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यूपी के गिग वर्कर्स को बड़ी सौगात, फिक्स्ड टर्म वाले कर्मचारियों को भी मिलेगा ग्रेच्युटी का लाभ - up social security expands gig workers fixedterm benefits

यूपी के गिग वर्कर्स को बड़ी सौगात, फिक्स्ड टर्म वाले कर्मचारियों को भी मिलेगा ग्रेच्युटी का लाभ उत्तर प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ा, जिसमें गिग और असंगठित श्रमिकों को भी शामिल किया गया है। फिक्स्ड टर्म कर्मचार…

Jagran के अनुसार26 अगस्त 2026 को 03:55 am बजे
यूपी के गिग वर्कर्स को बड़ी सौगात, फिक्स्ड टर्म वाले कर्मचारियों को भी मिलेगा ग्रेच्युटी का लाभ
 - up social security expands gig workers fixedterm benefits

सौजन्य से:- Jagran

यूपी के गिग वर्कर्स को बड़ी सौगात, फिक्स्ड टर्म वाले कर्मचारियों को भी मिलेगा ग्रेच्युटी का लाभ

उत्तर प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ा, जिसमें गिग और असंगठित श्रमिकों को भी शामिल किया गया है। फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को एक साल की सेवा पर ग्रेच्युटी मिलेगी और छोटे मकान बनाने वालों को भी राहत दी गई है।

HighLights

- गिग और असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में शामिल किया गया।

- फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को एक वर्ष की सेवा पर ग्रेच्युटी मिलेगी।

- भवन निर्माण उपकर की सीमा 10 से बढ़ाकर 50 लाख रुपये।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा का दायरा अब और व्यापक होगा। इसके तहत कर्मचारियों के साथ असंगठित श्रमिकों, गिग व प्लेटफार्म श्रमिकों और स्व-नियोजित श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की व्यवस्था की गई है।

निश्चित अवधि (फिक्स्ड टर्म) पर काम करने वाले कर्मचारियों को एक वर्ष की सेवा पूरी करने पर ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा। वहीं छोटे मकान बनाने वाले लोगों को भी राहत दी गई है। भवन निर्माण उपकर लगाने के लिए आवासीय भवन की निर्माण लागत की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी गई है।

ईज आफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा सामाजिक सुरक्षा संहिता के आधार पर तैयार उत्तर प्रदेश सामाजिक सुरक्षा नियमावली, 2026 को लागू करने के लिए कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है।

वैधानिक अधिकारों का संरक्षण

नई व्यवस्था में पात्र प्रतिष्ठानों और कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) योजना के संचालन और अंशदान का प्रविधान है। कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) योजना से अधिक संख्या में कर्मचारियों को स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लाभ मिल सकेंगे। महिला कर्मचारियों के मातृत्व लाभ से जुड़े वैधानिक अधिकारों का संरक्षण किया गया है।

रोजगार के दौरान दुर्घटना में कर्मचारी की मृत्यु या नुकसान होने पर कर्मकार अथवा उनके पात्र आश्रितों को कर्मकार प्रतिकर के रूप में सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलेगा। वृद्धावस्था संरक्षण, आश्रित लाभ, मातृत्व संरक्षण और स्वास्थ्य सुरक्षा को भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में मजबूत किया गया है।

भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकारों के कल्याण के लिए उपकर (सेस) और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की व्यवस्था है। सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विवादों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए सक्षम प्राधिकारी और अपीलीय व्यवस्था का प्रविधान है।

वहीं, निर्धारित अपराधों में कानून के अनुसार शमन (कंपाउंडिंग) की व्यवस्था भी होगी। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए उत्तर प्रदेश राज्य असंगठित सामाजिक सुरक्षा बोर्ड तथा भवन निर्माण श्रमिकों के लिए उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड का नए सिरे से पुनर्गठन किया जाएगा।

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