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कानपुर नगर निगम में SIT का छापा: 100 करोड़ के टेंडर घोटाले में 5 घंटे पूछताछ, कई अधिकारियों पर गिर सकती है गाज

कानपुर नगर निगम में SIT का छापा: 100 करोड़ के टेंडर घोटाले में 5 घंटे पूछताछ, कई अधिकारियों पर गिर सकती है गाज कानपुर नगर निगम मुख्यालय में 100 करोड़ के टेंडर घोटाले की जांच के लिए एसआईटी टीम पहुंची. यहां 5 घंटे तक अफसरो…

ETV Bharat के अनुसार26 अगस्त 2026 को 02:23 pm बजे
कानपुर नगर निगम में SIT का छापा: 100 करोड़ के टेंडर घोटाले में 5 घंटे पूछताछ, कई अधिकारियों पर गिर सकती है गाज

सौजन्य से:- ETV Bharat

कानपुर नगर निगम में SIT का छापा: 100 करोड़ के टेंडर घोटाले में 5 घंटे पूछताछ, कई अधिकारियों पर गिर सकती है गाज

कानपुर नगर निगम मुख्यालय में 100 करोड़ के टेंडर घोटाले की जांच के लिए एसआईटी टीम पहुंची. यहां 5 घंटे तक अफसरों से पूछताछ हुई.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 26, 2026 at 7:14 PM IST

कानपुर: कानपुर शहर के नगर निगम स्थित मुख्यालय में मंगलवार को हुई कार्रवाई के बाद बुधवार सुबह 11.30 बजे स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम अचानक जांच के लिए पहुंच गई. एसआईटी को लीड कर रहीं एडीसीपी सेंट्रल डॉ. अर्चना सिंह और एसीपी समेत कई थानों की फोर्स को देखकर मुख्यालय में हड़कंप मच गया.

छुट्टी होने के बावजूद एसआईटी टीम ने यहां चीफ इंजीनियर एसएफए जैदी, एक्सईएन आरके सिंह और पर्यावरण अभियंता दिवाकर को आमने-सामने बैठाकर करीब पांच घंटे तक मैराथन पूछताछ की. इस दौरान बंद कमरों से कर्मचारियों ने आला अफसरों को पल-पल की जानकारी भेजी.

मानकों को ताक पर रखकर दिए गए टेंडर: एसआईटी टीम के सदस्यों ने नगर निगम अफसरों से ब्लैकलिस्ट की गई फर्मों से संबंधित तीखे सवाल पूछे. एडीसीपी ने अफसरों को फटकार लगाते हुए कहा कि इतना बड़ा घोटाला होता रहा और मानकों को ताक पर रखकर टेंडर दे दिए गए, फिर भी अधिकारियों को भनक तक नहीं लगी. एसआईटी ने उन सभी विवादित फर्मों की फाइलें जब्त कर ली हैं जिनकी जांच की जानी है. अब नगर निगम के भीतर चर्चा तेज है कि 100 करोड़ के टेंडर निरस्तीकरण और छह आरोपी ठेकेदारों पर एफआईआर के बाद कई बड़े अफसरों पर जल्द गाज गिरना तय है.

सरगना गोविंद शर्मा की तलाश में जुटी पुलिस: मंगलवार को मामले का खुलासा करते हुए पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने बताया था कि पकड़े गए छह आरोपी ठेकेदारों का मुख्य सरगना गोविंद शर्मा अभी फरार है. पुलिस का दावा है कि गोविंद शर्मा की गिरफ्तारी के बाद घोटाले के कई बड़े राज खुलेंगे. चर्चा यह भी है कि कुछ सफेदपोश नेताओं के संरक्षण में यह आरोपी ठेकेदार मनमाने ढंग से करोड़ों रुपये के टेंडर हासिल करते रहे, जिनके नाम जल्द उजागर हो सकते हैं. एसआईटी ने अफसरों को सवालों की एक सूची सौंपकर जवाब तलब किया है.

कैला देवी फर्म के दस्तावेजों में मिली गड़बड़ी: एसआईटी प्रभारी व एडीसीपी सेंट्रल डॉ. अर्चना सिंह ने बताया कि जब्त की गई सभी फाइलों का गहराई से अध्ययन किया जा रहा है. बुधवार को जब 'कैला देवी' नामक फर्म के दस्तावेज खंगाले गए तो उनमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाई गईं. उन्होंने कहा कि जांच के दौरान जो भी अधिकारी या ठेकेदार दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

यह भी पढ़ें- कानपुर नगर निगम में अवैध वसूली के मामले में 6 पर FIR, 100 करोड़ के टेंडर रद्द

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