पश्चिमी यूपी में हाई कोर्ट बेंच की मांग को सीएम योगी ने नकारा, वकीलों से बोले- हमारे अधिकार में नहीं - western up high court bench cm yogi rejects lawyers demand
पश्चिमी यूपी में हाई कोर्ट बेंच की मांग को सीएम योगी ने नकारा, वकीलों से बोले- हमारे अधिकार में नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिमी यूपी में हाई कोर्ट बेंच की वकीलों की मांग को यह कहकर खारिज कर दिया ...और पढ़ें Hi…

सौजन्य से:- jagran.com
पश्चिमी यूपी में हाई कोर्ट बेंच की मांग को सीएम योगी ने नकारा, वकीलों से बोले- हमारे अधिकार में नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिमी यूपी में हाई कोर्ट बेंच की वकीलों की मांग को यह कहकर खारिज कर दिया ...और पढ़ें
HighLights
- सीएम योगी ने हाई कोर्ट बेंच मांग को अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया।
- अधिवक्ताओं ने सीएम के इनकार के बाद आंदोलन की घोषणा की।
- सहारनपुर में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष को काले झंडे दिखाए जाएंगे।
जागरण संवाददाता, मेरठ। हाई कोर्ट बेंच की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए केंद्रीय संघर्ष समिति के बैनर तले अधिवक्ताओं ने सुबह हंगामा किया। कार्यक्रम के बाद प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान सीएम ने दो टूक कह दिया कि हाई कोर्ट बेंच देना उनके अधिकार में नहीं है। यह सुप्रीम कोर्ट से संबंधित है।
अधिवक्ताओं की सभी दलीलों को उन्होंने नकार दिया और बेंच देने से इनकार करके चले गए। इससे नाराज अधिवक्ताओं ने मंगलवार को सहारनपुर में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष को काले झंडे दिखाने तथा मेरठ में दोनों बार की संयुक्त आम सभा बुलाकर आंदोलन की घोषणा करने का फैसला किया है।
सम्मेलन समाप्त होने पर अधिकारियों ने लगभग साढ़े तीन बजे 9 अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वेदव्यासपुरी स्थित आरएएफ के अतिथिगृह में वार्ता कराई।
22 जनपदों में दो लाख वकील और सात करोड़ की आबादी
केंद्रीय संघर्ष समिति के चेयरमैन अनुज शर्मा, संयोजक परवेज आलम, जिला बार अध्यक्ष रविंद्र सिंह और महामंत्री प्रशांत गुप्ता ने उन्हें मांगपत्र सौंपकर बताया कि पश्चिम में 22 जनपदों में दो लाख वकील और सात करोड़ की आबादी है। लंबित मामलों और क्षेत्रफल के आधार पर इस क्षेत्रफल को हाईकोर्ट बेंच मिलनी चाहिए। 50 साल से यह मांग की जा रही है। यदि अनुचित मांग है तो इनकार कर दीजिए।
केंद्रीय संघर्ष समिति के चेयरमैन अनुज शर्मा और संयोजक परवेज आलम ने बताया कि मुख्यमंत्री ने वार्ता के दौरान हाई कोर्ट बेंच देने से साफ इंकार कर दिया है।उन्होंने कहा है कि बेंच देना हमारा नहीं सुप्रीम कोर्ट का अधिकार क्षेत्र है।
अधिवक्ताओं ने मांग की कि जम्मू कश्मीर की लद्दाख बेंच की भांति आप भी विधानसभा से बेंच का प्रस्ताव पास करके केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट के लिए भेज दीजिए। उन्होंने इसके नियमों की जानकारी भी दी तो सीएम ने कह दिया कि आप ये नियम लिखकर दे दीजिए। यह कहकर मुख्यमंत्री चले गए। प्रतिनिधिमंडल में मेरठ बार के पूर्व अध्यक्ष गजेंद्र सिंह धामा, प्रबोध शर्मा, जबर सिंह, वीरेंद्र सिंह सिरोही, सतीश राजबल शामिल रहे।
आज संयुक्त आमसभा, राष्ट्रीय अध्यक्ष को दिखाएंगे काले झंडे
सीएम के जवाब से नाराज अधिवक्ताओं ने तुरंत बैठक बुलाई। अनुज शर्मा और परवेज आलम ने बताया प्रदेश सरकार का बेंच को लेकर नजरिया आज स्पष्ट हो गया है। अब संघर्ष समिति आंदोलन को चरम पर ले जाएगी। इसके लिए मंगलवार को सहारनपुर में राष्ट्रीय अध्यक्ष को काले झंडे दिखाकर विरोध किया जाएगा। ल्द केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक भी बुलाई जाएगी।
अधिवक्ताओं को अखरा जनप्रतिनिधियों का मौन
दोनों पदाधिकारियों ने बताया कि सीएम से वार्ता के दौरान सांसद अरुण गोविल, राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीकांत बाजपेयी, प्रभारी जिला मंत्री असीम अरुण, राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर तथा कैंट विधायक अमित अग्रवाल भी मौजूद थे लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि ने सीएम के सामने बेंच को लेकर एक भी शब्द नहीं बोला।
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