दो हजार करोड़ से अपग्रेड होगा ड्रैनेज सिस्टम; वाराणसी नगर निगम ने शुरू की कवायद
दो हजार करोड़ से अपग्रेड होगा ड्रैनेज सिस्टम; वाराणसी नगर निगम ने शुरू की कवायद विश्व के प्राचीन शहरों में शामिल बनारस में इस बार की बारिश ने जलनिकासी की पोल खोल दी. By ETV Bharat Uttar Pradesh Team Published : September…

सौजन्य से:- ETV Bharat
दो हजार करोड़ से अपग्रेड होगा ड्रैनेज सिस्टम; वाराणसी नगर निगम ने शुरू की कवायद
विश्व के प्राचीन शहरों में शामिल बनारस में इस बार की बारिश ने जलनिकासी की पोल खोल दी.
By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : September 19, 2026 at 7:46 AM IST
वाराणसी: शहर का ड्रैनेज सिस्टम दुरुस्त करने में 2000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. नगर निगम ने जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए योजना पर काम शुरू कर दिया है. हाल में हो रही भीषण बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में कमर तक पानी भर गया, जिसे लेकर राजनीति भी गर्म रही. अब इसे ठीक करने की कवायद शुरू की जा रही है.
विश्व के प्राचीन शहरों में शामिल बनारस में इस बार की बारिश ने जलनिकासी की पोल खोल दी. हर वार्ड, हर गली में जलभराव ने लोगों को काफी परेशान किया. यह समस्या लोगों की परेशानियों की सबसे बड़ी वजह बनी हुई है. हालांकि अब नया प्लान, नया ड्रेनेज सिस्टम जलजमाव से मुक्ति दिलाएगा.
शासन की ओर से मिले दो हजार करोड़ से वार्डों की सीवरलाइन और 200 से अधिक प्वाइंट्स पर यानी जर्जर हो चुके पुराने पाइपलाइन को अपग्रेड किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. यह वार्ड शहर की गलियां और मुख्य मार्ग हैं, इसके साथ ही निगम क्षेत्र में विस्तारीकरण कारण के बाद आए हुए वार्डों में भी सीवर का जाल बिछाया जाएगा.
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि बनारस की सीरियस समस्या को दूर करने के लिए नया मास्टर प्लान तैयार किया गया है. इसमें सीवर जलकल और मूलभूत सुविधाओं के इंफ्रास्ट्रक्चर को डेवलप किया जाएगा. सबसे पहले बनारस के 200 से ज्यादा वार्ड में इस काम को शुरू किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि नव-विस्तारित क्षेत्र में 84 नए गांवों के साथ-साथ रामनगर और सूजाबाद के शामिल होने के बाद अब नगर निगम का कुल क्षेत्रफल 84 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 186 वर्ग किलोमीटर हो चुका है. इसके कारण इस नए क्षेत्रों में भी जलजमाव देखा गया है. इन क्षेत्रों को भी नए ड्रेनेज सिस्टम से लैस किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि यह सभी काम अगले साल बरसात के पहले पूरे हो जाएंगे और अब काशी की जनता को इस समस्या से दो-चार नहीं होना पड़ेगा. इस कदम से आने वाले वर्षों में पुराने शहर की ड्रेनेज क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी.
वर्तमान में नगर निगम इस वर्ष हो रही बरसात के पैटर्न और जलजमाव वाले क्षेत्रों का सूक्ष्म अध्ययन भी करा रहा है. इसके तहत तकनीकी विशेषज्ञों के परामर्श से जलभराव की समस्या का पूरी तरह स्थायी समाधान तलाशने की राह पर काम किया जा रहा है.
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