भगवान श्रीकृष्ण मंदिर पर अब गरमाएगी यूपी की सियासत, जन्माष्टमी पर सीएम योगी के संकेत का अर्थ समझिए
उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले श्रीकृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा बड़े पैमाने पर गर्मा सकता है। इसके पीछे की वजह विपक्षी दलों के सॉफ्ट हिंदुत्व को माना जा रहा है। दरअसल, समाजवादी पार्टी से लेकर कां…

सौजन्य से:- Navbharat Times
उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले श्रीकृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा बड़े पैमाने पर गर्मा सकता है। इसके पीछे की वजह विपक्षी दलों के सॉफ्ट हिंदुत्व को माना जा रहा है। दरअसल, समाजवादी पार्टी से लेकर कांग्रेस तक राम मंदिर दान चोरी मुद्दे पर हिंदुत्व और आस्था पर सवाल खड़े करती दिखी है। अब इसी हिंदू आस्था के मुद्दे को हवा देकर भाजपा श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर मंदिर के निर्माण की बात राजनीतिक मैदान में उठाती दिख रही है। यह अन्य दलों को उनके स्थायी वोट बैंक के बीच असहज कर सकती है।
सीएम योगी ने क्या कहा?
सीएम योगी आदित्यनाथ ने मथुरा के कार्यक्रम में कहा कि जो लोग मानते थे कि हम अजेय हैं, आज उन आक्रांताओं को ढूंढ़ने पर भी आप नहीं पाएंगे। सब समाप्त हो गए। अयोध्या में प्रभु राम का भव्य मंदिर का निर्माण हो गया। दुनिया का विशाल का मंदिर अयोध्या में बन गया है। जिन लोगों को यह सब अच्छा नहीं लगता, वे राम मंदिर को बदनाम कर रहे हैं। जिन लोगों को अच्छा लगता है, उन्हें लगता है कि देखो हमारे रामलला फिर से अयोध्या में विराजमान हो गए हैं। विध्यवासिनी धाम में भी कॉरिडोर का निर्माण हो गया है। काशी सज गई है।सीएम योगी ने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए हमारा प्रयास है कि मथुरा वृंदावन में भी वैसा ही भव्य परिसर तैयार हो, जैसा अयोध्या और जैसे काशी में हुआ है। भक्तों की आस्था पर संकट न हो। भक्तों को अपने आराध्य का दर्शन में किसी प्रकार की चुनौती न झेलनी पड़े। भक्त आएं और सहज भाव से भगवान का दर्शन कर अपने घरों को जाएंगे। इस भाव के साथ डबल इंजन की सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। विकसित भारत की परिकल्पना को प्रधानमंत्री मोदी जी के संकल्प साथ पूरा कराने में हमलोग जुटे हुए हैं।
सीएम योगी के बयान का अलग महत्व
मथुरा में यूपी चुनाव 2027 से पहले श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का मुद्दा लगातार गरमा रहा है। शाही ईदगाह मस्जिद से चल रहा विवाद कोर्ट के बाहर सुलझ नहीं पाया है। ऐसे में कृष्ण भक्तों और साधु-संतों की ओर से लगातार दबाव गहराया जा रहा है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पिछले दिनों लगातार राम मंदिर की चर्चा करते दिखे हैं। आस्था का सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में हिंदुओं की एक बड़ी आस्था श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर ही है। राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के बाद अब उनके हिंदुत्व की तरफ रुख को लेकर हिंदुवादी संगठन से लेकर साधु-संत तक समर्थन की मांग कर रहे हैं।सीएम योगी ने जिस प्रकार मंच से मथुरा में मंदिर निर्माण की बात कही है, उससे दबाव सपा-कांग्रेस पर बढ़ेगा। इस मामले को भाजपा की ओर से उछाला जाना तय माना जा रहा है। इसमें अगर सपा-कांग्रेस विरोध में उतरती है तो फिर सत्ताधारी दल उन्हें छद्म हिंदुत्व वाले दायरे में बांधने का प्रयास करेगी। अगर दोनों दल इस मामले में उदासीन रहते हैं तो फिर अल्पसंख्यक वोट बैंक के छिटकने का खतरा है। ऐसे में जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण मंदिर का मुद्दा छेड़कर सीएम योगी ने बड़ा दांव खेल दिया है।
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