राज्यों में अपनाई जा रही अच्छी कार्यप्रणाली को दूसरे राज्यों तक कैसे पहुंचाया जाये।

सिर्फ तस्वीरें नहीं होंगी

झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि डॉक्यूमेंट्री में केवल गिरफ्तारी की तस्वीरें ही नहीं होंगी। साइबर ठगी का नेटवर्क किस तरह काम करता था, पुलिस को इसकी जानकारी कैसे मिली और आरोपियों तक पहुंचने के लिए किस तरह की जांच की गई, इन सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा। पुलिस की शुरूआती सूचना से लेकर रेकी, टीम गठन, दबिश और आरोपियों की गिरफ्तारी तक के घटनाक्रम को क्रमवार प्रस्तुत किया जाएगा। बीपीआरडी ने पुलिस से इस पूरे ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी मांगी है।

सिर्फ कार्रवाई की प्रक्रिया बताना उद्देश्य नहीं

पुलिस अधीक्षक, साइबर क्राइम झांसी, अरीबा नोमान ने बताया कि बीपीआरडी की ओर से तैयार की जा रही इस डॉक्यूमेंट्री का उद्देश्य केवल कार्रवाई की कहानी बताना नहीं है। इससे पुलिसकर्मियों और आम लोगों को साइबर अपराध के बदलते तौर-तरीकों के प्रति जागरूक करने की भी योजना है। तैयार होने के बाद इसे प्रदेश के विभिन्न जिलों की पुलिस के बीच दिखाया जाएगा, ताकि पुलिस अधिकारी और कर्मचारी इस कार्यवाही से सीख ले सकें। साथ ही साइबर अपराध के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही की रणनीति बनाने में भी इससे मदद मिलेगी।

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें