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बिना PUC नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल! गाजियाबाद और लोनी में प्रदूषण रोकने के लिए मुख्यमंत्री योगी के कड़े आदेश - cm yogi reviews loni pollution orders action on illegal factories

बिना PUC नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल! गाजियाबाद और लोनी में प्रदूषण रोकने के लिए मुख्यमंत्री योगी के कड़े आदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने यूपी-एनसीआर में प्रदूषण पर समीक्षा बैठक की। लोनी में अ…

jagran.com के अनुसार18 सितंबर 2026 को 09:04 pm बजे
बिना PUC नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल! गाजियाबाद और लोनी में प्रदूषण रोकने के लिए मुख्यमंत्री योगी के कड़े आदेश
 - cm yogi reviews loni pollution orders action on illegal factories

सौजन्य से:- jagran.com

बिना PUC नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल! गाजियाबाद और लोनी में प्रदूषण रोकने के लिए मुख्यमंत्री योगी के कड़े आदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने यूपी-एनसीआर में प्रदूषण पर समीक्षा बैठक की। लोनी में अवैध फैक्ट्रियों पर ...और पढ़ें

-प्रदूषण को लेकर लखनऊ में मुख्यमंत्री और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने की समीक्षा बैठक

- बैठक में जिलाधिकारी, यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी, नगरायुक्त, जीडीए वीसी समेत विभिन्न अधिकारी वर्चुअल जुड़े

- मुख्यमंत्री ने विभिन्न आदेश जारी कर ठोस योजना बनाकर कार्रवाई के दिए आदेश

जागरण संवाददाता, साहिबाबाद : यूपी-एनसीआर में प्रदूषण को लेकर लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने समीक्षा बैठक की। इसमें जिलाधिकारी, यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी, नगरायुक्त, जीडीए वीसी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी वर्चुअल जुड़े। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लोनी में अवैध फैक्ट्रियों पर कार्रवाई तेज करने के आदेश दिए। वहीं, क्षेत्रीय अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि छह माह में करीब 400 अवैध फैक्ट्रियों को सील किया गया है।

स्विस वायु गुणवत्ता प्रौद्योगिकी की कंपनी आइक्यू एयर की वर्ष 2025 की रिपोर्ट में लोनी विश्व में सबसे प्रदूषित क्षेत्र रहा था। यहां का पीएम 2.5 का औसत 112.5 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया था। विश्व में सबसे अधिक प्रदूषित रहने के बाद ही सभी की नजर लोनी पर टिकी हुई हैं। क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि लोनी में सबसे बड़ा कारण अवैध फैक्ट्रियां ही हैं। वायु प्रदूषण फैलानी वालीं फैक्ट्रियों पर कार्रवाई तेजी से की जाएगी। खासकर अवैध फैक्ट्रियों पर नजर रहेगी। इसके लिए चार विशेष टीम भी गठित की जाएंगी। इसके अलावा नगर पालिका अधिक प्रदूषित इलाकों में पानी का छिड़काव कराएगी।

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30 सितंबर तक लगाने होंगे वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण :

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी फैक्ट्रियों में आनलाइन सतत अपशिष्ट निगरानी सिस्टम (ओसीईएमएस) लगाने के आदेश दिए थे। 31 जनवरी तक लगवाने के आदेश दिए थे। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने करीब 277 फैक्ट्रियों को चिह्नित किया था। इनमें से जिन 11 फैक्ट्रियों ने ओसीईएमएस नहीं लगाए हैं उन्हें बंद करा दिया गया है। इसके अवाला जिन फैक्ट्रियों से 50 मिलीग्राम से अधिक प्रदूषण निकल रहा है। मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि उन्हें 30 सितंबर तक ओसीईएमएस पर वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण लगाने होंगे, जिससे प्रदूषण का स्तर कम हो सके। इनकी संख्या करीब 45 है। पालन नहीं करने पर बंद करने के आदेश जारी किए जाएंगे।

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चार्जिंग स्टेशन और ई-वाहन बढ़ाने के आदेश :

मुख्यमंत्री ने प्रदूषण रोकथाम के लिए जिले में ई-वाहन और चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए कहा। इसके लिए योजना बनाकर कार्य करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे प्रदूषण में गिरावट आने की सबसे ज्यादा रहेगी।

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नो पीओसी नो फ्यूल :

जिन वाहनों के पास पीओसी नहीं है उन्हें पेट्रोल नहीं दिया जाए। इसके लिए स्थानीय अधिकारी आदेश जारी करें। इसके बाद भी अगर पंप संचालक मनमानी कर पेट्रोल-डीजल दें तो उन्हें बंद करें।

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इन बिंदुओं पर भी कार्य करने के आदेश :

-जाम वाले इलाकों में पुलिसकर्मी बढ़ाए जाएं।

-संबंधित विभाग टूटी सड़कों की ग्रेप लागू होने से पहले मरम्मत कराएं।

-संबंधित विभाग अपने-अपने इलाकों पानी का छिड़काव कराएं।

-सोसायटी कूड़े का निस्तारण करें।

-हाटस्पाट की विशेष निगरानी।

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वर्जन-

मुख्यमंत्री की बैठक में सभी विभागों के अधिकारी जुड़े थे। जो भी आदेश दिए गए हैं सभी अपना-अपना कार्य कराएंगे। यूपीपीसीबी प्रदूषण फैलाने वालों की निगरानी और कार्रवाई करेगा।

-अंकित सिंंह, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी।

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राहुल कुमार

- बैठक में जिलाधिकारी, यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी, नगरायुक्त, जीडीए वीसी समेत विभिन्न अधिकारी वर्चुअल जुड़े

- मुख्यमंत्री ने विभिन्न आदेश जारी कर ठोस योजना बनाकर कार्रवाई के दिए आदेश

जागरण संवाददाता, साहिबाबाद : यूपी-एनसीआर में प्रदूषण को लेकर लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने समीक्षा बैठक की। इसमें जिलाधिकारी, यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी, नगरायुक्त, जीडीए वीसी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी वर्चुअल जुड़े। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लोनी में अवैध फैक्ट्रियों पर कार्रवाई तेज करने के आदेश दिए। वहीं, क्षेत्रीय अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि छह माह में करीब 400 अवैध फैक्ट्रियों को सील किया गया है।

स्विस वायु गुणवत्ता प्रौद्योगिकी की कंपनी आइक्यू एयर की वर्ष 2025 की रिपोर्ट में लोनी विश्व में सबसे प्रदूषित क्षेत्र रहा था। यहां का पीएम 2.5 का औसत 112.5 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया था। विश्व में सबसे अधिक प्रदूषित रहने के बाद ही सभी की नजर लोनी पर टिकी हुई हैं। क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि लोनी में सबसे बड़ा कारण अवैध फैक्ट्रियां ही हैं। वायु प्रदूषण फैलानी वालीं फैक्ट्रियों पर कार्रवाई तेजी से की जाएगी। खासकर अवैध फैक्ट्रियों पर नजर रहेगी। इसके लिए चार विशेष टीम भी गठित की जाएंगी। इसके अलावा नगर पालिका अधिक प्रदूषित इलाकों में पानी का छिड़काव कराएगी।

30 सितंबर तक लगाने होंगे वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण :

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी फैक्ट्रियों में आनलाइन सतत अपशिष्ट निगरानी सिस्टम (ओसीईएमएस) लगाने के आदेश दिए थे। 31 जनवरी तक लगवाने के आदेश दिए थे। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने करीब 277 फैक्ट्रियों को चिह्नित किया था। इनमें से जिन 11 फैक्ट्रियों ने ओसीईएमएस नहीं लगाए हैं उन्हें बंद करा दिया गया है। इसके अवाला जिन फैक्ट्रियों से 50 मिलीग्राम से अधिक प्रदूषण निकल रहा है। मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि उन्हें 30 सितंबर तक ओसीईएमएस पर वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण लगाने होंगे, जिससे प्रदूषण का स्तर कम हो सके। इनकी संख्या करीब 45 है। पालन नहीं करने पर बंद करने के आदेश जारी किए जाएंगे।

चार्जिंग स्टेशन और ई-वाहन बढ़ाने के आदेश :

मुख्यमंत्री ने प्रदूषण रोकथाम के लिए जिले में ई-वाहन और चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए कहा। इसके लिए योजना बनाकर कार्य करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे प्रदूषण में गिरावट आने की सबसे ज्यादा रहेगी।

नो पीओसी नो फ्यूल :

जिन वाहनों के पास पीओसी नहीं है उन्हें पेट्रोल नहीं दिया जाए। इसके लिए स्थानीय अधिकारी आदेश जारी करें। इसके बाद भी अगर पंप संचालक मनमानी कर पेट्रोल-डीजल दें तो उन्हें बंद करें।

इन बिंदुओं पर भी कार्य करने के आदेश :

-जाम वाले इलाकों में पुलिसकर्मी बढ़ाए जाएं।

-संबंधित विभाग टूटी सड़कों की ग्रेप लागू होने से पहले मरम्मत कराएं।

-संबंधित विभाग अपने-अपने इलाकों पानी का छिड़काव कराएं।

-सोसायटी कूड़े का निस्तारण करें।

-हाटस्पाट की विशेष निगरानी।

वर्जन-

मुख्यमंत्री की बैठक में सभी विभागों के अधिकारी जुड़े थे। जो भी आदेश दिए गए हैं सभी अपना-अपना कार्य कराएंगे। यूपीपीसीबी प्रदूषण फैलाने वालों की निगरानी और कार्रवाई करेगा।

-अंकित सिंंह, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी।

राहुल कुमार

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