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योगी के चेहरे पर ही लड़ा जाएगा विधानसभा चुनाव: संघ ने भाजपा को जमीनी हकीकत बताई, कहा- मनमुटाव छोड़कर तैयारी में लग जाएं - Uttar Pradesh News

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Dainik Bhaskar के अनुसार17 सितंबर 2026 को 05:04 am बजे
योगी के चेहरे पर ही लड़ा जाएगा विधानसभा चुनाव:  संघ ने भाजपा को जमीनी हकीकत बताई, कहा- मनमुटाव छोड़कर तैयारी में लग जाएं - Uttar Pradesh News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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योगी के चेहरे पर ही लड़ा जाएगा विधानसभा चुनाव:संघ ने भाजपा को जमीनी हकीकत बताई, कहा- मनमुटाव छोड़कर तैयारी में लग जाएं

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यूपी विधानसभा चुनाव सीएम योगी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। चुनाव में योगी ही चेहरा होंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष पदाधिकारियों की मौजूदगी में हुई समन्वय बैठक में यह स्पष्ट कर दिया गया है।

संघ ने संगठन यानी भाजपा पदाधिकारियों से कहा- मनमुटाव और सभी समस्याएं भूलकर अब चुनावी तैयारी में लग जाएं। संघ ने जमीनी स्तर पर संगठनों से मिले फीडबैक के आधार पर भाजपा और सरकार को कुछ सुझाव भी दिए।

लखनऊ में ड्रीम वर्ल्ड रिसॉर्ट में बुधवार को संघ और भाजपा के शीर्ष पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और भाजपा के यूपी प्रभारी विनोद तावड़े ने संघ पदाधिकारियों से उनके क्षेत्रों से जुड़े विधानसभा क्षेत्र की जमीनी जानकारी ली।

ताकत और कमजोरी पर फीडबैक लिया। बैठक में यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, महामंत्री धर्मपाल सिंह, संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार सहित सभी प्रांत प्रचारक मौजूद थे।

सूत्रों के मुताबिक, संघ ने साफ कहा कि जनता में योगी की छवि अच्छी है। उनके खिलाफ कोई नैरेटिव नहीं है। लेकिन, कुछ जगह विधायकों के खिलाफ माहौल है। जनता उनकी कार्यशैली से नाराज है। विधायक-कार्यकर्ताओं के रिश्ते अच्छे नहीं है।

संघ की ओर से यह भी फीडबैक दिया गया कि पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की कार्यशैली भी अच्छी नहीं है। जनता से जुड़े काम नहीं हो रहे हैं।

दलितों और पिछड़ों पर फोकस बढ़ेगा, एंटी इनकम्बेंसी की काट खोजी जाएगी

- बैठक में विधानसभा चुनाव से पहले दलितों और पिछड़ों को जोड़ने पर जोर दिया गया। आशंका जताई गई कि ये दोनों वर्ग सपा में शिफ्ट हो सकते हैं। इन दोनों वर्गों को जोड़ने से ही चुनाव में फायदा होगा।

- बैठक में कहा गया कि केंद्रीय नेतृत्व की राय एकदम स्पष्ट है। योगी ही चुनाव में चेहरा रहेंगे। यूपी चुनाव को बीजेपी बहुत ताकत लगाकर लड़ेगी। ग्राउंड लेवल पर बढ़ती एंटी इनकम्बेंसी और निगेटिव नैरेटिव की काट खोजना सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है।

- संघ ने साफ किया कि सोशल मीडिया पर एक्टिव होने का मतलब सिर्फ फोटो अपलोड करना नहीं है। बर्थडे विश और दूसरे नेताओं के पोस्ट को रीपोस्ट करने से आगे की बात करनी होगी। अपने-अपने इलाके में नैरेटिव बनाना होगा।

- संघ की ओर से समन्वयक कृपाशंकर ने सरकार और भाजपा से जुड़े मुद्दे रखे। सूत्रों के मुताबिक, तावड़े और बीएल संतोष संघ से मिले फीडबैक के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात करेंगे। जो समस्या बताई गई है, उनके समाधान का प्रयास करेंगे।

मोदी-शाह और नितिन नवीन के दौरे होंगे

आगामी दिनों में पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन यूपी का दौरा करेंगे। मोदी चुनाव की घोषणा से पहले अवध, काशी, ब्रज, पश्चिम, गोरखपुर और कानपुर क्षेत्र में एक-एक रैली करेंगे। इन कार्यक्रमों में बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा।

वहीं, गृहमंत्री अमित शाह भी सभी 6 क्षेत्रों में उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रमों के साथ संगठनात्मक बैठकें और रैलियां करेंगे। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन बूथ अध्यक्षों, शक्ति केंद्र प्रभारियों और मंडल अध्यक्षों के सम्मेलन करेंगे।

बीएल संतोष और विनोद तावड़े भी सभी छह क्षेत्रों का दौरा कर संगठनात्मक बैठकें करेंगे। इन बैठकों के जरिए विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार, जातीय समीकरण, मौजूदा विधायक की स्थिति और विपक्ष की स्थिति का फीडबैक लिया जाएगा।

सोशल मीडिया पर खास फोकस

बैठक में सोशल मीडिया पर नेरेटिव सेट करने को लेकर भी मंथन हुआ। सरकार की उपलब्धियों और संगठन के कामकाज को रील्स और पोस्ट के जरिए जनता तक पहुंचाया जाएगा। वहीं, विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का भी पलटवार किया जाएगा। खासतौर पर जेन-जी और जेन-अल्फा के बीच सोशल मीडिया के जरिए विपक्ष को घेरने की रणनीति पर काम होगा।

प्रदेश कार्यसमिति की बैठक जल्द

भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति का गठन जल्द किया जाएगा। बैठक में कार्यसमिति के सदस्यों की नियुक्ति को लेकर भी मंथन हुआ। सदस्यों की नियुक्ति के बाद प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन या गृहमंत्री अमित शाह के संबोधित करने की संभावना है।

बैठक में पार्टी के जिला प्रभारियों की नियुक्ति भी जल्द करने को कहा गया है, ताकि प्रभारी जिलों में जाकर कामकाज संभाल सकें। बीएल संतोष ने युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, एससी मोर्चा, एसटी मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा और किसान मोर्चा की प्रदेश टीम का गठन भी जल्द करने पर जोर दिया। इससे सभी अग्रिम मोर्चों की टीमें चुनावी तैयारियों में सक्रिय हो सकेंगी।

अवध-कानपुर की 134 सीटों पर पैनी नजर

2024 के आम चुनाव में बीजेपी को अवध क्षेत्र (82 विधानसभा सीटें) और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र (52 विधानसभा सीटें) में भारी नुकसान झेलना पड़ा था। यही वजह है कि केंद्रीय नेतृत्व ने इन दोनों क्षेत्रों पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर दिया है।

केंद्रीय कमान का लगातार यूपी में डेरा

बीजेपी का केंद्रीय संगठन पिछले कुछ महीनों से यूपी की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर सीधी नजर बनाए हुए है-

- 4 जुलाई का दौरा : नितिन नवीन और बीएल संतोष ने लखनऊ में सीएम और दोनों डिप्टी सीएम के साथ मैराथन बैठकें की थीं। इस दौरान एनडीए के सहयोगी दलों (अपना दल एस, रालोद, निषाद पार्टी और सुभासपा) के साथ समन्वय बैठक भी हुई थी।

- 5 सितंबर को समीक्षा बैठक : प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचकर क्षेत्र और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों के साथ संगठन की समीक्षा की थी।

- 11 सितंबर को कोर ग्रुप के साथ मीटिंग: भाजपा के यूपी प्रभारी विनोद तावड़े और राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष ने लखनऊ में पार्टी मुख्यालय पर कोर ग्रुप के साथ बैठक की। सीएम योगी भी बैठक में भी थे। दो घंटे से ज्यादा चली बैठक में मिशन-2027 का रोडमैप तैयार करने पर मंथन हुआ।

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