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पीएम मोदी, गृहमंत्री और सीएम योगी के खिलाफ पुनर्विचार याचिका खारिज, प्रयागराज कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर ठोका जुर्माना - prayagraj court dismisses petition against pm modi shah yogi

पीएम मोदी, गृहमंत्री और सीएम योगी के खिलाफ पुनर्विचार याचिका खारिज, प्रयागराज कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर ठोका जुर्माना प्रयागराज की अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और सीएम योगी आदित्यनाथ सहित अन्य…

Jagran के अनुसार21 सितंबर 2026 को 10:04 pm बजे
पीएम मोदी, गृहमंत्री और सीएम योगी के खिलाफ पुनर्विचार याचिका खारिज, प्रयागराज कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर ठोका जुर्माना - prayagraj court dismisses petition against pm modi shah yogi

सौजन्य से:- Jagran

पीएम मोदी, गृहमंत्री और सीएम योगी के खिलाफ पुनर्विचार याचिका खारिज, प्रयागराज कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर ठोका जुर्माना

प्रयागराज की अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और सीएम योगी आदित्यनाथ सहित अन्य के खिलाफ ...और पढ़ें

HighLights

- पीएम मोदी, अमित शाह, सीएम योगी के खिलाफ याचिका खारिज।

- अधिवक्ता राकेश नाथ पांडेय पर 50 हजार का जुर्माना।

- राजनीतिक असहमति आपराधिक कानून का आधार नहीं।

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ समेत अन्य के खिलाफ दाखिल आपराधिक पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी। अदालत ने याचिकाकर्ता अधिवक्ता राकेश नाथ पांडेय पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

प्रभारी सत्र न्यायाधीश जयेंद्र कुमार ने कहा कि केवल राजनीतिक या संवैधानिक असहमति के आधार पर आपराधिक कानून की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकती। याचिका में लगाए गए आरोपों से कोई आपराधिक अपराध बनता नहीं दिखता। संवैधानिक पद की शपथ के कथित उल्लंघन को भी आपराधिक मामला बनाने का आधार नहीं माना जा सकता।

मामला एसीजेएम (एमपी/एमएलए कोर्ट) के उस आदेश के खिलाफ दाखिल पुनर्विचार याचिका से संबंधित था, जिसमें मूल शिकायत खारिज कर दी गई थी। याचिकाकर्ता ने 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में राममंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में प्रधानमंत्री की भागीदारी और भाषण पर सवाल उठाए थे।

चुनावी रैलियों में सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया था। अदालत ने निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखते हुए जुर्माना 30 दिन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा करने का निर्देश दिया है।

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