यूपी में पंचायत चुनाव कब होंगे, हाईकोर्ट ने योगी सरकार से क्या कहा?, जानिए
यूपी में पंचायत चुनाव कब होंगे, हाईकोर्ट ने योगी सरकार से क्या कहा?, जानिए UP Panchayat Election: इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ व प्रयागराज पीठ ने कड़ा रुख अपनाया. By ETV Bharat Uttar Pradesh Team Published : August 6, 2026 at…

सौजन्य से:- etvbharat.com
यूपी में पंचायत चुनाव कब होंगे, हाईकोर्ट ने योगी सरकार से क्या कहा?, जानिए
UP Panchayat Election: इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ व प्रयागराज पीठ ने कड़ा रुख अपनाया.
By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 6, 2026 at 12:10 PM IST
|Updated : August 6, 2026 at 12:27 PM IST
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में समयसीमा बीत जाने के बावजूद पंचायत चुनाव न कराए जाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ व प्रयागराज पीठ ने कड़ा रुख अपनाया है. लखनऊ खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि अधिसूचना की तिथि से 6 माह के भीतर चुनाव संपन्न कराना राज्य सरकार के लिए एक वैधानिक बाध्यता है, जिसकी मियाद नवंबर 2026 में पूरी हो रही है. अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि भविष्य में पंचायत चुनाव की तैयारियां मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने से कम से कम 2 वर्ष पूर्व ही शुरू कर देनी चाहिए.
लखनऊ पीठ का रुख: मई 2025 से चल रही प्रक्रिया, फिर भी देरी क्यों
न्यायमूर्ति राजन रॉय एवं न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की पीठ ने एस.के. शर्मा द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि राज्य सरकार मई 2025 से ही चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने की बात कह रही है, इसके बावजूद अब तक मतदान नहीं कराया जा सका.
पीठ ने टिप्पणी की हम यह देखना चाहते हैं कि क्या ऐसी परिस्थितियां थीं जो सरकार के नियंत्रण से परे थीं, या फिर सरकार अपने संवैधानिक दायित्व के निर्वहन में विफल रही. सरकार को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 'सुरेश महाजन मामले' में दिए गए ऐतिहासिक फैसले का अवलोकन करना चाहिए. अदालत ने सरकार द्वारा प्रस्तुत ई-अभिलेखों का पुनपरीक्षण करने के लिए मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त 2026 तय की है.
प्रयागराज पीठ में सरकार का सफाईनामा
उधर, प्रयागराज में मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली एवं न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ के समक्ष एडीसी के विधि छात्रों युधिष्ठिर वर्मा व आयुष पांडेय की याचिका पर राज्य सरकार ने अपना जवाब काउंटर एफिडेविट दाखिल किया. सरकार ने पंचायत चुनाव टलने के पीछे दो मुख्य कारण बताए हैं.
समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग
उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन के कारण आरक्षण का निर्धारण आयोग की संस्तुतियों पर निर्भर है. राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि 10 जून 2026 निर्धारित की गई थी, जिसके कारण 26 मई 2026 से पूर्व चुनाव कराना संभव नहीं हो सका.
प्रशासक व्यवस्था पर उठे सवाल
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि पंचायतों का संवैधानिक कार्यकाल समाप्त होने के बाद यूपी पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 12(3-ए) के तहत प्रशासकों की नियुक्ति करना, संविधान के अनुच्छेद 243-ई की मूल भावना के पूरी तरह विपरीत है. प्रयागराज पीठ में राज्य सरकार के इस जवाब पर अगले सप्ताह सुनवाई होगी, जहां याचियों को सरकार के जवाब का बिंदुवार प्रतिउत्तर दाखिल करना है.
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कहा है कि अधिसूचना के 6 महीने के भीतर यूपी में पंचायत चुनाव कराना राज्य सरकार की वैधानिक बाध्यता है, जिसकी अवधि नवंबर 2026 में खत्म हो रही है.
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