प्रयागराज में टोंस-बेलन के बाढ़ का पानी उतरने पर भी राहत नहीं, अब ग्रामीणों की बढ़ीं दुश्वारियां; फैली गंदगी और उठ रही दुर्गंध - prayagraj tons belan flood aftermath silt stench and damage crops
प्रयागराज में टोंस-बेलन के बाढ़ का पानी उतरने पर भी राहत नहीं, अब ग्रामीणों की बढ़ीं दुश्वारियां; फैली गंदगी और उठ रही दुर्गंध प्रयागराज में टोंस और बेलन नदियों का जलस्तर घटने के बावजूद बाढ़ प्रभावित गांवों में ग्रामीणों…

सौजन्य से:- Jagran
प्रयागराज में टोंस-बेलन के बाढ़ का पानी उतरने पर भी राहत नहीं, अब ग्रामीणों की बढ़ीं दुश्वारियां; फैली गंदगी और उठ रही दुर्गंध
प्रयागराज में टोंस और बेलन नदियों का जलस्तर घटने के बावजूद बाढ़ प्रभावित गांवों में ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ गई ...और पढ़ें
HighLights
- सेहन से लेकर घरों के अंदर तक जमा सिल्ट
- सैकड़ों बीघा धान की फसल हुई बर्बाद, दुर्गंध फैली।
जागरण टीम, प्रयागराज। उफना रही टोंस और बेलन नदी में जलस्तर घटने लगा है। टोंस नदी में खतरे का निशान 84 मीटर तो बेलन में 102.80 मीटर पर है। गुरुवार की शाम चार बजे तक टोंस 85.31 मीटर पर बह रही थी। जबकि, बेलन का जलस्तर 101.56 मीटर पहुंच गया था। यमुनापार के 30 गांवों में 250 परिवार बेघर हो गए थे। शुक्रवार की शाम टोंस 83.96 और बेलन नदी 100.22 मीटर पर पहुंच गई। फिर भी राहत नहीं मिली।
कई दिनों तक पानी में डूबे खेत, खलिहान और मकान तो बाढ़ के प्रभाव से मुक्त होने लगे हैं, अब दुश्वारियां सामने आ रहीं हैं। मेजा प्रतिनिधि के मुताबिक बाढ़ प्रभावित कोना गांव में पानी घटने के बाद दुर्गंध और गंदगी की समस्या बढ़ गई है। शिवलाल निषाद, अगमलाल, मिश्रीलाल, जगदीश, सूबेदार, अरुण, ननके ने कहा कि बाढ़ से गृहस्थी का तमाम सामान बर्बाद हो गया है। सिंहपुर-कोना मार्ग पर अभी भी करीब दो फीट पानी भरा है।
करछना प्रतिनिधि के अनुसार खपटिहा गांव में टोंस का पानी घटने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। जब बाढ़ की चपेट में रहे घरों को देखा तो परेशान हो गए। जितेंद्र कुमार, पन्नालाल और विक्रम ने बताया कि जैसे-तैसे गृहस्थी बचा ली थी, लेकिन कच्चे घरों में रखा भूसा खराब हो गया।
सहन से लेकर घर के अंदर तक कीचड़ ही कीचड़ है। बाढ़ पीड़ित यह सोंच कर चिंतित थे कि इसे साफ कैसे किया जाए। कोहराड़ प्रतिनिधि के मुताबिक कोहड़ार, पुराना डीह व इसौटा में घरों में रखे गेहू व चावल और खेतों में खड़ी फसलों को टोंस के पानी से भारी नुकसान हुआ।
हर तरफ गंदगी, आवागमन का संकट
शंकरगढ़ क्षेत्र के सतपुरा गांव में बाढ़ का पानी अब कम होने के बाद अब हर तरफ गंदगी और कीचड़ का अंबार लगा है। वहीं, सड़क कट जाने से आवागमन की भी समस्या है। सतपुरा के प्रदीप मिश्रा और देवरा के रत्नाकर सिंह ने बताया कि दूसरी समस्याओं के साथ सबसे बड़ी दिक्कत ग्रामीणों के सामने पेयजल की है। कुएं और हैंडपंप दूषित हो गए हैं।
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