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उत्तर प्रदेश में कांग्रेस समान विचारधारा वाले दलों के साथ मैदान में उतरेगी: सचिन पाटलट

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस समान विचारधारा वाले दलों के साथ मैदान में उतरेगी: सचिन पाटलट गाजियाबाद में कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए सभी समान विचारधारा वाले दलों को ए…

Hindustan के अनुसार6 सितंबर 2026 को 02:31 pm बजे
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस समान विचारधारा वाले दलों के साथ मैदान में उतरेगी: सचिन पाटलट

सौजन्य से:- Hindustan

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस समान विचारधारा वाले दलों के साथ मैदान में उतरेगी: सचिन पाटलट

गाजियाबाद में कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए सभी समान विचारधारा वाले दलों को एकजुट होना चाहिए। उन्होंने युवा समस्याओं, परीक्षा लीक, और जातिगत जनगणना की मांग उठाई। पायलट ने केंद्र की नीतियों पर भी सवाल उठाए और महंगाई तथा बेरोजगारी के मुद्दों पर चिंता जताई।

गाजियाबाद, नतिन कौशिक। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलेट ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए कांग्रेस सभी समान विचारधारा वाले दलों को साथ लेकर चुनावी मैदान में उतरेगी। आरडीसी के रेस्तरां में आयोजित हुई पत्रकार वार्ता में सचिव पायलेट ने सभी राज्यों में राजनीतिक समीकरण अलग-अलग बताते हुए पंजाब में अकेले चुनावी मैदान में उतरने की बात कही। राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिव पायलेट ने सहारनपुर में मस्जिद से जुड़ी बुलडोजर कार्रवाई पर कहा कि चुनाव के समय भाजपा मंदिर-मस्जिद, हिंदू-मुस्लिम और ध्रुवीकरण के मुद्दों को आगे करती है। वास्तविक सवालों से ध्यान हटाने के लिए ऐसी राजनीति की जाती है।

जेन जीन के मामले पर सचिन पायलेट ने कहा कि देश में दर्जनों प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे है, जिसका छात्रों पर बुरा असर पड़ता है। 26 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की है। दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पैलेट गन चलाने और बिहार में एके-47 से फायरिंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान होना चाहिए। कहा कि मध्यम और गरीब परिवारों के युवा पढ़ाई पर भारी खर्च करते हैं, लेकिन परीक्षा व्यवस्था की खामियों से उनके भविष्य पर असर पड़ रहा है। सामाजिक न्याय और पारदर्शीय जनगणना की मांग उठाते हुए उन्होंने कहा कि आगामी जनगणना में जातिगत गणना केवल एक औपचारिकता न बने, बल्कि इसे पूरी तरह से वैज्ञानिक और प्रामाणिक आधार पर कराया जाना चाहिए। जातिगत जनगणना की मांग राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बाद देशभर में तेज हुई। पिछड़ों, दलितों और अन्य सामाजिक वर्गों की आबादी से संबंधित ठीक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। जनता के दबाव में केंद्र ने जातिगत जनगणना की घोषणा की, लेकिन अब इसकी प्रक्रिया को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार और तेलंगाना में अपनाए गए स्पष्ट माडल के बजाय केंद्र ने फार्म में ‘ड्राप-डाउन’ विकल्प हटाकर ‘सेल्फ डिक्लेरेशन’ का प्रावधान किया है। उनकी मांग है कि पारदर्शी और विज्ञानी तरीके से आंकड़े जुटाए जाएं।पायलट ने महंगाई और बेरोजगारी को लेकर केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि के दावे पर भी सवाल खड़े किए। विदेश नीति के संदर्भ में उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसे देश भारत के तेल खरीदने के फैसलों पर टिप्पणी कर रहे हैं। अमेरिका से 500 अरब डालर के सामान के आयात और जीरो टैरिफ जैसे प्रस्तावों को उन्होंने किसानों और घरेलू उत्पादकों के हितों के खिलाफ बताया। हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम स्थल के कथित शुद्धिकरण को लेकर भी पायलट ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि खड़गे दलित समाज से आते हैं और दशकों से निर्वाचित जनप्रतिनिधि रहे हैं। उनके कार्यक्रम के बाद गंगाजल छिड़कना पूरे दलित समाज का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोषियों पर कार्रवाई के बजाय सवाल उठाने वालों और राहुल गांधी पर मुकदमा किया जा रहा है। इस दौरान जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा, विजेद्र यादव, विनीत त्यागी, हरेंद्र कसाना, बबली नागर, आदि मौजूद रहे।

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