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Rain Alert: उत्तर प्रदेश में तीन दिनों तक होगी झमाझम बारिश, इन राज्यों में आसमानी आफत का खतरा

Rain Alert: उत्तर प्रदेश में तीन दिनों तक होगी झमाझम बारिश, इन राज्यों में आसमानी आफत का खतरा मौसम विभाग के ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य महाराष्ट्र में मॉनसून का सबसे अधिक प्रकोप देखा गया,…

livehindustan.com के अनुसार4 अगस्त 2026 को 02:18 pm बजे
Rain Alert: उत्तर प्रदेश में तीन दिनों तक होगी झमाझम बारिश, इन राज्यों में आसमानी आफत का खतरा

सौजन्य से:- livehindustan.com

Rain Alert: उत्तर प्रदेश में तीन दिनों तक होगी झमाझम बारिश, इन राज्यों में आसमानी आफत का खतरा

मौसम विभाग के ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य महाराष्ट्र में मॉनसून का सबसे अधिक प्रकोप देखा गया, जहां 21 सेमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन में कहा है कि अगले दो दिन देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। IMD ने देश के विभिन्न हिस्सों में मॉनसून की सक्रियता को देखते हुए एक गंभीर चेतावनी भी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि अगले दो दिनों के दौरान उत्तर-पूर्व और उससे सटे पूर्वी भारत में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। विशेष रूप से, असम और मेघालय में 04 और 05 अगस्त को 'अत्यधिक भारी' बारिश (21 सेमी से अधिक) होने का अनुमान लगाया गया है।

मौसम विभाग ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में भी दक्षिण-पश्चिम मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बीते 24 घंटों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी मध्यम से भारी बारिश हुई। इसके साथ ही IMD ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।

उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ बौछार

मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगभग सभी स्थानों पर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इसके अलावा 5 और 6 अगस्त को प्रदेश के दोनों उप-भागों में अधिकांश स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं। इसके बाद 7 अगस्त से वर्षा की गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना है। मौसम विभाग ने मंगलवार (4 अगस्त ) को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं वज्रपात और भारी वर्षा और पूर्वी उत्तर प्रदेश में वज्रपात के साथ कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।

पिछले 24 घंटों का हाल: महाराष्ट्र में बरसी आफत

मौसम विभाग के ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य महाराष्ट्र में मॉनसून का सबसे अधिक प्रकोप देखा गया, जहां 21 सेमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इसमें सतारा जिले के महाबलेश्वर में सबसे ज्यादा 22 सेमी बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, मेघालय और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई है।

पूर्वोत्तर में कैसा रहेगा मौसम?

IMD ने अगले कुछ दिनों में पूर्वोत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में गरज के साथ अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताया है, जिससे इन दोनों राज्यों की सीमा से लगे असम के कई जिले प्रभावित हो सकते हैं। मौसम कार्यालय ने कहा, ''मौसम के मिजाज से संकेत मिलता है कि मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स, पश्चिमी जैंतिया हिल्स और पूर्वी जैंतिया हिल्स तथा अरुणाचल प्रदेश के पापुमपारे, कुरुंग कुमेय, पूर्व कामेंग, पूर्व सियांग, लोहित और चांगलांग जिलों में अधिकतर स्थानों पर गरज-चमक के साथ अत्यधिक भारी बारिश (ऑरेंज और रेड अलर्ट) का अनुमान है। इसका असर असम के पड़ोसी जिलों पर पड़ सकता है।'' मौसम विभाग ने नगालैंड के अधिकतर हिस्सों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे असम के चराईदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट जिले प्रभावित हो सकते हैं। बता दें कि असम पहले से ही बाढ़ से त्राहिमाम कर रहा है। बाढ़ के कारण दो और लोगों की मौत होने के साथ ही, मंगलवार को असम में इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 87 हो गई है।

आकस्मिक बाढ़ (Flash Flood) की चेतावनी

मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के दौरान कई राज्यों के लिए आकस्मिक बाढ़ (Flash Flood) का खतरा जताया है। असम और मेघालय के कोकराझार, कामरूप और पूर्वी खासी हिल्स जैसे जिलों के साथ-साथ उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के दार्जिलिंग व जलपाईगुड़ी में अगले 24 घंटों के दौरान मध्यम जोखिम की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा IMD ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश के शिमला, सिरमौर और उत्तराखंड के देहरादून व नैनीताल जैसे पहाड़ी जिलों में भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

दिल्ली-एनसीआर: छाए रहेंगे बादल, होगी बारिश

मौसम विभाग ने कहा है कि देश की राजधानी में अगले 4 दिनों तक आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। दिल्ली में आज दोपहर से शाम के बीच हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं भारी बारिश होने की भी संभावना है। इस दौरान तापमान 31°C से 33°C के बीच रहने का अनुमान है, जो सामान्य से कम रहेगा। इस बीच, मंगलवार को हरियाणा और पंजाब के कई इलाकों में बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस भरे मौसम से राहत मिली है। मौसम विभाग ने कहा है कि 4-6 अगस्त के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली-एनसीआर और पंजाब में बारिश होने की संभावना है।

बिहार-झारखंड में कैसा रहेगा मौसम?

IMD ने कहा है कि बिहार और झारखंड में भी आने वाले दिनों में मॉनसून सक्रिय रहेगा और भारी बारिश की संभावना है। झारखंड में पिछले 24 घंटों के दौरान बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई है, जिसमें गोड्डा में सबसे अधिक 18 सेमी बारिश हुई। इसके साथ ही विभाग ने कहा है कि राज्य में 4 से 8 अगस्त तक और फिर 10 अगस्त को व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 4 से 8 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार के लिए जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि 4 से 6 अगस्त तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में व्यापक बारिश होने का अनुमान है। विशेष रूप से 4 और 6 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। IMD ने 5 अगस्त को राज्य में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है। IMD के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में राज्य में भारी बारिश (7-11 सेमी) रिकॉर्ड की गई है, जिसमें अररिया में 11 सेमी बारिश दर्ज हुई है। विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी बिहार और उसके आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडल स्तर (lower tropospheric levels) पर एक चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulation) बना हुआ है, जिसकी वजह से भारी बारिश होने की संभावना है।

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लेखक के बारे में

Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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