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यूपी: सीएम योगी बोले- पहले परिवारवाद ही विकास, सैफई महोत्सव ही था सांस्कृतिक उत्थान

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Amar Ujala के अनुसार6 अक्टूबर 2026 को 03:04 pm बजे
यूपी: सीएम योगी बोले- पहले परिवारवाद ही विकास, सैफई महोत्सव ही था सांस्कृतिक उत्थान

सौजन्य से:- Amar Ujala

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यूपी: सीएम योगी बोले- पहले परिवारवाद ही विकास, सैफई महोत्सव ही था सांस्कृतिक उत्थान

Tue, 06 Oct 2026 08:13 PM IST

Ishwar Ashish Bhartiya

अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

Published by: Ishwar Ashish Bhartiya

Updated Tue, 06 Oct 2026 08:13 PM IST

सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के बाद हमने प्राथमिकताएं बदली हैं। पहले रिवारवाद ही विकास था, सैफई महोत्सव ही सांस्कृतिक उत्थान और माफियाकरण ही औद्योगिकीकरण का मॉडल बन गया था।

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विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेशवासियों को 2017 के बाद प्रदेश की उड़ान को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया। वहीं पूर्ववर्ती सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए वातावरण कैसे बनेगा। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले के हालात पर कहा कि पहले सिर्फ घोषणाएं होती थीं, पर परियोजनाएं जमीन पर उतरने के लिए संघर्ष करती थीं। क्योंकि तब परिवारवाद ही विकास था, सैफई महोत्सव ही सांस्कृतिक उत्थान और माफियाकरण ही औद्योगिकीकरण का मॉडल बन गया था।

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मुख्यमंत्री ने लिखा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश के अनलिमिटेड पोटेंशियल का उपयोग नहीं किया, बल्कि इसे ''बीमारू'' ही बनाए रखा। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत का जो विजन दिया, उसे सरकार ने उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर जमीन पर उतारा है।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि आज साढ़े 9 वर्ष के भीतर देश के करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी है। जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की एचसीएल-फाक्सकान चिप इकाई बन रही है, 644 मेगावाट के डेटा सेंटर प्रस्ताव आ चुके हैं और प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप व 8 यूनिकॉर्न हैं। यानी यात्रा मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही है।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि हमने प्राथमिकता बदली। परिवार के विकास की जगह प्रदेश का विकास, माफिया के संरक्षण की जगह निवेशक का संरक्षण और तुष्टीकरण की जगह टेक्नोलॉजी पर जोर दिया। इलेक्ट्रॉनिक्स बढ़ा तो डाटा सेंटर की आवश्यकता बढ़ी और डाटा बढ़ा तो आज उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर से एआई सिटी तक भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि एआई-प्रज्ञा के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

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