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शाहजहांपुर में अचानक कोहरा छाया, प्रयागराज में सड़कों पर अंतिम-संस्कार: बाराबंकी में नावें चल रहीं, कानपुर में कॉलोनियों तक पहुंचा पानी - Uttar Pradesh News

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Dainik Bhaskar के अनुसार23 अगस्त 2026 को 06:55 am बजे
शाहजहांपुर में अचानक कोहरा छाया, प्रयागराज में सड़कों पर अंतिम-संस्कार:  बाराबंकी में नावें चल रहीं, कानपुर में कॉलोनियों तक पहुंचा पानी - Uttar Pradesh News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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LIVEशाहजहांपुर में अचानक कोहरा छाया, प्रयागराज में सड़कों पर अंतिम-संस्कार:बाराबंकी में नावें चल रहीं, कानपुर में कॉलोनियों तक पहुंचा पानी

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यूपी में मानसूनी बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। रविवार सुबह से मेरठ में रुक-रुक कर तेज बारिश हो रही है। लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज समेत 40 से अधिक शहरों में बादल छाए हैं। गोरखपुर सहित बाकी जिलों में तेज धूप है।

शाहजहांपुर में रविवार सुबह मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। अगस्त के महीने में घना कोहरा देखने को मिला। विजिबिलिटी 50 मीटर से कम रह गई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश के चलते हवा में नमी काफी बढ़ गई थी। रात में तापमान में गिरावट आने की वजह से नमी पानी की छोटी-छोटी बूंदों में तब्दील होकर कोहरे की तरह गिरी।

उधर, प्रदेश में नदियां उफान पर हैं। 19 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। 92 गांवों में फसलें पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं। 26 गांव टापू बन गए हैं। इन्हें दूसरे गांवों से जोड़ने वाले रास्ते जलमग्न हैं। प्रभावित क्षेत्रों में नावों और मोटर बोटों से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।

बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। दारागंज घाट की सीढ़ियां जलमग्न होने की वजह से मजबूरी में सड़कों पर अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है।

कानपुर में गंगा के साथ-साथ पांडू नदी भी उफान पर है। निचले इलाकों की बस्तियों में पानी घुसने से 2 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। वाराणसी में अस्सी घाट स्थित 'सुबह-ए-बनारस' का मंच डूब चुका है। वरुणा नदी का पानी रिहाइशी कॉलोनियों तक पहुंच गया है।

मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 58 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। 6 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों में 60 जिलों में बारिश हुई। शामली और बरेली में सड़कें तालाब बन गईं। बहराइच और मेरठ के मेडिकल कॉलेजों में पानी घुस गया।।

बारिश और बाढ़ की तस्वीरें…

लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया-

मानसूनी सिस्टम के उत्तर की ओर सक्रिय होने और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी भरी हवाएं आने से यूपी में अगले आज और कल बारिश की गतिविधियों में तेजी बरकरार रहेगी। 25 अगस्त से पश्चिमी हवाएं जोर पकड़ेंगी। इससे पश्चिमी और मध्य यूपी में भारी बारिश की संभावना खत्म हो जाएगी। पूर्वी यूपी में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

आज किन जिलों में बारिश होगी, देखिए

यूपी में मौसम के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

लाइव अपडेट्स

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संतकबीर नगर में सरयू नदी की बाढ़ से 20 गांव प्रभावित हैं। बाढ़ का पानी 9 परिषदीय विद्यालयों में भी घुस गया है, जिसके चलते 800 से अधिक बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। जलस्तर घटने लगा है, लेकिन गांवों और स्कूलों में पानी अभी बना हुआ है।

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उन्नाव में ऊपरी क्षेत्रों में लगातार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रविवार सुबह जलस्तर 112.440 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 113 मीटर से 54 सेंटीमीटर नीचे है। पिछले 24 घंटे में गंगा का जलस्तर 8 सेंटीमीटर बढ़ा है। इससे तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा फिर बढ़ गया है।

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- बदायूं में गंगा के बाद अब रामगंगा नदी भी उफान पर है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। रामगंगा में भारी डिस्चार्ज से तलहटी के गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कदमनगला गांव में बाढ़ का पानी आबादी के अंदर पहुंच चुका है। हालात बिगड़ने पर ग्रामीण अपने हाथों से घर तोड़कर ईंटें निकाल रहे हैं, ताकि इन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाकर बाढ़ के बाद दोबारा आशियाना बनाया जा सके।

- 22 अगस्त को कछला में गंगा का जलस्तर 162.55 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 162.40 मीटर से 15 सेंटीमीटर ऊपर है। 23 अगस्त की मध्यरात्रि की रिपोर्ट के अनुसार नरौरा से 1,34,584, बिजनौर से 99,932 और हरिद्वार से 86,049 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। तीनों बैराजों से कुल 3,20,565 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज हुआ। रामगंगा में भी डाउनस्ट्रीम डिस्चार्ज 1,60,290 क्यूसेक पहुंच गया है।

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- गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर लगातार घटने से बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन अब कटान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार सुबह करीब 9 बजे से नदी तटीय इलाकों में तेजी से कटान कर रही है। किसानों की जमीन, फसलें और पेड़ नदी में समा रहे हैं। नवाबगंज के तटीय इलाकों में कई अस्थायी फूस के मकान भी कटान की जद में आ गए हैं।

- रविवार सुबह 9 बजे एल्गिन ब्रिज पर घाघरा का जलस्तर 106.090 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से सिर्फ 2 सेंटीमीटर ऊपर है। तरबगंज और कर्नलगंज तहसील के पांच गांवों की करीब 6 हजार आबादी अभी भी बाढ़ से आंशिक रूप से प्रभावित है। ऐली परसौली समेत अन्य तटीय इलाकों में पानी घट रहा है, लेकिन कटान तेज है।

- गिरजा बैराज से 1,55,103, शारदा से 1,26,629 और सरयू बैराज से 4,925 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बाढ़ खंड विभाग के अधिशासी अभियंता जय सिंह ने बताया कि घाघरा का जलस्तर चार दिन से लगातार कम हो रहा है। अब खतरे के निशान से सिर्फ दो सेंटीमीटर ऊपर है। तटबंधों और निचले इलाकों की निगरानी के लिए अधिकारी-कर्मचारी लगाए गए हैं।

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बाराबंकी में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 10 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। पहाड़ों पर लगातार बारिश और नेपाल से छोड़े जा रहे पानी के कारण रामसनेहीघाट के तराई इलाकों में बाढ़ का असर बना हुआ है। गुनौली मांझा, कोयलावर, ढेमा, टिकरी और जलालपुर तराई समेत कई गांव पानी से घिरे हैं।

बाढ़ के चलते करीब 1,250 ग्रामीणों के लिए नाव ही आवागमन का सहारा बनी हुई है। गांवों में पानी भरने से लोगों को रोजमर्रा के काम के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है और प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों पर नजर रखी जा रही है।

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- गाजीपुर में शनिवार रात करीब 9:30 बजे 20 मिनट तक झमाझम बारिश हुई। तेज बारिश से सड़कों पर पानी भरने की स्थिति बन गई और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका बढ़ गई। बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया और उमस से राहत मिली।

- मौसम विभाग के अनुसार रविवार से मंगलवार तक गाजीपुर में बादल छाए रहने के साथ रुक-रुककर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। अधिकतम तापमान करीब 33°C और न्यूनतम 26-27°C के आसपास रह सकता है।

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मुरादाबाद में रविवार सुबह से मौसम का मिजाज बदला हुआ। आसमान में बादल छाए हैं। मौसम में नमी और बादलों के चलते कुछ स्थानों पर बारिश के आसार हैं।

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मेरठ में रविवार सुबह से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 24 घंटों तक मौसम ऐसा ही बने रहने की संभावना है। बीते दिन लगभग 60 मिमी बारिश हुई थी।

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वाराणसी में रविवार सुबह से बादल छाए हैं। तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 2 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक हल्के बादल के साथ बूंदाबांदी की संभावना है।

गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु (70.262 मीटर) से 1.062 मीटर और खतरे के निशान (71.262 मीटर) से दो मीटर नीचे था। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, प्रयागराज और मिर्जापुर में गंगा के रुख पर ही बनारस में गंगा के जलस्तर में बढ़ाव या घटाव निर्भर है।

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शाहजहांपुर के कलान और आसपास के इलाकों में रविवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। विजिबिलिटी कम होने से वाहन चालकों परेशानी का सामना करना पड़ा।

पिछले दिन से आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने के बाद मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला।

तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जिससे मौसम में ठंडक बढ़ गई। कम विजिबिलिटी के कारण सड़कों पर वाहन चालकों को सावधानी से सफर करना पड़ा।

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वाराणसी में गंगा नदी उफान पर है। घाटों की सीढ़ियां एक-एक कर जलमग्न होने लगी हैं। गंगा के तटवर्ती ग्रामीण इलाकों के खेतों में बाढ़ के पानी का दायरा बढ़ने से किसान भी तनाव में हैं। अस्सी घाट पर सुबह ए-बनारस का मंच जलमग्न हो गया है। मंच के भीतर बने प्लेटफॉर्म तक जाने के लिए नाव का सहारा लिया जा रहा है। पुराने अस्सी घाट से पानी सड़क मार्ग की ओर से चढ़ता जा रहा है। गंगा में बढ़ाव को देखते हुए नमो घाट पर आम लोगों के आवागमन पर कभी भी रोक लगाई जा सकती है।

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लखनऊ में रविवार सुबह से बादल छाए हैं। बीच-बीच में धूप निकल रही है। आज अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री के आसपास बना रहेगा।

शनिवार को राजधानी में 28.5 मिमी. बारिश हुई। सामान्य बारिश का औसत 4.4 मिलीमीटर है। सीजन में अब तक 438.2 मिमी मानसूनी बरसात दर्ज की गई है। सामान्य बारिश का औसत 468.1 मिमी है। यानी अब तक लखनऊ में सामान्य से 6 फीसदी कम बरसात हुई है।

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मऊ के मधुबन तहसील में बाढ़ के कारण 200 से ज्यादा पशुओं के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। खेत और चरागाह पानी में डूबने से किसान दूर के खेतों से छोटी नाव के जरिए चारा ला रहे हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक, चारा लाने के लिए पर्याप्त नाव नहीं हैं। एक नाव से कई किसान काम चला रहे हैं। कई बार नाव में क्षमता से ज्यादा लोग और चारा लादना पड़ता है, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।

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- बहराइच के मिहींपुरवा में गोपियां बैराज जाने वाले रास्ते पर शुक्रवार रात मगरमच्छ सड़क पर आ गया। राहगीरों ने बाइक की रोशनी में उसे सड़क पार करते देखा और वीडियो भी बना लिया। बताया जा रहा है कि बाद में मगरमच्छ वापस पानी में चला गया।

- स्थानीय लोगों के मुताबिक, गोपियां बैराज के आसपास नहर और नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। ऐसे में मगरमच्छ पानी से निकलकर सड़क तक पहुंचने की आशंका है।

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