यूपी चुनाव को ध्यान में रखकर तय होंगे राज्यसभा के चेहरे, स्मृति ईरानी समेत दो ब्राह्मणों के नाम की भी चर्चा
यूपी की 10 राज्यसभा सीटों को लेकर चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। माना जा रहा है कि यूपी चुनाव को ध्यान में रखकर चेहरे तय किए जा सकते हैं। इस बार जातीय संतुलन साधने के लिए नये चेहरों को जगह मिल सकती है। लखनऊ: राज्यसभ…

सौजन्य से:- Navbharat Times
यूपी की 10 राज्यसभा सीटों को लेकर चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। माना जा रहा है कि यूपी चुनाव को ध्यान में रखकर चेहरे तय किए जा सकते हैं। इस बार जातीय संतुलन साधने के लिए नये चेहरों को जगह मिल सकती है।
लखनऊ: राज्यसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। पिछली बार की तरह इस बार भी बीजेपी के आठ सदस्य राज्यसभा जा सकते हैं। सवाल यह है कि वे चेहरे कौन होंगे? माना जा रहा है कि अगले साल विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर चेहरे तय होंगे। केंद्र सरकार में मंत्री और कुछ बड़े नाम फिर से रिपीट हो सकते हैं। वहीं, जातीय संतुलन बनाने के लिए कुछ नये चेहरों को जगह मिल सकती है।
ब्राह्मण एक या दो ?
विधायकों की संख्या के आधार पर सात सीटें तो बीजेपी साफ तौर पर जीत सकती है। वहीं, सहयोगी दलों और दूसरी वरीयता के वोट के आधार पर आठवीं सीट भी निकाल सकती है। डॉ. दिनेश शर्मा अंडमान निकोबार द्वीप समूह के उप राज्यपाल बन चुके हैं। उनकी सीट खाली हो रही है। सीमा द्विवेदी की सीट भी खाली हो रही है। हाल ही में राष्ट्रीय महामंत्री बनाए गए हरीश द्विवेदी मजबूत दावेदार हैं। अर्चना मिश्रा की दावेदारी की भी चर्चा है। इन तीनों में से किसी एक या दो ब्राह्मण चेहरे को राज्यसभा भेजा जा सकता है।
रिपीट के साथ कुछ नए दावेदार
हरदीप पुरी और बीएल वर्मा केंद्र सरकार में मंत्री है। अगर इनको केंद्र में आगे भी मंत्रिमंडल में बनाए रखना है तो इनका राज्यसभा जाना तय माना जा रहा है। स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय पदाधिकारी बनाकर फिर से राजनीति में सक्रिय किया गया है। उनको भी राज्यसभा भेजा जा सकता है।
रेखा वर्मा भी मजबूत दावेदार
रेखा वर्मा ओबीसी वर्ग से आती हैं। पहले सांसद रही हैं और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं और मजबूत दावेदार हैं। अब देखना होगा कि ब्रजलाल की जगह किसी और दलित को भेजा जाता है या उनको ही रिपीट किया जाएगा। नीरज शेखर को भी रिपीट किया जा सकता है। अरुण सिंह और गीता शाक्य रिपीट होती हैं या फिर उनकी जगह किसी और को जगह दी जाएगी, यह अभी साफ नहीं है।
लेखक के बारे मेंप्रशांत सिंहप्रशांत सिंह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कंसल्टेंट राइटर हैं। पत्रकारिता में उनका 1.5 साल का अनुभव है। वह अभी उत्तर-प्रदेश और उत्तराखंड टीम का हिस्सा हैं। इससे पहले उन्होंने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, आंध्र-प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब-हरियाणा, गोवा समेत नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों की खबरों पर काम किया। उन्होंने अपने करियर की शुरूआत नवभारत टाइम्स अखबार से की थी।प्रशांत सिंह को देश-विदेश की राजनीति के बारे में लिखना बेहद पसंद है। उन्होंने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को अपनी टीम के साथ कवर किया है। इसके साथ ही उन्हें हिंद-प्रशांत महासागर और वेस्ट एशिया की जियोपॉलिटिक्स को समझने और उस पर लिखने में गहरी दिलचस्पी है।प्रशांत सिंह ने दिल्ली की गुरु गोबिंद सिंह इन्द्रप्रस्थ युनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली की साउथ एशियन यूनिवर्सिटी से अंतर्राष्ट्रीय संबंध में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। उन्होंने अपनी मास्टर्स खत्म होने के बाद मीडिया जगत में कदम रखा।... और पढ़ें
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