उत्तर प्रदेश : UPSMA ने चीनी की कमी को एथेनॉल डायवर्जन से जोड़ने के दावे को खारिज किया - ChiniMandi
लखनऊ: उत्तर प्रदेश शुगर मिल्स एसोसिएशन (UPSMA) ने उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम के लिए चीनी को एथेनॉल उत्पादन की ओर मोड़ने को देश में चीनी की कमी और हाल में चीनी क…

सौजन्य से:- ChiniMandi
लखनऊ: उत्तर प्रदेश शुगर मिल्स एसोसिएशन (UPSMA) ने उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम के लिए चीनी को एथेनॉल उत्पादन की ओर मोड़ने को देश में चीनी की कमी और हाल में चीनी की कीमतों में हुई तेज बढ़ोतरी का कारण बताया जा रहा है। UPSMA के महासचिव दीपक गुप्तारा ने कहा कि, ऐसे दावे पूरी तरह निराधार और तथ्यों से परे हैं। उन्होंने कहा कि, वास्तव में पिछले कुछ वर्षों में एथेनॉल उत्पादन के लिए डायवर्ट की जाने वाली चीनी की हिस्सेदारी घटी है।
चीनी मिलों के पास पर्याप्त स्टॉक
गुप्तारा ने कहा कि, चीनी की उपलब्धता और घरेलू आपूर्ति को लेकर मीडिया रिपोर्टों तथा उपभोक्ताओं की चिंताओं को दूर करना जरूरी है। उनके अनुसार, यूपीएसएमए की सभी सदस्य चीनी मिलों के पास पर्याप्त और मजबूत स्टॉक मौजूद है।एसोसिएशन ने चीनी की आपूर्ति में कमी की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए हाल में खुदरा कीमतों में आई तेजी को बाजार में अटकलों और सट्टा गतिविधियों से जोड़कर देखा है। एसोसिएशन के मुताबिक, राज्य की सदस्य मिलों के पास पर्याप्त कैरी-ओवर स्टॉक और चालू स्टॉक है। यह स्टॉक त्योहारी सीजन के साथ-साथ सामान्य घरेलू खपत की जरूरतों को भी आसानी से पूरा कर सकता है। इसलिए मिल स्तर पर चीनी की कोई भौतिक कमी नहीं है।
मांग बढ़ने पर मिलें उत्पादन बढ़ाने के लिए तैयार
गुप्तारा ने कहा कि, यूपीएसएमए लगातार सरकारी अधिकारियों के संपर्क में है। सरकार की ओर से निर्देश मिलने पर सदस्य मिलें समय पर अपना संचालन शुरू करने या उत्पादन बढ़ाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इससे बाजार की मांग और सरकार की नीतिगत जरूरतों के अनुसार समय पर चीनी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
जमाखोरी और अफवाहों पर सरकार की नजर
गुप्तारा ने कहा कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार चीनी की कीमतों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।उन्होंने कहा कि, सरकार उन तत्वों के खिलाफ पर्याप्त कदम उठा रही है, जो मौजूदा परिस्थितियों का फायदा उठाकर जमाखोरी, गलत सूचना फैलाने या अवैध मुनाफाखोरी की कोशिश कर रहे हैं।यूपीएसएमए ने ऐसी गतिविधियों के खिलाफ सरकार की सख्त कार्रवाई का समर्थन किया है।
यूपी में 121 चीनी मिलें
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा चीनी उत्पादक राज्य है। राज्य में कुल 121 चीनी मिलें हैं, जिनमें से 95 निजी क्षेत्र में हैं।एसोसिएशन के अनुसार, ये चीनी मिलें देश की घरेलू चीनी आपूर्ति व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यूपीएसएमए ने दोहराया कि, उसकी सभी सदस्य मिलों के पास पर्याप्त चीनी स्टॉक मौजूद है और वे भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD) द्वारा हर महीने जारी किए जाने वाले चीनी बिक्री कोटे के अनुसार बाजार में चीनी की आपूर्ति जारी रखे हुए हैं।
चीनी की कमी की खबर अफवाह
गुप्तारा ने कहा कि, निकट भविष्य में चीनी की भारी कमी होने की बात जानबूझकर फैलाई जा रही अफवाह है। उन्होंने उपभोक्ताओं और मीडिया से अपील की कि वे ऐसी चिंताजनक और भ्रामक सूचनाओं का शिकार न बनें। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के नियामकीय ढांचे और समर्थन तथा उत्तर प्रदेश सरकार की प्रवर्तन एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय के कारण चीनी उद्योग बाजार में स्थिरता और पूरे देश में निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
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