यूपी का चंदौली बन रहा पूर्वांचल का नया पावरहाउस; कृषि, पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर से संवर रही जिले की तस्वीर - up leprosy pension scheme financial aid for disabled
यूपी का चंदौली बन रहा पूर्वांचल का नया पावरहाउस; कृषि, पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर से संवर रही जिले की तस्वीर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की 'कुष्ठावस्था पेंशन योजना' कुष्ठ रोग से प्रभावित…

सौजन्य से:- Jagran
यूपी का चंदौली बन रहा पूर्वांचल का नया पावरहाउस; कृषि, पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर से संवर रही जिले की तस्वीर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की 'कुष्ठावस्था पेंशन योजना' कुष्ठ रोग से प्रभावित दिव्यांगजनों को आर्थिक संबल प्रदान कर ...और पढ़ें
HighLights
- 13 हजार से अधिक कुष्ठ दिव्यांगजनों को पेंशन का लाभ।
- प्रति माह 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही।
- योजना का उद्देश्य सम्मानजनक जीवन और सामाजिक मुख्यधारा में जोड़ना।
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार समाज के कमजोर, वंचित और उपेक्षित वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर संकल्पित भाव से कार्य कर रही है। इसी क्रम में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित 'कुष्ठावस्था पेंशन योजना' कुष्ठ रोग से उपचार के बाद दिव्यांगता से प्रभावित लोगों के लिए आर्थिक संबल का सबसे बड़ा आधार बन चुकी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में राज्य सरकार ने 13 हजार से अधिक पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से पेंशन का लाभ पहुँचाया है।
पहली तिमाही में 12.31 करोड़ खर्च, हर महीने 3,000 की मदद
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उप निदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने जानकारी देते हुए बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही में 13,734 कुष्ठजनित दिव्यांगजनों को पेंशन का लाभ दिया गया है। इस अवधि में प्रदेश सरकार द्वारा कुल 1231.17 लाख रुपये (12.31 करोड़ रुपये) की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में व्यय की गई है। योजना के तहत पात्र व्यक्तियों को 3,000 रुपये प्रतिमाह की दर से आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें।
सहानुभूति नहीं, अधिकार: मुख्यधारा से जोड़ने की अनूठी पहल
कुष्ठावस्था पेंशन योजना का मूल उद्देश्य ऐसे व्यक्तियों को सीधे वित्तीय सहायता देना है, जिनके परिवार की आय उनके दैनिक भरण-पोषण के लिए पर्याप्त नहीं होती। यह योजना सिर्फ एक आर्थिक मदद नहीं, बल्कि समाज के मुख्यधारा से कटे इस विशेष वर्ग को सम्मानजनक जीवन जीने और समाज में बराबरी का दर्जा दिलाने का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। कुष्ठ रोग के कारण किसी भी स्तर की दिव्यांगता से ग्रसित व्यक्ति इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
क्या है पात्रता और कैसे उठाएं लाभ?
योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें दिव्यांगता का प्रतिशत पात्रता के मार्ग में कोई बाधक नहीं है। योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है। इसके अलावा, संबंधित जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र, परिवार की वार्षिक आय 2 लाख से कम होना और किसी अन्य सरकारी पेंशन का लाभ न लेना इसकी प्रमुख शर्तें हैं।
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हर पात्र तक पहुंचेगा लाभ: विभाग की कटिबद्धता
उपनिदेशक डॉ. अमित कुमार राय के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा स्पष्ट है कि राज्य में कोई भी असहाय या जरूरतमंद सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसी सोच के तहत विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध और सुलभ बनी रहे। आवेदन से लेकर धनराशि ट्रांसफर होने तक की प्रणाली को इतना सुदृढ़ किया गया है कि पेंशन सीधे सही और वास्तविक हकदार तक बिना किसी बिचौलिए के पहुँचे।
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