होमराजनीतियूपी : बैकयार्ड मत्स्य पालन योजना का होगा विस्तार, केशव मौर्य ने दिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जोड़ने के निर्देश - up backyard fisheries scheme expands empowers women shgs
राजनीति

यूपी : बैकयार्ड मत्स्य पालन योजना का होगा विस्तार, केशव मौर्य ने दिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जोड़ने के निर्देश - up backyard fisheries scheme expands empowers women shgs

यूपी : बैकयार्ड मत्स्य पालन योजना का होगा विस्तार, केशव मौर्य ने दिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जोड़ने के निर्देश उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बैकयार्ड मत्स्य पालन योजना का दायरा बढ़ाने और अधिक स्वयं सहायता सम…

Jagran के अनुसार1 अगस्त 2026 को 05:18 pm बजे
यूपी : बैकयार्ड मत्स्य पालन योजना का होगा विस्तार, केशव मौर्य ने दिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जोड़ने के निर्देश
 - up backyard fisheries scheme expands empowers women shgs

सौजन्य से:- Jagran

यूपी : बैकयार्ड मत्स्य पालन योजना का होगा विस्तार, केशव मौर्य ने दिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जोड़ने के निर्देश

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बैकयार्ड मत्स्य पालन योजना का दायरा बढ़ाने और अधिक स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को इससे जोड़ने के निर्देश दिए हैं। ...और पढ़ें

HighLights

- योजना का दायरा बढ़ाने और महिलाओं को जोड़ने के निर्देश।

- मत्स्य पालन से महिलाओं को स्वरोजगार और सशक्तिकरण मिल रहा।

- 'लखपति दीदी' बनाने के लक्ष्य के साथ योजना का विस्तार।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बैकयार्ड मत्स्य पालन योजना का दायरा बढ़ाने और अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को इससे जोड़ने के निर्देश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मत्स्य पालन को महिला सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनाया जाए। बैकयार्ड मत्स्य पालन जैसी नवाचार आधारित योजनाओं का विस्तार कर महिलाओं को इससे जोड़ा जाए। उन्हें आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, विपणन और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए।

शनिवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित बैठक में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए बैकयार्ड मत्स्य पालन योजना, एक सफल माडल के रूप में उभरी है। बताया गया कि उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और मत्स्य निदेशालय की संयुक्त पहल के तहत अब तक 10 जिलों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बैकयार्ड मत्स्य पालन परियोजना से जोड़ा गया है।

मत्स्य उत्पादक समूहों का गठन कर महिलाओं को जोड़ा

850 बायोफ्लाक टैंक स्थापित कर 11.5 टन सिंघी मछली का उत्पादन एवं हार्वेस्टिंग की जा चुकी है। 173 मत्स्य उत्पादक समूहों का गठन कर 3,110 महिलाओं को जोड़ा गया है। प्रथम उत्पादन चक्र में महिलाओं को प्रति टैंक औसतन 30 हजार से 40 हजार रुपये तक की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई है।

233 महिलाओं को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में अनुदान का लाभ भी प्रदान किया जा चुका है। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन जिलाें में योजना के सकारात्मक परिणाम आए हैं, वहां के अनुभवों को अन्य जिलों में में भी लागू किया जाए। योजना का प्रदेश के अधिक से अधिक जिलों तक विस्तार दिया जाए, ताकि अधिकाधिक महिलाएं लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ सकें।

--

चौपालों, मेलों में मिलेंगे महिला समूहों के उत्पाद

उपमुख्यमंत्री ने एक अन्य बैठक में स्वयं सहायता समूहों की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों के विपणन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। कहा कि ग्राम चौपाल, सरस मेला आदि आयोजनों में इन उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाए। उन्होंने हर जिले में टेक होम राशन प्लांट स्थापित करने की कार्ययोजना बनाने, हर घर तिरंगा अभियान के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा दो करोड़ राष्ट्र ध्वज के निर्माण का लक्ष्य समय से पूरा कराने, प्रशिक्षण संस्थानों में प्रतिमाह एक लाख प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था करने, बीसी सखियों को वीबी जीरामजी योजना से से जोड़ने के भी निर्देश दिए। कहा कि ब्लाकों में कार्मिकों की कमी को दूर करने को रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में लापरवाही करने वाले ठेकेदारों को चिह्नित कर ब्लैक लिस्ट किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को भी पद का दुरुपयोग करने या अपने किसी स्वजन को अनुचित लाभ पहुंचाने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी।

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें