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गंगा-यमुना का रौद्र रूप, कई घरों में पहुंचा पानी: प्रयागराज में नागवासुकी मंदिर की सीढ़ियां डूंबी, मुख्य द्वार बंद; जलपुलिस कर रही अलर्ट - Prayagraj (Allahabad) News

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Dainik Bhaskar के अनुसार2 सितंबर 2026 को 01:31 pm बजे
गंगा-यमुना का रौद्र रूप, कई घरों में पहुंचा पानी:  प्रयागराज में नागवासुकी मंदिर की सीढ़ियां डूंबी, मुख्य द्वार बंद; जलपुलिस कर रही अलर्ट - Prayagraj (Allahabad) News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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गंगा-यमुना का रौद्र रूप, कई घरों में पहुंचा पानी:प्रयागराज में नागवासुकी मंदिर की सीढ़ियां डूंबी, मुख्य द्वार बंद; जलपुलिस कर रही अलर्ट

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प्रयागराज में गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। गंगा तट पर स्थित प्राचीन नागवासुकी मंदिर की सीढ़ियों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने के बाद मंदिर का मुख्य द्वार पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

मंदिर के सामने रिवरफ्रंट रोड के किनारे बने कई मकान भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इन घरों में करीब 5 से 6 फीट तक पानी भर गया है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

जल पुलिस की ओर से लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।

शहर के निचले इलाके में पहुंचा बाढ़ का पानी

बाढ़ का पानी अब शहर के निचले इलाकों में तेजी से पहुंच रहा है। जल पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी टीमें तैनात कर दी हैं। पुलिसकर्मी लगातार प्रभावित इलाकों में निगरानी कर रहे हैं और लोगों को सतर्क कर रहे हैं। जल पुलिस के मुताबिक निचले इलाकों में बढ़ते जलस्तर पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है, ताकि स्थिति बिगड़ने पर तत्काल राहत और बचाव की कार्रवाई की जा सके।

नागवासुकी मंदिर के ठीक सामने गंगा किनारे बनी रिवरफ्रंट रोड के आसपास भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। सड़क के किनारे बने मकानों में कई फीट पानी भरने से लोगों के सामने घर छोड़ने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की स्थिति बन गई है। गंगा का पानी लगातार आसपास के निचले क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले रहा है।

50 से अधिक गांवों के रास्ते प्रभावित

प्रयागराज में गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर के बीच शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। 50 से अधिक गांवों के रास्ते प्रभावित हुए हैं। सोनौटी , झूंसी और आसपास के कछारी इलाकों में कई गांवों तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है।

वहीं नवाबगंज के कछारी इलाकों में भी कई गांव प्रभावित हैं। इससे ग्रामीणों के आवागमन के साथ-साथ खेती पर भी असर पड़ा है।

शहर के राजापुर, बेली कछार, छोटा बघाड़ा, बड़ा बघाड़ा, गोविंदपुर और कैलाशपुरी समेत कई निचले इलाकों में पानी घरों तक पहुंच चुका है। कई जगहों पर संपर्क मार्ग और सड़कों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है।

खतरे के निशान के करीब गंगा-यमुना

2 सितंबर 2026 को सुबह 8 बजे दर्ज आंकड़ों के मुताबिक प्रयागराज में बाढ़ का खतरे का निशान 84.734 मीटर है। नैनी में यमुना का जलस्तर 82.20 मीटर, फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 82.86 मीटर, छतनाग में 81.87 मीटर और एसटीपी बक्शी बांध पर जलस्तर 82.40 मीटर दर्ज किया गया है।

पिछले 24 घंटे में जलस्तर में मामूली उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। हालांकि सभी बांध फिलहाल सुरक्षित बताए गए हैं, लेकिन बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है।

जल पुलिस ने निगरानी बढ़ाई

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जल पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है। लोगों को बाढ़ के पानी में अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। निचले और तटीय इलाकों में पुलिस टीमें लोगों को अलर्ट कर रही हैं। प्रशासन की नजर जलस्तर पर बनी हुई है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।

लगातार बारिश और गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर के कारण प्रयागराज में बाढ़ का खतरा फिलहाल बरकरार है। खासकर नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

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