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UP के सक्रिय वकीलों को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज की सुविधा, मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज में बड़ी घोषणा की - cm yogi attends prayagraj high court bar association event

UP के सक्रिय वकीलों को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज की सुविधा, मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज में बड़ी घोषणा की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज में हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने अधिवक्त…

jagran.com के अनुसार15 सितंबर 2026 को 09:04 pm बजे
UP के सक्रिय वकीलों को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज की सुविधा, मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज में बड़ी घोषणा की
 - cm yogi attends prayagraj high court bar association event

सौजन्य से:- jagran.com

UP के सक्रिय वकीलों को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज की सुविधा, मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज में बड़ी घोषणा की

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज में हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने अधिवक्ताओं के हित में कई घोषणाएं कीं। अधिवक्ता कक्ष भवन की सांकेतिक चाबी भी सौंपी।

HighLights

- हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद के सम्मान समारोह में की बहुप्रतीक्षित घोषणा

- अधिवक्ता के निधन पर आर्थिक सहायता की आयु सीमा भी 60 से बढ़ाकर 70 वर्ष

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले प्रदेश के करीब ढाई लाख अधिवक्ताओं के हित में सोमवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संगमनगरी से बड़ी घोषणा की। अधिवक्ता समाज को देश के प्रबुद्ध वर्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि उन्हें अब सालाना पांच लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी।

हाई कोर्ट और जिला अदालतों में सक्रिय प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को योजना से जोड़ा जाएगा। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद (एचसीबीए) की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने अधिवक्ता हित में की गई अन्य पहल गिनाई। लगभग सात सौ करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यालय, चैंबर और अधिवक्ता भवन की चाबी बार एसोसिएशन पदाधिकारियों को सौंपी। आश्वासन दिया कि चैंबर में फर्नीचर और उपकरण उपलब्ध कराने के लिए मुख्य न्यायमूर्ति के माध्यम से आने वाले प्रस्ताव के अनुरूप सहयोग दिया जाएगा।

आधे घंटे से अधिक संबोधन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 हजार से अधिक अधिवक्ताओं के लिए चैंबर, मल्टीलेवल पार्किंग, डाइनिंग हाल, कामन रूम और लाइब्रेरी का निर्माण कराया गया है। अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि डेढ़ लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये की गई है। अधिवक्ता के निधन पर परिजनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता की आयु सीमा भी 60 से बढ़ाकर 70 वर्ष की गई है।

कौशांबी, लखनऊ, कासगंज और श्रावस्ती समेत करीब एक दर्जन जिलों में अधिवक्ता चैंबर के निर्माण के लिए अलग से धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा 400 राज्य विधि अधिकारियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए टैबलेट दिए जाएंगे।

पं. मोतीलाल नेहरू तथा महामना पं. मदन मोहन मालवीय, सरदार वल्लभ भाई पटेल, डा. बीआर आंबेडकर व डा राजेंद्र प्रसाद का नामोल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर संविधान निर्माण, लोकतंत्र के स्तंभों को मजबूत करने और राष्ट्र निर्माण तक अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने बार और बेंच को न्याय रूपी रथ के दो महत्वपूर्ण स्तंभ बताया और कहा कि दोनों में आपसी सम्मान, शिष्टाचार, संवाद, समन्वय और सहयोग निरंतर बना रहना चाहिए। मुख्य न्यायमूर्ति के साथ उनकी बैठक में न्यायपालिका से जुड़े विषयों पर ही चर्चा नहीं होती, बल्कि अधिवक्ताओं की समस्याओं पर चर्चा कर उनके समाधान का रास्ता निकाला जाता है।

प्रदेश में न्यायिक आधारभूत ढांचे की बेहतरी की दिशा में वर्ष 2017 से हुई पहल का मुख्यमंत्री ने संक्षिप्त में उल्लेख किया। बताया कि जिन 10 जिलों में जिला अदालतें किराये के भवनों में संचालित हो रही थीं, वहां इंटीग्रेटेड कोर्ट काम्प्लेक्स निर्माण का काम तेजी से चल रहा है।

मुकदमों के त्वरित निस्तारण के लिए पहले चरण में जिला स्तर पर 900 न्यायालयों के गठन को मंजूरी दी गई है। जिला न्यायालय, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले विधि अधिकारियों की फीस में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की गई है।

विशिष्ट अतिथि मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली ने अधिवक्ताओं को सुलभ कराई गई सुविधाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि युवा अधिवक्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे बार और हाईकोर्ट को और आगे ले जाएं तथा लोगों की सेवा करें।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का कहना था कि 'आज ‘ईज आफ जस्टिस’ को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पुराने औपनिवेशिक कानून बदले गए हैं। आज अपराधी कानून से डरता है और आम आदमी का कानून पर भरोसा बढ़ा है। सरकार की नीति साफ है कि ‘निर्दोष छेड़ेंगे नहीं और अपराधी छोड़ेंगे नहीं।’

वरिष्ठ न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा ने बार को हाईकोर्ट का अभिन्न अंग बताया। साथ ही अधिवक्ताओं को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार की सराहना की। एचसीबीए अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश पांडे बबुआ ने आभार जताया। संचालन महासचिव अखिलेश शर्मा ने किया।

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