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UP Floods: गंगा में प्रयागराज से लेकर वाराणसी तक दबाव बढ़ा, चार सेमी प्रति घंटा बढ़ रहा जलस्तर

UP Floods: गंगा में प्रयागराज से लेकर वाराणसी तक दबाव बढ़ा, चार सेमी प्रति घंटा बढ़ रहा जलस्तर UP Floods: गंगा में प्रयागराज से लेकर वाराणसी तक दबाव बढ़ा है। इससे बाढ़ का खतरा एक बार फिर मंडरा रहा है। गंगा में जलस्तर चार…

Hindustan के अनुसार30 अगस्त 2026 को 02:31 am बजे
UP Floods: गंगा में प्रयागराज से लेकर वाराणसी तक दबाव बढ़ा, चार सेमी प्रति घंटा बढ़ रहा जलस्तर

सौजन्य से:- Hindustan

UP Floods: गंगा में प्रयागराज से लेकर वाराणसी तक दबाव बढ़ा, चार सेमी प्रति घंटा बढ़ रहा जलस्तर

UP Floods: गंगा में प्रयागराज से लेकर वाराणसी तक दबाव बढ़ा है। इससे बाढ़ का खतरा एक बार फिर मंडरा रहा है। गंगा में जलस्तर चार सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है। प्रयागराज में गंगा-यमुना के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से शनिवार को दारागंज का दशाश्वमेध घाट डूब गया।

यूपी के वाराणसी में हफ्ते भर घटाव के बाद शनिवार सुबह से गंगा में फिर उफान शुरू हो गया। रात आठ बजे 4 सेंमी प्रति घंटा की गति से जलस्तर में वृद्धि ने गंगा के साथ वरुणा के तटवर्ती इलाकों में भी तनाव लौटा दिया है। तनाव बढ़ने की मुख्य वजह यह है कि अपस्ट्रीम के प्रयागराज एवं मिर्जापुर जनपदों में रात आठ बजे जलस्तर क्रमश: तीन एवं 2.5 सेंमी/घंटा की गति से बढ़ रहा था। इस आधार पर केन्द्रीय जल आयोग ने अगले 48 घंटों तक बनारस में भी जलस्तर बढ़ते रहने का अनुमान व्यक्त किया है।

केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक बनारस में रात्रि आठ बजे गंगा का जलस्तर 68.46 मीटर था। यहां खतरे का निशान 71.262 और चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर पर है। शुक्रवार को जलस्तर 67.76 मीटर पर था। जलस्तर में फिर तेज बढ़ाव को देखते हुए प्रशासन अलर्ट हो गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की राहत चौकियों एवं शिविरों को भी अलर्ट कर दिया गया है। सबसे अधिक चिंता वरुणा के तटवर्ती इलाकों के लोगों में है जिन्हें हफ्ते भर गंगा के पलट प्रवाह के चलते अपने घर-मकान छोड़ने पड़ गए थे। उनके मोहल्लों में बाढ़ का पानी उतरा ही था कि शनिवार से चिंता की नई लहर चलने लगी।

बनारस एवं आसपास के अलावा पश्चिमी यूपी एवं पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश, पड़ोसी मध्यप्रदेश की नदियों में ओवरफ्लो ने गंगा में प्रयागराज से लेकर वाराणसी तक दबाव बढ़ा दिया है। उधर, गंगा में तेज वृद्धि देख पुलिस और एनडीआरएफ ने पक्के घाट किनारे लोगों को सतर्क किया है। घाट किनारे टहलने और स्नान करने वालों को गहरे पानी में नहीं उतरने की चेतावनी दी जा रही थी।

नाले से फिर पहुंचने लगा पानी

गंगा का वरुणा में दोबारा पलट प्रवाह शुरू होने से नालों के रास्ते बाढ़ का पानी लोगों के घरों की दहलीज तक पहुंचने लगा है। रविवार तक पानी घरों में घुस जाएगा। पुलकोहना पुरानापुल स्थित छोटी मस्जिद वाले इलाके के आधा दर्जन मकान बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। सलारपुर, रसूलगढ़ सहित खालिसपुर, चमेलिया बस्ती, डिपो कालोनी के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भरने लगा है।

बड़े हनुमान मंदिर परिसर पहुंचीं गंगा, यमुना ने भी डराया

प्रयागराज में गंगा यमुना के बढ़ते जलस्तर से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। संगम क्षेत्र में गंगा का जल तेजी से बढ़ते हुए रात करीब साढ़े 12 बजे बड़े हनुमान मंदिर परिसर में प्रवेश कर गया। जलस्तर की रफ्तार से वहां मौजूद लोग भोर तक मां गंगा के पवनपुत्र को नहलाने की उम्मीद जताते रहे। सिंचाई विभाग (बाढ़ प्रखंड) के अधिशासी अभियंता दिग्विजय नारायण शुक्ला ने बताया कि माताटीला बैराज, लहचूरा, मौदहा डैम से पानी छोड़ा गया है।

बेतवा का एक लाख 60 हजार क्यूसेक पानी यमुना से आ रहा है। टोंस में एक मीटर से अधिक वृद्धि से छतनाग के आगे गंगा का प्रवाह प्रभावित हुआ है। बताया कि नैनी में यमुना का जलस्तर एक मीटर 25 सेमी बढ़ने की संभावना है। छतनाग में गंगा के जलस्तर में डेढ़ मीटर, फाफामऊ में एक मीटर वृद्धि की संभावना है। रात आठ बजे फाफामऊ व छतनाग में गंगा क्रमश: चार-चार सेमी प्रति घंटा बढ़ रही थीं।

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