सवाल पूछने पर मंच से चले गए योगी, महिला पत्रकार ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर बदसलूकी का आरोप लगाया
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सवाल पूछती महिला पत्रकार का 30 सेकंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में मुख्यमंत्री सवाल का जवाब दिए बिन…

सौजन्य से:- The Wire - Hindi
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सवाल पूछती महिला पत्रकार का 30 सेकंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में मुख्यमंत्री सवाल का जवाब दिए बिना मंच से जाते हुए दिखाई दे रहे हैं.
इस घटना ने एक बार फिर भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर सवाल खड़े किए हैं. महिला पत्रकार ने बाद में आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके साथ बदसलूकी की.
वीडियो में दिव्या श्रीवास्तव नाम की महिला पत्रकार, जिनके एक समाचार चैनल में काम करने की बात कही जा रही है, मुख्यमंत्री से सवाल करती दिखाई देती हैं. वह कहती हैं, ‘मुख्यमंत्री जी, यह प्रेस कॉन्फ्रेंस है और आप किसी सवाल का जवाब भी नहीं दे रहे हैं. आपने प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों बुलाई? सिर्फ इसलिए कि हम आपकी बात सुनें?’
At UP CM Yogi Adityanath’s press conference pic.twitter.com/qEmYvZ6EJY
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) September 12, 2026
इसके बाद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ और भाजपा के अन्य नेता मंच से जाने लगते हैं. दिव्या अपने मोबाइल फोन से इस पूरे घटनाक्रम को रिकॉर्ड करने की कोशिश करती दिखाई देती हैं.
यह घटना 12 सितंबर 2026 को सेवा संकल्प अभियान को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई. मुख्यमंत्री ने भी इस कार्यक्रम से संबंधित एक पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा की थी.
द वायर ने पहले रिपोर्ट किया था कि भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और असम समेत कई राज्यों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने के लिए सेवा संकल्प अभियान के तहत एक महीने का कार्यक्रम तैयार किया है.
लखनऊ के एक पत्रकार ने द वायर को बताया, ‘आमतौर पर पार्टी कार्यालय में होने वाली ऐसी प्रेस कॉन्फ्रेंस सरकार का पक्ष और पार्टी का संदेश बताने के लिए होती हैं, जहां पत्रकारों के सवाल पूछने की गुंजाइश बहुत कम होती है.’ हालांकि, उन्होंने कहा कि यह स्थिति दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस से अलग है, जहां पार्टी के प्रवक्ता नियमित रूप से पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हैं.
वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक उपाध्याय के साथ अपने इंटरव्यू में, जो उनके यूट्यूब चैनल टॉप सीक्रेट पर प्रसारित हुआ, दिव्या श्रीवास्तव ने घटना के बारे में विस्तार से बताया.
उन्होंने कहा, ‘जब मैंने सवाल पूछने की कोशिश की तो मुख्यमंत्री ने बाय-बाय का इशारा किया और चले गए. इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुझे घेर लिया और मुझसे सवाल करने लगे कि मैं बदसलूकी क्यों कर रही हूं. सवाल पूछने और किसी के साथ बदसलूकी करने में फर्क होता है. मैंने कोई अभद्र भाषा इस्तेमाल नहीं की थी, मैंने सिर्फ मुख्यमंत्री से अपने सवाल का जवाब देने का अनुरोध किया था.’
श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि भाजपा का एक सदस्य, जो पार्टी का प्रवक्ता भी है, उनसे उनका नाम और वह किस चैनल में काम करती हैं, यह पूछता रहा.
उन्होंने कहा, ‘वह 10-12 बार यही पूछता रहा. इस दौरान उसने मुझसे मोबाइल का कैमरा बंद करने के लिए कहा और मेरे मना करने पर मेरे साथ बदसलूकी की.’
इस बीच, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक अन्य वीडियो में श्रीवास्तव उन आरोपों को खारिज करती सुनाई दे रही हैं कि उन्हें राज्य में किसी विपक्षी दल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भेजा था.
वह कहती सुनाई देती हैं, ‘मैं आप सभी को कितनी बार बताऊं कि वहां मुझे किसी विपक्षी नेता ने नहीं भेजा था. क्या भाजपा समर्थक अंधे हैं? मैं कल से यही कह रही हूं कि मेरे मन में कोई प्रचार का उद्देश्य नहीं था, मैं सिर्फ सवाल पूछना चाहती थी.’
द वायर ने इस मामले में उत्तर प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी मनीष दीक्षित से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला था. पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव से भी इस संबंध में उनकी प्रतिक्रिया के लिए संपर्क नहीं हो सका. दोनों में से किसी की ओर से जवाब मिलने पर खबर को अपडेट किया जाएगा.
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