UP Weather: यूपी में और तीखे हुए मौसम के तेवर, कई जिलों में भारी बारिश-आकाशीय बिजली का अलर्ट
UP Weather: यूपी में और तीखे हुए मौसम के तेवर, कई जिलों में भारी बारिश-आकाशीय बिजली का अलर्ट पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश…

सौजन्य से:- livehindustan.com
UP Weather: यूपी में और तीखे हुए मौसम के तेवर, कई जिलों में भारी बारिश-आकाशीय बिजली का अलर्ट
पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। 7 सितंबर को कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है।
UP Weather, 7 September: उत्तर प्रदेश में मौसम के तेवर और तीखे हो गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों के ऊपर स्थित स्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र रविवार को उसी क्षेत्र में लगभग स्थिर है। इससे संबंधित चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulation) औसत समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है। इसके अगले 24 घंटों के दौरान पूर्व-उत्तर- पूर्व की ओर बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने सोमवार यानी 7 सितंबर को प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों में अनेक स्थानों पर बारिश, गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बादलों की गरज भी दर्ज की गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने और फिर इसी मात्रा में वृद्धि होने की संभावना है। वहीं न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होने की संभावना है।
इन जिलों में हो सकती है भारी बारिश
मौसम विज्ञानियों के अनुसार उत्तर प्रदेश के सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, लखीमपुर खीरी, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, हरदोई और आसपास के क्षेत्रों में 7 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है।
बारिश से नदियों में बढ़ा पानी, सिंचाई विभाग अलर्ट
वहीं बिजनौर से खबर है कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते मालन और गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने लगा है। नदियों में बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए अफजलगढ़ सिंचाई खंड, धामपुर अलर्ट हो गया है। विभागीय अधिकारी और जूनियर इंजीनियर यूसुफपुर-बाकरपुर तटबंध समेत संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, अभी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है।
सहायक अभियंता चतुर्थ अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर पंकज कुमार जैन ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और नदियों में बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। तटबंधों और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन और कर्मचारी तैयार है। लगातार हो रही बारिश से लोगों को परेशानी हो रही है। अधिकारी अलर्ट कर रहे हैं।
गोरखपुर में नदियों के जलस्तर की निगरानी बढ़ी
नेपाल में बाढ़ की त्रासदी के बीच गोरखपुर में नदियों के जलस्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। हालांकि शनिवार की शाम सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक गोरखपुर जनपद में तुर्तीपार में सरयू, बर्डघाट में राप्ती और त्रिमुहानी घाट में रोहिन नदी के जलस्तर में फिलहाल खतरे की स्थिति नहीं है। हालांकि नदियों के जलस्तर पर निगरानी जारी है।
तुर्तीपार में सरयू नदी का जलस्तर 64.400 मीटर दर्ज हुआ, यहां खतरे का बिंदु 64.01 मीटर है। यानी जलस्तर खतरे के बिंदु से करीब 0.40 मीटर ऊपर है। पिछले 24 घंटे में यहां जलस्तर में करीब 0.04 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई। इसी तहर बर्डघाट में राप्ती नदी का जलस्तर 67.900 मीटर दर्ज हुआ। यहां खतरे का बिंदु 70.50 मीटर है। और नदी करीब 2.60 मीटर नीचे बह रही है। वहीं त्रिमुहानी घाट में रोहिन नदी का जलस्तर 79.680 मीटर रहा। खतरे का बिंदु 82.44 मीटर होने के कारण नदी करीब 2.76 मीटर नीचे है। प्रशासन और सिंचाई विभाग की ओर से नदियों के जलस्तर की निगरानी और तटवर्ती इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है।
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