आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा, UP के 866 अस्पतालों पर योगी सरकार की कार्रवाई
यूपी में आयुष्मान भारत योजना में फर्जीवाड़ा करने वाले 866 अस्पतालों पर कार्रवाई की गई है। ये फर्जी तरीके से आयुष्मान योजना के रुपये निकाल रहे थे। हाइलाइट्स 2020 से 2026 तक अस्पतालों पर की गई कार्रवाई 140 अस्पतालों पर 8.5…

सौजन्य से:- Navbharat Times
यूपी में आयुष्मान भारत योजना में फर्जीवाड़ा करने वाले 866 अस्पतालों पर कार्रवाई की गई है। ये फर्जी तरीके से आयुष्मान योजना के रुपये निकाल रहे थे।
हाइलाइट्स
2020 से 2026 तक अस्पतालों पर की गई कार्रवाई
140 अस्पतालों पर 8.53 करोड़ से ज्यादा की पेनाल्टी
अब तक 4.37 करोड़ से ज्यादा की वसूली हो चुकी
हेमेन्द्र त्रिपाठी, लखनऊ: आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों और जरूरतमंदों के इलाज में लापरवाही, मानकों की अनदेखी और वित्तीय अनियमितताओं पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद साल 2020 से 2026 के बीच प्रदेश के कुल 866 अस्पतालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
जारी आंकड़ों के अनुसार, इस बड़ी कार्रवाई के तहत नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 648 अस्पतालों को योजना से पूरी तरह बाहर यानी डी-इम्पैनल कर दिया गया, जबकि 61 अस्पतालों को निलंबित किया गया है। इसके अलावा गड़बड़ी में लिप्त 140 अस्पतालों पर 8.53 करोड़ रुपये से अधिक की पेनाल्टी लगाई गई है, जिसमें से अब तक 4.37 करोड़ रुपये से ज्यादा की वसूली पूरी की जा चुकी है।
दो वित्तीय वर्षों में 140 अस्पतालों पर भारी जुर्माना
साचीज की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 60 अस्पतालों पर 3 करोड़ 45 लाख रुपये से अधिक की पेनाल्टी लगाई गई, जिसमें से 3 करोड़ 19 लाख रुपये से ज्यादा की वसूली हो चुकी है। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2026-27 में 80 अस्पतालों पर 5 करोड़ 7 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 1 करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक की रिकवरी की जा चुकी है और बाकी प्रक्रिया जारी है।
डेटा एनालिटिक्स से निगरानी
CEO अर्चना वर्मा ने स्पष्ट किया कि स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट यानी SAFU की ओर से डेटा एनालिटिक्स के आधार पर गड़बड़ियों की गहन निगरानी की जा रही है। ओपीडी मरीजों को भर्ती दिखाना, एक ही मरीज को बार-बार एडमिट करना या फर्जी रिपोर्ट भेजने जैसे मामलों को पकड़कर यह कदम उठाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि मानकों में सुधार न करने वाले अस्पतालों को तत्काल निलंबित किया जाएगा।
लेखक के बारे मेंविवेक मिश्राविवेक कुमार मिश्रा (Vivek Kumar Mishra) नवभारत टाइम्स ऑनलाइन (NBT.Com) में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर (Senior Digital Content Producer) हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीतिक-सियासी हलचल पर नजर रखते हैं। यूपी राजनीतिक विश्लेषण, उत्तर प्रदेश में हो रही घटनाओं पर नजर रखते हैं। उत्तर प्रदेश में अपराध, प्रशासन, डेवलपमेंट, यूपी सरकारी योजनाओं पर फोकस रखते हैं। उत्तराखंड की राजनीति हलचल, विश्लेषण, अपराध और घटनाक्रम पर भी विवेक कुमार मिश्रा फोकस रखते हैं।
अनुभव
यूपी के लखनऊ, मुरादाबाद, आगरा और नोएडा में हिंदुस्तान, अमर उजाला, दैनिक जागरण जैसे प्रिंट मीडिया में काम कर चुके हैं। दिसंबर 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन के साथ जुड़े हैं। पत्रकारिता में 10 साल से ज्यादा का अनुभव है। इसमें डेस्क और फील्ड दोनों में काम किया है।
शिक्षा
राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय से स्नातक किया है। राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) में परास्नातक किया हुआ है। विवेक कुमार मिश्रा मूल रूप से यूपी के बाराबंकी जिले के रहने वाले हैं।... और पढ़ें
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