होमधर्म-आस्थायूपी में गंगा-यमुना समेत उफान पर कई नदियां, बाढ़ की चपेट में सैकड़ों गांव; प्रशासन अलर्ट - up rivers overflow ganga yamuna flood hundreds of villages
धर्म-आस्था

यूपी में गंगा-यमुना समेत उफान पर कई नदियां, बाढ़ की चपेट में सैकड़ों गांव; प्रशासन अलर्ट - up rivers overflow ganga yamuna flood hundreds of villages

यूपी में गंगा-यमुना समेत उफान पर कई नदियां, बाढ़ की चपेट में सैकड़ों गांव; प्रशासन अलर्ट उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा, यमुना सहित कई नदियां उफान पर हैं, जिससे सैकड़ों गांव और म…

Jagran के अनुसार20 अगस्त 2026 को 11:55 pm बजे
यूपी में गंगा-यमुना समेत उफान पर कई नदियां, बाढ़ की चपेट में सैकड़ों गांव; प्रशासन अलर्ट - up rivers overflow ganga yamuna flood hundreds of villages

सौजन्य से:- Jagran

यूपी में गंगा-यमुना समेत उफान पर कई नदियां, बाढ़ की चपेट में सैकड़ों गांव; प्रशासन अलर्ट

उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा, यमुना सहित कई नदियां उफान पर हैं, जिससे सैकड़ों गांव और मोहल्ले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।

HighLights

- गंगा, यमुना सहित कई नदियां उफान पर, सैकड़ों गांव प्रभावित।

- प्रयागराज, वाराणसी, चित्रकूट में बाढ़ का खतरा, प्रशासन सतर्क।

- मीरजापुर में मकान ढहने से चार की मौत, चित्रकूट में किशोर बहे।

जागरण टीम, लखनऊ। प्रदेश में लगातार बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा, यमुना, घाघरा, सरयू और मंदाकिनी समेत कई नदियां उफान पर हैं। प्रयागराज में गंगा व यमुना का जलस्तर गुरुवार को भी बढ़ा, हालांकि बढ़ाव की रफ्तार कुछ धीमी हुई है। दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से 100 से अधिक गांवों और एक दर्जन मोहल्लों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। जिला प्रशासन ने सतर्कता के निर्देश दिए हैं।

प्रयागराज में गुरुवार शाम गंगा का जलस्तर 80.61 और यमुना का 79.93 मीटर पहुंच गया। चार घंटे में दोनों नदियों में दो-दो सेंटीमीटर बढ़ाव दर्ज किया गया। कानपुर बैराज से तीन दिन तक तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद बुधवार रात से इसे घटाकर ढाई लाख क्यूसेक किया गया है।

केन और बेतवा नदियों का पानी भी कम होने लगा है, लेकिन चंबल का पानी आने से यमुना का जलस्तर अभी और बढ़ने की आशंका है। करीब 45 से 50 सेंटीमीटर और बढ़ाव होने पर बड़े हनुमानजी का महास्नान हो सकेगा।

वाराणसी में गंगा चेतावनी बिंदु से 1.91 मीटर नीचे है। असि घाट की सभी सीढ़ियां डूब गईं और पानी सड़क तक पहुंच गया। दशाश्वमेध और नमो घाट पहले ही जलमग्न हैं। मणिकर्णिका घाट पर छत और हरिश्चंद्र घाट की गलियों में शवदाह कराया जा रहा है। दशाश्वमेध घाट की आरती छत पर हो रही है।

शीतला माता की चल प्रतिमा को अहिल्येश्वर महादेव मंदिर ले जाकर पूजा की जा रही है। मीरजापुर में गंगा आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे बढ़ रही है। आजमगढ़ में सरयू खतरे के निशान से 82 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है और कई गांवों में पानी पहुंच गया है।

बलिया में गंगा खतरे के निशान से 23 सेंटीमीटर ऊपर है। मऊ में सरयू 30 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। गाजीपुर में बढ़ाव की रफ्तार घटकर दो सेंटीमीटर प्रति घंटे हो गई है। सोनभद्र में रिहंद बांध का जलस्तर छह दिन में 11.4 फीट बढ़कर 862.3 फीट हो गया है।

अवध में कटान का खतरा बढ़ा

सीतापुर, बहराइच, गोंडा और बाराबंकी में जलस्तर घटने के साथ कटान का खतरा बढ़ गया है। बहराइच में घाघरा खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर है और 10 गांवों में पानी भरा है।

बाराबंकी के 36 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। गोंडा में घाघरा 41 सेंटीमीटर ऊपर है, जिससे नौ ग्राम पंचायतों की करीब आठ हजार आबादी प्रभावित है। अयोध्या में सरयू खतरे के निशान से 37 सेंटीमीटर ऊपर है। अंबेडकरनगर में भी तटीय गांव प्रभावित हैं।

चित्रकूट में सड़कों पर नाव

लगातार बारिश से चित्रकूट में मंदाकिनी का जलस्तर 129.40 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से 2.90 मीटर ऊपर है। रामघाट की सड़कों पर नाव चलने लगी। टेंपो स्टैंड, रत्नावली और कामदगिरि मार्ग तक पानी पहुंच गया। कई मंदिरों के रास्ते बंद कर दिए गए। गुप्त गोदावरी, स्फटिक शिला और सती अनुसुइया आश्रम में पर्यटकों का प्रवेश रोक दिया गया।

अमरोहा में गंगा का जलस्तर 201 मीटर पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 202 मीटर है। संभल में जलस्तर 178.22 मीटर है, जो खतरे के निशान के करीब है। बिजनौर में मालन नदी का पानी 50 से अधिक घरों में घुस गया। रावली गंगा तटबंध में दरार आने से करीब दो मीटर हिस्सा बह गया।

फर्रुखाबाद में गंगा खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर नीचे है। यहां 63 गांव प्रभावित हैं और 52 परिषदीय विद्यालय बंद हैं। हमीरपुर के सुमेरपुर में नवीन गल्ला मंडी का पानी बाहर नहीं निकल पाया और व्यापारियों का करीब 300 क्विंटल गेहूं भीग गया है।

मीरजापुर में बारिश से तीन कच्चे मकान ढह गए, जिससे दंपती समेत चार की मौत हो गई। चार दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच बुधवार देर रात मड़िहान और लालगंज तहसील में तीन कच्चे मकान ढहने से दंपती समेत चार लोगों की मौत हो गई। हादसों में दो लोग घायल हुए हैं। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर दबे लोगों को बाहर निकाला।

जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने मृतकों के स्वजन को दैवीय आपदा राहत के तहत चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, चित्रकूट के मानिकपुर में गुरुवार शाम दो किशोर रपटा पार करते समय बडार नाले के तेज बहाव में बह गए। एक का शव बरामद कर लिया गया, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें