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गोरखपुर से काशी तक छाईं संध्या, देशभर में गूंजा आंगनबाड़ी का काम - sandhya singh gorakhpur anganwadi worker gets national recognition

गोरखपुर से काशी तक छाईं संध्या, देशभर में गूंजा आंगनबाड़ी का काम गोरखपुर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संध्या सिंह को नौवें राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर वाराणसी में उनके उत्कृष्ट कार्य के ...और पढ़ें HighLights - गोरखपुर की स…

Jagran के अनुसार9 सितंबर 2026 को 11:04 pm बजे
गोरखपुर से काशी तक छाईं संध्या, देशभर में गूंजा आंगनबाड़ी का काम
 - sandhya singh gorakhpur anganwadi worker gets national recognition

सौजन्य से:- Jagran

गोरखपुर से काशी तक छाईं संध्या, देशभर में गूंजा आंगनबाड़ी का काम

गोरखपुर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संध्या सिंह को नौवें राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर वाराणसी में उनके उत्कृष्ट कार्य के ...और पढ़ें

HighLights

- गोरखपुर की संध्या सिंह को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान।

- नौवें राष्ट्रीय पोषण माह में वाराणसी में कार्य प्रदर्शित।

- टेक होम राशन वितरण हेतु मुख्यमंत्री योगी से संवाद।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। जिले के खजनी विकासखंड के छोटे से गांव बसियाखोर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संध्या सिंह ने अपने काम से गोरखपुर को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई है। नौवें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 के शुभारंभ अवसर पर बुधवार को वाराणसी के रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में देश के चार राज्यों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के अनुभव साझा किए गए।

इनमें उत्तर प्रदेश से गोरखपुर की संध्या सिंह के श्रेष्ठ कामकाज का वीडियो भी प्रदर्शित किया गया। उनके कार्यों की सराहना के साथ उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संवाद करने का अवसर भी मिला। संध्या सिंह को टेक होम राशन के तकनीक आधारित वितरण और रेसिपी आधारित पूरक पोषण कार्यक्रम के जरिए लाभार्थियों तक पोषण संदेश पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।

शिक्षक पति विश्वजीत सिंह की 17 नवंबर, 2021 को हार्ट अटैक से मृत्यु के बाद तीन बच्चों की जिम्मेदारी संध्या के कंधों पर आ गई। वह वर्ष 2000 में बसियाखोर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बनीं। इससे पहले अनौपचारिक शिक्षा से जुड़कर गांव के बच्चों को पढ़ाती थीं। आंगनबाड़ी से जुड़कर कुपोषण के विरुद्ध गर्भवती को जागरूक करने से लेकर कुपोषित बच्चों की देखभाल तक वह लगातार सक्रिय हैं।

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