UP: मीट शॉप बंद कराने का मामला पहुंचा कोर्ट, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस के नोटिस पर मांगा जवाब
उत्तर प्रदेश के अमरोहा में पुलिस की ओर से नोटिस जारी कर मीट की दुकानों को 30 दिनों तक बंद रखने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है. मामला…

सौजन्य से:- aajtak.in
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उत्तर प्रदेश के अमरोहा में पुलिस की ओर से नोटिस जारी कर मीट की दुकानों को 30 दिनों तक बंद रखने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है. मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है.हाईकोर्ट ने अमरोहा शहर कोतवाल और प्रदेश के प्रमुख सचिव समेत संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.कोर्ट ने दुकानों को बंद कराने के आदेश और उसके आधार की जानकारी मांगी है.
दरअसल, अमरोहा शहर कोतवाली पुलिस ने नगर क्षेत्र में संचालित मीट की 21 दुकानों को नोटिस जारी कर 30 दिनों तक दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए थे. इसके बाद शहर की कई मीट की दुकानें बंद हो गईं. बताया जा रहा है कि मीट से जुड़े खाद्य पदार्थ परोसने वाले कुछ होटल भी इसकी जद में आ गए. अचानक दुकानें बंद होने से छोटे दुकानदारों और उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया.
पुलिस के इस आदेश के खिलाफ अमरोहा के अधिवक्ता नासिर फारुख ने हाईकोर्ट का रुख किया और याचिका दाखिल की. याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की बेंच ने अमरोहा शहर कोतवाल और प्रमुख सचिव समेत संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने अमरोहा के साथ-साथ प्रदेश में मीट की दुकानों को बंद कराने के आधार और नियमों के संबंध में भी जवाब मांगा है.
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सभी की नजरें हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी
याचिकाकर्ता अधिवक्ता नासिर फारुख के मुताबिक उन्होंने करीब 15 से 20 दिन पहले जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा था. इसके बाद राष्ट्रपति को भी ज्ञापन दिया गया, लेकिन दोनों मामलों में कार्रवाई नहीं होने के बाद उन्हें हाईकोर्ट का रुख करना पड़ा. अधिवक्ता का कहना है कि उनकी याचिका दाखिल करने की मुख्य वजह छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी पर पड़ रहा असर है. उनका आरोप है कि पुलिस की ओर से जारी नोटिस में किसी अधिकारी का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं था. नोटिस में 30 दिनों तक दुकान बंद रखने के निर्देश दिए गए थे. उन्होंने नोटिस में धार्मिक प्रतीक से जुड़ी तस्वीर होने का भी दावा किया है.
नासिर फारुख ने कहा कि वे धार्मिक आस्था का सम्मान करते हैं, लेकिन उनका मानना है कि कांवड़ यात्रा के मार्ग में आने वाली दुकानों के संबंध में ही आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए. उनका कहना है कि पूरे शहर की दुकानों को 30 दिनों तक बंद रखने से छोटे दुकानदारों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो सकता है. फिलहाल हाईकोर्ट के नोटिस के बाद अमरोहा पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले में जवाब दाखिल करने की तैयारी की जा रही है. अब सभी की नजर हाईकोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई और अधिकारियों के जवाब पर है.
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