UP Rain: यूपी में पूर्व से पश्चिम तक भारी बारिश, पांच दिनों तक बरसेंगे बादल, मौसम विभाग का अलर्ट
UP Rain: यूपी में पूर्व से पश्चिम तक भारी बारिश, पांच दिनों तक बरसेंगे बादल, मौसम विभाग का अलर्ट यूपी में बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया ह…

सौजन्य से:- Hindustan
UP Rain: यूपी में पूर्व से पश्चिम तक भारी बारिश, पांच दिनों तक बरसेंगे बादल, मौसम विभाग का अलर्ट
यूपी में बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्व से लेकर पश्चिम तक बादल जमकर भिगोएंगे।
UP Rain Update: यूपी में अगले चार-पांच दिनों तक भारी बारिश की आशंका है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी, जबकि अगले कुछ दिनों में पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर मध्य क्षोभमंडल तक विस्तृत चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से निम्न दबाव क्षेत्र बना है। इसके साथ मॉनसूनी द्रोणी अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है और श्रीगंगानगर, दिल्ली, निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र, रांची और दीघा होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली है।
दक्षिणी गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे लगे बांग्लादेश के आसपास ऊपरी क्षोभमंडल तक बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से अगले 24 घंटे में तटीय गांगेय पश्चिम बंगाल तथा उससे लगी उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। विभाग के मुताबिक यह निम्न दबाव क्षेत्र मानसूनी द्रोणी की अक्षरेखा के साथ पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से अगले चार-पांच दिनों के दौरान विशेषकर प्रदेश के दक्षिणी भाग में मानसूनी प्रवाह के मजबूत होने और कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है।
कहां-कहां हो सकती है बरसात
मौसम विभाग ने सात अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताते हुए चेतावनी जारी की है। आठ अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। नौ और 10 अगस्त को प्रदेश के दोनों हिस्सों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है, जबकि 11 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के प्रभाव आधारित पूर्वानुमान के अनुसार सात अगस्त को शामली, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, अमरोहा, संभल, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना अधिक है। आठ अगस्त को सोनभद्र और मिर्जापुर तथा आसपास के क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
संभल में 134 मिलीमीटर दर्ज हुई बारिश
नौ अगस्त को बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, सहारनपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में भारी बारिश हो सकती है। 10 अगस्त को बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, सहारनपुर, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में भारी वर्षा की संभावना है। 11 अगस्त को आगरा, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में भारी बारिश का अनुमान है। पिछले 24 घंटे में सुबह साढ़े आठ बजे तक संभल के गुन्नौर में 134 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो भारी से बहुत भारी वर्षा की श्रेणी में रही। फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ सीडब्ल्यूसी में 68.2, कायमगंज में 65.3, बुलंदशहर के नरौरा में 110.4, हमीरपुर के राठ में 93, जालौन के कालपी सीडब्ल्यूसी में 86.8, बागपत के खेकड़ा में 84, फिरोजाबाद के निकटवर्ती क्षेत्र में 76, महोबा के चरखारी में 74 और मुजफ्फरनगर के जानसठ में 67.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों और अंडरपास में जलभराव की स्थिति बन सकती है। कच्चे, असुरक्षित और अस्थायी ढांचों को आंशिक नुकसान पहुंचने के साथ बिजली आपूर्ति में व्यवधान की संभावना भी जताई गई है।
बारिश से उफना सकते हैं नाले और नदियां
बारिश के दौरान कच्ची सड़कें फिसलन भरी होने और दृश्यता कम होने से सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। मौसमी नालों और नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि की भी आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों को अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों से दूर रहने और पक्के अथवा सुरक्षित मकानों में शरण लेने की सलाह दी है। अस्थायी और असुरक्षित संरचनाओं को सुरक्षित करने अथवा खाली करने, मौसमी नदी-नालों और खतरे के निशान के आसपास बह रही नदियों से दूर रहने तथा गड्ढों, पोखरों और तालाबों में न जाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार सात अगस्त तक प्रदेश में कुल 331.3 मिलीमीटर मौसमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 409 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से 19 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
इस बार पूर्वी यूपी में 25 प्रतिशत कम हुई बारिश
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 325.6 मिलीमीटर के मुकाबले 436.7 मिलीमीटर सामान्य वर्षा होती है, जिससे यहां 25 प्रतिशत कमी दर्ज की गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 339.3 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 370.3 मिलीमीटर है। प्रदेश में मेरठ, मुजफ्फरनगर और संभल में सामान्य से अत्यधिक अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि एटा, इटावा, फिरोजाबाद और हमीरपुर में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। दूसरी ओर भदोही, देवरिया, जौनपुर, कानपुर देहात, कौशाम्बी, कुशीनगर, मऊ, पीलीभीत और शामली में सामान्य से अत्यधिक कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान गन्ने, अरहर, खरीफ मक्का, धान, मूंगफली, तिल, उड़द-मूंग और सब्जियों समेत विभिन्न फसलों में जलभराव से होने वाले नुकसान की आशंका जताई है। किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करने और भारी बारिश के दौरान उर्वरकों अथवा रसायनों का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी गई है। सब्जी उत्पादकों को भारी बारिश से पहले तैयार फलों की तुड़ाई करने की सलाह दी गई है।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।
पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।
Powered by CM Sarkar Geeta Reporter
संबंधित ख़बरें

कल का मौसम: 8 अगस्त को यूपी के इन 28 जिलों के लिए IMD की बड़ी चेतावनी, लेटेस्ट अपडेट में जानें अपने जिले का हाल

कानपुर: पनीर के नाम पर कहीं आप "जहर" तो नही खा रहे हैं, ऐसे करें जांच

लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे: धंसती रहीं PNC की बनाईं सड़कें, फाइलों में कैद होकर रह गए राइट्स के सुझाव - lucknow kanpur expressway constructed by pnc infratech agra poor road work


